🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 न┤_★__
तुम अक्सर पूछती हो न कि क्या
अहमियत है तुम्हारी.?
तो सुनो मैं एक सूखा हुआ शजर
था, जिसे अपनी ही छाँव से डर
लगता था,
मेरी जड़ों में खारापन था और रूह
में सिर्फ़ एक ख़ामोश पतझड़,
फिर तुमने छुआ और मेरी रगों में
लहू नहीं, वसंत दौड़ने लगी,
तुम मेरी अहमियत मत पूछो, तुम
बस ये देखो कि, तुम्हारी एक
छुअन ने,
मेरे अंदर के उस मरे हुए इंसान
को फिर से ज़िंदा कर दिया है,
तुम वो नमी हो, जिसके बिना मैं
रेत हो जाता,
तुम वो रोशनी हो, जिसके बिना
मेरा हर रास्ता अँधेरा था,
जब तुम पूछती हो कि मैं कौन हूँ
तो मुझे लगता है कि,
तुम अपनी ही दी हुई साँसों का
हिसाब माँग रही हो,
तुम सिर्फ़ मोहब्बत नहीं हो, तुम
वो वजह हो जिसने मुझे ख़ुद से
मिलवाया है,
अब कभी मत पूछना अपनी
जगह, क्योंकि आइना चेहरा तो
दिखा सकता है,
पर वो रूह नहीं जो तुम्हारी रूह
में घुल चुकी है...😌🫶❤️
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#Zakhmi -E-Zubani..✍🏼
#LoVeAaShiQ_SinGh ☜
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