Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

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New bites

अगर एकांतप्रेमी अधिक समय भी भीड़ में रेहले तो उसे घुटन होने लगती है.. ❤‍🩹

desaipragati1108gmail.com102305

सभी लड़कों के लिए एक जरूरी संदेश – सावधान रहें, समझदार बनें
आज के समय में हर लड़की गलत नहीं होती, लेकिन यह भी सच्चाई है कि कुछ रिश्ते प्यार से नहीं, फायदे से शुरू होते हैं।
कई मामलों में देखा गया है कि जैसे ही किसी लड़के के पास
– अच्छी नौकरी होती है,
– सरकारी जॉब होती है,
– या प्रॉपर्टी / पैसा होता है,
कुछ लड़कियाँ जानबूझकर नज़दीकियाँ बढ़ाती हैं, मीठी बातें करती हैं, भरोसा जीतती हैं, और फिर परिवार के दबाव से शादी की स्थिति बना दी जाती है।
कभी-कभी इसमें लड़की से ज्यादा उसके माता-पिता की योजना होती है – ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो जाए, खर्च कम हो जाए और घर बैठी बेटी का सेटलमेंट हो जाए।
इसलिए:
• सिर्फ मीठी बातों पर भरोसा न करें
• जल्दी इमोशनल न हों
• परिवार से छुपाकर बड़े फैसले न लें
• रिश्ते में समय लें, इंसान को परखें
• और यह जरूर देखें कि सामने वाला आपको इंसान समझता है या मौका
यह संदेश किसी लड़की को बदनाम करने के लिए नहीं है,
बल्कि लड़कों को सतर्क और सुरक्षित रखने के लिए है।
प्यार करें – लेकिन आंखें खुली रखकर।

archanalekhikha

अदाओं और वफाओं का ज़माना गया,
सिक्कों की ख़नक बताती है कि रिश्ता कितना मज़बूत है..!!!

dipika9474

અપેક્ષા ઓછી રાખી
તો મન હળવું બન્યું,
કોઈ ન આવે તોય
દિલ ખાલી ન લાગ્યું.

જે મળ્યું એ સ્વીકારી લીધું,
તો દુઃખ પોતે ઓગળી ગયું,
શાંતિ ક્યાંય શોધવી ન પડી,
એ તો મનમાં જ મળી.
,(અપેક્ષા ઓછી રાખો, શાંતિ જાતે આવશે.
જ્યાં અપેક્ષા નથી, ત્યાં ફરિયાદ પણ નથી.)
DHAMAK

heenagopiyani.493689

घर में सभी वेजीटेरियन होने के बावजूद बच्चे नॉन-वेज खाने की डिमांड करें तब क्या करें? माता-पिता होने के नाते बच्चों को कैसे समझाएँ? आइए जानें पूज्यश्री से कि ऐसी परिस्थियों में बच्चों से कैसे डील करें।

Watch here: https://youtu.be/Y6g_HeeWvjk

#trending #parentingtips #parenting #spirituality #DadaBhagwanFoundation

dadabhagwan1150

✤┈SuNo ┤_★_🦋
बाजार बन गई है ये दुनिया, व्यापार
                चल रहा है,

चेहरों पे मुखौटा है, अंदर कुछ और
                पल रहा है,

लोग हाथ मिलाने आते हैं तो बस
          हैसियत को देखकर,

इंसानियत का सूरज अब, पश्चिम में
                ढल रहा है,

रिश्तों  की  डोर  अब  भरोसे  की
           मोहताज नहीं रही,

हर शख्स यहाँ फायदे का, रास्ता
                बदल रहा है,

मत ढूंढना यहाँ वो पुरानी निस्वार्थ
                 मोहब्बतें,

अब तो दुआओं में भी, कोई सौदा
              मचल रहा है,

कहने को सब अपने हैं बस जरूरत
                की बात है,

बिन मतलब के यहाँ, कौन किसके
      साथ चल रहा है..🥀💯?
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥
        #𝐉𝐀𝐈_𝐒𝐇𝐑𝐄𝐄_𝐑𝐀𝐌 .🚩
   🟣 𝗚𝗢𝗢𝗗 𝗠𝗢𝗥𝗡𝗜𝗡𝗚 🟣
  ❙❙❘❘🌸 हर हर 🔱 महादेव 🌸❘❘❙❙
╭─❀🥺⊰╯ 
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥
 ☞#motivatforself 😊°  
⎪⎨➛•ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी°☜⎬⎪   
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥

loveguruaashiq.661810

रिकालिस्ट्स ...

हम अपने आप को इसी नाम से पुकारते है- रिकालिस्ट्स। हम रिकालिस्ट्स है।

हम रिकालिस्ट्स भारत के वे साधारण नागरिक है जो यह मानते है कि, नागरिको को प्रधानमन्त्री एवं मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड एवं ट्विट भेजकर यह आदेश भेजना चाहिए कि भारत में वोट वापसी प्रक्रियाएं लागू करने के लिए जूरी कोर्ट एवं अन्य आवश्यक क़ानून ड्राफ्ट प्रकाशित किये जाए प्रकाशित किये जाए, ताकि भारत के नागरिक जरूरत पड़ने पर प्रधानमन्त्री, सुप्रीम कोर्ट जज, रिजर्व बैंक गवर्नर, लोकपाल आदि को नौकरी से निकालने के लिए अपनी स्वीकृति दर्ज कर सके। भारत में हम रिकालिस्ट्स 1925 से यह मांग कर रहे है।

अहिंसामूर्ती महात्मा चन्द्रशेखर आजाद एवं अहिंसामूर्ती महात्मा सचिन्द्र नाथ सान्याल ने 1925 में अपनी संस्था 'हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिक एसोशिएसन' के घोषणा पत्र में कहा था कि -

हम जिस गणराज्य की स्थापना करना चाहते है, उसमे नागरिको के पास वोट वापिस लेने का अधिकार होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो लोकतंत्र एक मजाक बन कर रह जाएगा।

(Reference: tinyurl.com/HsraManifesto)

*भारत के इतिहास में सबसे बड़े आंदोलन/क्रांति की मेनिफेस्टो बुक Amazon, Flipkart व Notion press में जाहिर हो चुकी है कृपया आप इसे लिंक से खरीद ले* 👇🔥🇮🇳

सूचना : *वोटवापसी जूरी खंबा आंदोलन(राईट टू रिकॉल पार्टी इसका एक हिस्सा है)का राष्ट्रिय घोषणा पत्र* अब अमेजन, फ्लिपकार्ट एवं नोशन प्रेस पर पेपर बेक संस्करण में उपलब्ध है :
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पुस्तक का नाम - " *वोट वापसी धन वापसी* "
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भाग - 1 ; 192 पृष्ठ , भाग - 2 ; 200 पृष्ठ
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(1) Notion press store :
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Discount coupon code : RECALLIST
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वोट वापसी धन वापसी भाग -1
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https://notionpress.com/read/vote-vapsi-dhan-vapasi-part-1
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वोट वापसी धन वापसी भाग - 2
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https://notionpress.com/read/vote-vapasi-dhan-vapasi-part-2
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(2) अमेजन :
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भाग -1 : https://www.amazon.in/dp/B09NM3L3MG/ref=cm_sw_r_apan_glt_i_XGRT0J3BJ68G2XJTVWD0?fbclid=IwAR3I-AoOMea5Ox891B4UMOUuDvnkcCZfA91LJeoVJS_2CMfOw_HTWu4GpF8
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भाग - 2 : https://www.amazon.in/dp/B09NM6MK6J/ref=cm_sw_r_apan_glt_i_7XC3G3J5BJCGS472Z1FX?fbclid=IwAR1WwF5er71QB7X1BGSIKiO6aP_u2j3UtbdqHwC_81XNN_5XTiGNVc2fxDs
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फ्लिपकार्ट :
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भाग 1 : https://dl.flipkart.com/s/WKEjIiNNNN
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भाग 2 : https://dl.flipkart.com/s/lMwrEpuuuN
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पीडीऍफ़ डाउनलोड - tinyurl.com/SolutionRTR
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sonukumai

🙏🙏सुप्रभात 🙏🙏
🌹 आपका दिन मंगलमय हो 🌹

sonishakya18273gmail.com308865

मानसिक शांती

girish1

✨️​સૌંદર્યનું નજરાણુ✨️

​તારા સ્મિતમાં છુપાયેલું છે એક આખું આકાશ,
તારી આંખોમાં દેખાય છે અમીનો ઉજાસ.
કુદરતે ઘડ્યું છે તને ફુરસદના પળે,
જાણે કવિની કલ્પના સાકાર થઈને મળે.
​રૂપ તારું નીખરે છે લજ્જાના શણગારમાં,
એક અનોખી ચમક છે તારા આ અંદાજમાં.
સૌંદર્ય અને શક્તિનો આ સુંદર સંગમ છે,
તારા વ્યક્તિત્વમાં વસેલો એક આત્મવિશ્વાસનો દમ છે.
​શાલીનતા અને લાવણ્યની તું મૂરત લાગે છે,
તારા હોઠો પરનું સ્મિત કોઈ ગઝલ જેવું જાગે છે.

krunalmevada1

राना लिधौरी'के हिंदी- दोहे नृत्य

मधुवन में जब कर रहे,मधुर नृत्य गोपाल।
सँग में नाचे राधिका, होते सभी निहाल।।

जहाँ नृत्य में भाव हो,बजते घुँघरु खूब।
साथी बनते एक से,दिखते सब महबूब।।

नृत्य कला प्राचीन है,नाच गए नटराज।
बहुत हुआ विख्यात है,दिखे न बैसा आज।।

सुंदर गायन कंठ से,हो घुँघरु की तान।
पैर नृत्य तब कर उठे,बूड़े और जवान।।

नृत्य कला सरकार भी,दे संरक्षण आज।
गुरू घराना चल रहे,रखें देश की लाज।।
***
✍️ राजीव नामदेव"राना लिधौरी"
           संपादक "आकांक्षा" पत्रिका
संपादक-'अनुश्रुति'त्रैमासिक बुंदेली ई पत्रिका
जिलाध्यक्ष म.प्र. लेखक संघ टीकमगढ़
अध्यक्ष वनमाली सृजन केन्द्र टीकमगढ़
नई चर्च के पीछे, शिवनगर कालोनी,
टीकमगढ़ (मप्र)-472001
मोबाइल- 9893520965
Email - ranalidhori@gmail.com

rajeevnamdeoranalidhori247627

Some Goodbyes.............

fazalesaf2973

Some Wounds heal into Habits.......

fazalesaf2973

Even Shadows leave us when the Light changes its Mind....

fazalesaf2973

गावातील लोक जिवंत आहेत, त्यांच्या हसण्यात, त्यांच्या मेहनतीत, त्यांच्या आशेत. संकट कितीही मोठे असले, मातीच्या गंधात, पाण्याच्या थेंबांत आणि गवताच्या कुशीत त्यांची ताकद दिसते. जीवन कठीण आहे, पण त्यांचे धैर्य आणि जिद्द अखंड आहे, जसे मातीच्या मुळे धरतीशी घट्ट जोडलेली असते.

fazalesaf2973

*प्रैस विज्ञप्ति:-*

*म.प्र.लेखक संघ ने जारी किया सन्-2026 की गोष्ठियों का वार्षिक केलेंडर*

*(सन्1998 से हर माह निरंतर गोष्ठी का रिकार्ड बनाया अबतक 333 गोष्ठियाँ आयोजित)*

टीकमगढ़// साहित्यिक संस्था म.प्र. लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ ने अपनी साहित्यिक कवि गोष्ठियों का वार्षिक केलेण्डर जारी किया है लेखक संघ के जिला अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में बताया कि सभी गोष्ठियाँ आकांक्षा पब्लिक स्कूल टीकगढ़ के स्व.पन्नालाल जी नामदेव स्मृति सभागार में दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक हर माह के प्रथम रविवार को आयोजित की जायेगी। म.प्र. लेखक संघ की 333वीं गोष्ठी दिनांक 4 जनवरी 2026 को नववर्ष के शुभ आगमन् पर केन्द्रित हो चुकी है। 334वीें गोष्ठी 1 फरवरी 2026 को संत रविदास जयंती पर धार्मिक गोष्ठी, 335वीें गोष्ठी 1 मार्च 2026 को होली पर केन्द्रित, 336वीें गोष्ठी 5 अप्रैल 2026 को वीर रस पर, 337वीें गोष्ठी 3 मई 2026 को नारद जंयती,, 338वीें गोष्ठी 7 जून 2026 को ‘पर्यावरण’ पर केन्द्रित होगी, 339वीें गोष्ठी 5 जुलाई 2026 को पावस गोष्ठी केन्द्रित, 340वीें गोष्ठी 2 अगस्त 2026 को मित्रता दिवस पर गोष्ठी, 341वीें गोष्ठी 6 सितम्बर 2026 को श्री कृष्ण जमाष्ठमी एवं विश्व साक्षरता दिवस’ परकेन्द्रित होगी, 342वीें गोष्ठी 4 अक्टूवर 2026 को राना दुर्गावती जंयती पर, 343वीें गोष्ठी 1 नबम्बर 2026 को ‘म.प्र.स्थापना दिवस’ पर, एवं 344वीें गोष्ठी 6 दिसम्बर 2026 को टटया भील के बलिदान दिवस एवं डाॅ.अंबेडकर की पुण्यतिथि पर आयोजित की जायेगाी। अप्रैल माह में ‘आकांक्षा’ पत्रिका का 21 वाँ अंक हास्य-व्यंग्य पर केन्द्रित प्रकाशित किया जायेगा।
इसके अलावा राजीव नामदेव राना लिधौरी के संपादन में निरंतर प्रकाशित हो रही देश की ‘बुन्देली’ में प्रकाशित एक मात्र त्रैमासिक ई पत्रिका ‘अनुश्रुति’ का आगामी-18वाँ अंक- जनवरी-मार्च 2026 माह फरवरी में प्रकाशित होगा। जिसके लिए बुंदेली में सभी विधा में रचनाएँ निःशुल्क सादर आमंत्रित है।
गौरतलब हो कि म.प्र.लेखक संघ टीकमगढ़ द्वारा अध्यक्ष राजीव नामदेव राना लिधौरी के संपादन में विगत 21 सालों से जिले की एकमात्र साहित्यिक पत्रिका आकांक्षा’ का प्रकाशन करते आ रहे है तथा इसके साथ ही बुन्देली में देश की एकमात्र त्रैमासिक ई पत्रिका ‘अनुश्रुति’ का ई सपंादन व प्रकाशन निरंतर करत आ रहे हैं। अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी के कुशल नेतृत्व में म.प्र. लेखक संघ जिला इकाई टीकमगढ़ सन् 1998 से अपनी निरतंर गोष्ठियों को आयोजित करके अब तक 333 गोष्ठियों का सफल आयोजन कर देशभर में चर्चित हो रहे हंै।
यह जानकारी म.प्र.लेखक संघ के जिला अध्यक्ष राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ एवं जिला सचिव रामगोपाल रैकवार ने प्रैस को जारी विज्ञप्ति में दी है।

*रपट- राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’*
संपादक ‘आकांक्षा’ (हिन्दी) पत्रिका
संपादक ‘अनुश्रुति’ (बुन्देली) पत्रिका
अध्यक्ष-म.प्र लेखक संघ,टीकमगढ़
शिवनगर कालौनी,टीकमगढ़ (म.प्र.)
पिनः472001 मोबाइल-9893520965

rajeevnamdeoranalidhori247627

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
वफ़ा की रस्म को बस इक बार
            निभाने आजा,

तू  मेरे  ज़ख्मों  पे  मरहम  ही
            लगाने आजा,

माना कि दरमियाँ अब वो पहले
           सी बात नहीं,

पर ख़ुद को मेरी नज़रों में सच
            दिखाने आजा,

तूने वादे  किए थे, कि साथ न
               छूटेंगे कभी,

उन झूठे वादों का ही मान बढ़ाने
                 आजा,

ज़माना तो खड़ा है मेरी रुस्वाई
            के इंतज़ार में,

तू अपनी बेरुख़ी का ही, जश्न
            मनाने आजा,

अब तो रातों की नींद भी हम से
              रूठ गई है,

इन जलती आँखों को, ख़्वाब
           दिखाने आजा,

ये  आख़िरी  बार  है  कि  तुझे
           पुकारा है मैंने,

फिर कभी न लौटूंगा, ये यक़ीन
          दिलाने आजा…🔥
╭─❀💔༻ 
╨─────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh
╨─────────━❥

loveguruaashiq.661810

🦋...𝕊𝕦ℕ𝕠 ┤_★__
मिटा दो अपनी हसरतें किसी के
            साथ के खातिर,

पर किसी हसरत के खातिर अपनों
           का साथ न छोड़ना,

ये दुनिया तो बस तमाशबीनों का
              मेला है दोस्त,

तमाशे की खातिर कभी वफ़ा का
            हाथ न छोड़ना,

मिलेगा फलक भी तुझे और मिलेगी
                 ज़मीन भी,

मगर  बुलंदी  की  चाह  में अपनी
           बुनियाद न छोड़ना,

बड़ी मुश्किल से बनते हैं ये रिश्तों
               के आशियाने,

ज़रा  सी  तल्खी  के  पीछे  बना-
        बनाया घर न छोड़ना,

अकेले सफ़र में अक्सर मंज़िलें खो
                  जाती हैं,

पाने को जहाँ, तुम अपनों का हाथ
            न छोड़ना…🤝❣
╭─❀💔༻ 
╨─────────━❥
♦❙❙➛ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी•❙❙♦
#LoVeAaShiQ_SinGh
╨─────────━❥

loveguruaashiq.661810

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताएं

mamtatrivedi444291

ज़रूरी नहीं हर बार रोता हुआ इंसान ही सही हो, कभी कभी बिना रोये वाली गिड़गिड़ाहाट भरी आवाज़ में भी सच्चाई होती है..!.. 🌻😄❤‍🩹

desaipragati1108gmail.com102305

यह ज़रूरी नहीं कि रास्ता बनाने वाला खुद उस रास्ते पर चले

jaiprakash413885

Some nights don’t want to be understood.
They just want to be remembered—imperfectly, dangerously, forever.
Check out short story of a such wild night:

https://www.matrubharti.com/book/19986751/the-london-singularity-unfolding-organic-chemistry-at-2-am

harshilshah210628