🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
खुलूस-ओ-प्यार की बातें ये सबसे
मत किया करो,
जहाँ बुनियाद खोखली हो, वहाँ
सजदा मत किया करो,
उगेगा ज़हर ही उस पेड़ से जिसकी
जड़ें हों ज़हरी,
बबूलों से ही पूछा है, ये काँटा
किसका पोसा है.?
चमकते पत्थरों को देख कर तुम
मात मत खाना,
कि हीरा कौन है, ये तो सिर्फ
जौहरी को पता है,
रगों का खोट चेहरे की चमक से
छुप नहीं सकता,
बद-नस्लों की महफिल में, वफ़ा
ढूँढा मत किया करो,
दिखावे की शराफत तो सिर्फ एक
ओढ़नी ठहरी,
लहू जब तक न हो पाकीज़ा,
भरोसा मत किया करो,
वो अपनी ज़ात की कड़वाहट उगल
ही देंगे महफिल में,
साँप के बच्चों से तुम शक्कर की
उम्मीद मत किया करो,
विरासत में मिली है ये जो नीचता
की आदत इन्हें,
बदल जाएगी ये फितरत, ये गलत
फहमी मत पाला करो…🤏🔥
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♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh ☜
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