गीत
1 नए वर्ष में खुशहाली का......####
नए वर्ष में खुशहाली का,
मंगलमय संदेश मिले।
जन गण मन को स्वस्थ निरोगी,
सुखदाई परिवेश मिले।
जीवन सबका जगमग दमके,
सुख की हर बदली बरसे।
छल-छद्मों के जाल कटें सब,
प्रेम-बेल उर में सरसे।
मानव पर यदि तम घिर जाए,
कभी न उसको क्लेश मिले ।
नए वर्ष में खुशहाली का,
मंगलमय संदेश मिले।
नये वर्ष में सुख यश वैभव,
नित नूतन संगीत बजे।
नई सर्जना नई चेतना,
मधुर-मधुर नवप्रीत सजे।
मिले सभी को तरुवर छाया,
निष्कंटक पथ कानन हो।
अंतरघट में बजे बाँसुरी,
मन-भावन वृंदावन हो।
द्वार तुम्हारे चलकर पहुँचें,
कृष्ण-सखा योगेश मिले।
नए वर्ष में खुशहाली का,
मंगलमय संदेश मिले।
मिले सुजन-सान्निध्य सभी को,
कलयुग में द्वापरयुग-सा।
सत्य न्याय का शंखनाद हो,
रामराज्य सम सतयुग-सा ।
चहुँ विकास के पथ पर सबको,
लेकर साथ सदा बढ़ते।
मित्र सुदामा बने अगर तो,
उनका भी मंगल करते।
भटके राही के चिंतन को,
यथा उचित निर्देश मिले।
नए वर्ष में खुशहाली का,
मंगलमय संदेश मिले।
शांति और सद्भाव वीरता,
सदियों से अपनी चाहत।
है वसुधा परिवार हमारा,
दीन दुखी का है स्वागत।
गीता की अमृत वाणी को,
जग में फिर सम्मान मिले।
हो अखंड कण-कण भारत का,
विश्व गुरू का मान मिले।
पुनर्जन्म जब हो धरती पर,
हमको भारत देश मिले।
नए वर्ष में खुशहाली का,
मंगलमय संदेश मिले।
पाँच सदी पश्चात हमारे,
राम-लला घर आए हैं।
विश्व जगत में छाईं खुशियाँ,
घर-आँगन मुस्काए हैं।
दो हजार छब्बीस शुभंकर
रामराज्य संदेश मिले।
काशी विश्वनाथ का मंदिर
मथुरा का अखिलेश खिले।
सत्य सनातन की वाणी को
जागृति का गणवेश मिले।
नए वर्ष में खुशहाली का,
मंगलमय संदेश मिले।
मनोज कुमार शुक्ल " मनोज "