Most popular trending quotes in Hindi, Gujarati , English

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New bites

✤┈SuNo ┤_★_🦋
ज़ख्मी, हकीकत लिखने बैठे तो
कागज़ जलने लगते हैं,

मेरे लहजे की शिद्दत से, मुकद्दर
            ढलने लगते हैं,

तुम्हें आता है हुनर, सिर्फ दिलों
        पर नाम लिखने का,?

मगर जब मैं तंज़  करता हूँ, तो
    पत्थर पिघलने लगते हैं,

मेरे  लफ़्ज़ों में वो ज़हर है, जो
        रूह को भी काट दे,

सुनें जब चीख मेरी कलम की
   तो मंज़र बदलने लगते हैं,

गया वो वक़्त, जब शायर सिर्फ
          ख़्वाब बुनते थे,

ज़ख्मी के महफ़िल में तो, अब
मुर्दा जमीर भी चलने लगते हैं,

संभल  कर तू  भी  रहना, ऐ
मोहब्बत पर लिखने वाले,

वरना मैं वो हूँ, जिसके ज़िक्र से
अफ़साने जलने लगते हैं…🔥
╭─❀🥺⊰╯ 
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥
#LoVeAaShiQ_SinGh 😊°
⎪⎨➛•ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी°☜⎬⎪   
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥

loveguruaashiq.661810

कभी रिश्ते सिर्फ़ नाम के होते हैं,
लेकिन कुछ लोग… नाम के पीछे छिपी एक पूरी दुनिया को भी पहचान लेते हैं।
रागिनी अब सिर्फ आरव की बीवी नहीं थी —
वो अब खुद की पहचान की लड़ाई में उतर चुकी थी।"



रागिनी अपने पुराने दोस्तों से मिलती है

दोस्त:
रागिनी! तू तो एकदम बदल गई है।

रागिनी (मुस्कुराकर):
हाँ… अब मैं सिर्फ किसी की पत्नी नहीं,
खुद की कहानी भी हूँ।

दोस्त:
अब क्या करने का सोच रही है?

रागिनी:
एक NGO शुरू करूँगी — उन औरतों के लिए,
जिन्होंने अपनी आवाज खो दी है, जैसे मैंने खोई थी।



बॉस:
तुम्हारी वाइफ का NGO मीडिया में काफी वायरल हो रहा है।

आरव (हैरान):
क्या? उसने मुझे बताया भी नहीं…

(खुद से बड़बड़ाता है):
रागिनी… तुम मुझसे इतनी दूर कब हो गई?


आरव:
तुमने इतना बड़ा कदम अकेले क्यों उठाया?

रागिनी (शांत लेकिन दृढ़):
क्योंकि जब मैंने तुम्हारे साथ चलना चाहा,
तुमने मुझे पीछे छोड़ दिया था।

आरव:
मैं… शायद तुम्हें समझ नहीं पाया।

रागिनी:
अब समझना नहीं, साथ चलना सीखो।

"जब औरत अपने डर से बाहर निकलती है,
तब वो सिर्फ एक साथी नहीं रहती —
वो खुद की दुनिया बन जाती है।"

rajukumarchaudhary502010

कभी रिश्ते सिर्फ़ नाम के होते हैं,
लेकिन कुछ लोग… नाम के पीछे छिपी एक पूरी दुनिया को भी पहचान लेते हैं।
रागिनी अब सिर्फ आरव की बीवी नहीं थी —
वो अब खुद की पहचान की लड़ाई में उतर चुकी थी।"



रागिनी अपने पुराने दोस्तों से मिलती है

दोस्त:
रागिनी! तू तो एकदम बदल गई है।

रागिनी (मुस्कुराकर):
हाँ… अब मैं सिर्फ किसी की पत्नी नहीं,
खुद की कहानी भी हूँ।

दोस्त:
अब क्या करने का सोच रही है?

रागिनी:
एक NGO शुरू करूँगी — उन औरतों के लिए,
जिन्होंने अपनी आवाज खो दी है, जैसे मैंने खोई थी।



बॉस:
तुम्हारी वाइफ का NGO मीडिया में काफी वायरल हो रहा है।

आरव (हैरान):
क्या? उसने मुझे बताया भी नहीं…

(खुद से बड़बड़ाता है):
रागिनी… तुम मुझसे इतनी दूर कब हो गई?


आरव:
तुमने इतना बड़ा कदम अकेले क्यों उठाया?

रागिनी (शांत लेकिन दृढ़):
क्योंकि जब मैंने तुम्हारे साथ चलना चाहा,
तुमने मुझे पीछे छोड़ दिया था।

आरव:
मैं… शायद तुम्हें समझ नहीं पाया।

रागिनी:
अब समझना नहीं, साथ चलना सीखो।

"जब औरत अपने डर से बाहर निकलती है,
तब वो सिर्फ एक साथी नहीं रहती —
वो खुद की दुनिया बन जाती है।"

rajukumarchaudhary502010

मैंने वो लाल टॉफी खाई और मेरा भविष्य मिट गया! #समय#जिंदगी#प्रेरककहानी
https://youtu.be/WKvT6FBM20Y?si=yIcxantQkcRBLpcz

surajprakash.857127

परिश्रम का alarm रोज बजता है,
उसे इतवार की छुट्टी नहीं होती ।

इसलिए फालतु लोगों से दूर रहो
न उनको पोस्ट पर भी आने दो

ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए
ये मतलबी होते है

किसी एक के कभी नहीं हो सकते
50 जगह मुंह मारने की आदत होती हैं

anisroshan324329

मौत जब आती हैं कदम अपने आप उसी और चलने लगते है

anisroshan324329

प्रकृति हमेशा कामजोर को ही शिकार बनाती है। इसलिए इतना kमजोर मत रहो के आपको कोई सताएगा।
kमजोर बनोगे तो मारे जावोगे

virdeepsinh

https://www.facebook.com/share/p/14LjomQC4AG/

આજની વાસ્તવિકતા રજુ કરતી વાર્તા.

ronakjoshi2191

✤┈SuNo ┤_★_🦋
{{ वफ़ा का कत्ल }}

मैं अपनी प्यास के सहरा में ख़ुद ही
                जलता रहा,

वो जिस के हाथ में खंजर था साथ
                चलता रहा,

वो  मेरे  साथ  भी  रहा,  पर  कभी
               मेरा न हुआ,

किसी की  याद में साँचे की तरह
                ढलता  रहा,

अजीब ज़ब्त है  उसका, अजीब
                  शिद्दत  है,

वो बेवफ़ा था मेरे लिए, पर कहीं
             वफ़ा करता रहा,

मेरी  शिकस्त पे  हँसने  की  उसे
              फुर्सत न मिली,

वो रकीबों  के लिए  मय-कदे  में
                मरता  रहा,

अरे ये कैसी ज़िल्लत है कि अब मैं
            दाद दूँ उसकी.?

जो मेरे  लहू से  किसी  और  का
           दामन भरता रहा,

वो सगे-कूचा नहीं, वो तो वफ़ा का
                मुजरिम है,

जो मेरे सामने रह कर भी, गैरों  पे
              मरता  रहा…🔥

सगे-कूचा= गली का कुत्ता,
╭─❀🥺⊰╯ 
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥
#LoVeAaShiQ_SinGh °
⎪⎨➛•ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी°☜⎬⎪   
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loveguruaashiq.661810

સંબંધ ભલે પેહલા જેવો હોય કે ના હોય, ભલે બધું બદલાઈ જતું હોય, પણ જે યાદો હોય છે એ નથી બદલાતી. I JUST LOVE TO BE IN THERE ALWAYS. WE BOTH ARE CHANGED EXPECT THE MEMORIES..

dhabie1552gmail.com7095

इंतजार

abhishekkunehadiya630902

मैं चाह रहा तुम्हारे साथ इतना बुरा हो

कि तुम मर जाओ और किसी को ख़बर ना हो

anisroshan324329

यूं रास्तों को क्यूं ताकता है तू,
मैं पूछती हु ....

" कोई आने वाला है क्या..?? "

written by me 🥀🥀

ayushisharma9802gmail.com140150

​શિયાળાની એક આરામદાયક સાંજે,
મારા વીચારો😊

​"ખરેખર, જીવનની સાચી શાંતિ
નાની-નાની પળોમાં જ છુપાયેલી હોય છે.
​શિયાળાની ઠંડી સાંજ હોય,
બારીની બહાર શીતળ પવન લહેરાતો હોય,
રૂમમાં ઝીણી કમ્ફર્ટેબલ લાઈટનો મીઠો પ્રકાશ હોય
અને હાથમાં ગરમાગરમ મસાલા ચાનો કપ હોય...
સાથે ગમતું પુસ્તક અને પોચા,નરમ ઓશીકાનો
સાથ હોય, ત્યારે મનને સાચો આરામ મળે છે.
​બસ, થોડા ધીમા પડો, ઊંડો શ્વાસ લો અને
આજની આ સુંદર પળને માણી લો;
આવતીકાલની ચિંતાને થોડીવાર માટે થોભાવી દો."
(મારા આ વિચારો આજની ગુલાબી ઠંડીને નામ)

લી. ઢમક

heenagopiyani.493689

📘 पुस्तक समीक्षा: सवाल ही जवाब है
पुस्तक का नाम: सवाल ही जवाब है
विधा: विचारात्मक / दर्शन / आत्मचिंतन
भाषा: हिंदी
✨ समीक्षा:
“सवाल ही जवाब है” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि सोचने की एक नई दिशा है। यह किताब पाठक को सीधे जवाब नहीं देती, बल्कि ऐसे सवाल सामने रखती है जो पाठक को खुद के भीतर झाँकने पर मजबूर कर देते हैं। लेखक का मानना है कि जीवन के बड़े उत्तर बाहर नहीं, हमारे भीतर छिपे होते हैं—बस सही सवाल पूछने की ज़रूरत होती है।
किताब की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरल भाषा और गहरी बात है। हर अध्याय एक नए प्रश्न से शुरू होता है, जो धीरे-धीरे जीवन, समाज, रिश्तों, संघर्ष और आत्मा से जुड़ी परतें खोलता है। लेखक कहीं उपदेश नहीं देता, बल्कि पाठक को खुद सोचने की आज़ादी देता है।
यह पुस्तक उन लोगों के लिए बेहद खास है—
जो जीवन में उलझन महसूस करते हैं
जो खुद को बेहतर समझना चाहते हैं
जो जवाबों से ज़्यादा सही सवालों की तलाश में हैं
📌 विशेष बिंदु:
✔️ छोटी-छोटी पंक्तियों में बड़ा अर्थ
✔️ आत्मचिंतन को प्रेरित करने वाली शैली
✔️ हर उम्र के पाठक के लिए उपयोगी
✔️ बार-बार पढ़ने योग्य पुस्तक
⭐ निष्कर्ष:
“सवाल ही जवाब है” हमें यह सिखाती है कि जीवन में हर समस्या का हल तुरंत जवाब में नहीं, बल्कि सही सवाल पूछने में छिपा होता है। यह किताब सोचने वालों की किताब है, महसूस करने वालों की किताब है।

rajukumarchaudhary502010

📖 Book Review – सवाल ही जवाब है
पुस्तक: सवाल ही जवाब है
लेखक: [लेखक का नाम]
वर्ग: विचार, आत्मचिंतन
समीक्षा:
“सवाल ही जवाब है” एक ऐसी किताब है जो आपको अपने जीवन के हर पहलू पर सोचने पर मजबूर कर देती है। यह किताब सीधे उत्तर देने की बजाय सही सवाल पूछने की कला सिखाती है। लेखक ने सरल और प्रेरक भाषा में ऐसे प्रश्न उठाए हैं जो आपके अंदर झाँकने और खुद को समझने की यात्रा शुरू कर देते हैं।
यह पुस्तक हर उस व्यक्ति के लिए है जो जीवन में स्पष्टता, दिशा और आत्म-ज्ञान की तलाश में है। चाहे रिश्ते हों, संघर्ष हों या समाज की जटिलताएँ—यह किताब आपको सोचने और समझने की ताकत देती है।
क्यों पढ़ें:
जीवन के बड़े सवालों के जवाब खोजने के लिए
आत्मचिंतन और सोच को मजबूत करने के लिए
हर पढ़ने पर नए विचार और प्रेरणा पाने के लिए
⭐ अंतिम विचार:
यह किताब केवल पढ़ने की नहीं, बल्कि महसूस करने और अपने भीतर झाँकने की यात्रा है। “सवाल ही जवाब है” आपकी सोच को बदल सकती है और आपको अपने जीवन के सही सवाल खोजने में मदद कर सकती है।

rajukumarchaudhary502010

किसीके लिए यादें बनना बुरी बात नहीं मगर,
कोशिस रहे की वो यादें अच्छी हो..!

desaipragati1108gmail.com102305

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rajukumarchaudhary502010

પાનખરને હૈયે વસંતની
પધરામણી
મળી છે પ્રીતનાં પગરવની
એંધાણી…
-કામિની

kamini6601

....वळण......
दोन अलग अलग वाटावरुन चालताना..
..एका" अनोख्या" वळणावर आपली भेट झाली...
एकमेका सोबत गप्पा..गोष्टी करत...
सहवासाचा आनंद घेत दोघेही.. चालु लागलो...
चालता चालता ..कधी हात एकत्र गुंफले गेले कळलेच नाही..
आणी ..मग दोघे मिळुन...
मैत्रिची वाट चालु लागलो.....
..अचानक समोर एक अनपेक्षीत...वळण आले..
भोवताली खुप सारा...मंद ..धुंद ..सुगंध,,पसरला होता..
अवती भवती...सुरेख ..फुले पसरली होती....
वातावरण अचानकच..खुप मोहक वाटत होते..
मी अगदी बावरुन गेले..!!!
आणी तुझा हात ..घट्ट पकडला....
तुही त्याच वेळी माझ्याकडे पाहिलेस..
आणी मला समजले...
तु तर मला प्रेमाच्या..वाटेवर घेवुन आला होतास..!!!!

वृषाली **❤

jayvrishaligmailcom

🌹आपका दिन मंगलमय हो 🌹

sonishakya18273gmail.com308865

✤┈SuNo ┤_★_🦋
जो इंसान अपनी उम्मीदों का केंद्र खुद
              को बना लेता है,

उसे फिर दुनिया की कोई भी हल-चल
       विचलित नहीं कर सकती..☝️

{{ खुद का सफर, खुद की पहचान }}

भरोसा खुद पर हो तो हर मुश्किल
           राह आसान होती है,

गिर कर संभलने वालों की ही अलग
             पहचान होती है,

न मांग किसी का सहारा ये दुनिया
         एक मुसाफिरखाना है,

तुझे  अपनी  मेहनत  के  दम  पर
    अपना ही आसमां बनाना है,

डर को बना ले सीढ़ी और जुनून को
             अपना हथियार,

जीत उसी की होती है जो खुद से न
             माने कभी हार,

परिंदों को नहीं दी जाती तालीम
                 उड़ानों की,

वो खुद  ही तय  करते हैं  मंजिलें
     ऊंचे आसमानों की..🔥💯
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#𝐉𝐀𝐈_𝐒𝐇𝐑𝐄𝐄_𝐑𝐀𝐌 .🚩
#Ꮆᴏᴏᴅ_𝕄𝗼𝗥𝗻𝕚𝗡𝕘_ ☕️
╭─❀🥺⊰╯ 
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥
 ☞#motivatforself 😊°  
⎪⎨➛•ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी°☜⎬⎪   
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥

loveguruaashiq.661810

રિપબ્લિક ડે ❤️🇮🇳

parmarbhavesh.k