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"kis kis ko fictional story pasand hai jara comment karo supporters 👍🏻✨"

pithadiyadhruv930187

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kattupayas.101947

“ज़िंदगी: एक छोटी-सी यात्रा” 🍂⌛✨
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jiwatma

હું પણ ખોટો સાબિત થયો છું ઘણી વાર,
ભૂલનો સ્વીકાર કરી સાચો રસ્તો શોધ્યો છે,

અંધકાર ચૌતરફ ફેલાયેલો છે ઘણી વાર,
દીવો પડખે રાખી સાચો ઉજાસ શોધ્યો છે,

અહંકારના ભારથી પડ્યો છું ઘણી વાર,
નમ્રતાના માર્ગે જઈ પોતાને શોધ્યો છે,

શું કહેશે જગ જન એ વિચાર્યું નથી ઘણી વાર,
આત્મસ્વર સાંભળી જીવનનો અર્થ શોધ્યો છે.

મનોજ નાવડીયા

manojnavadiya7402

अरे . बहु जी ' बर्तन साफ होने में नही आ रहे है।
गर्म पानी दे जाओ ' प्रेमवती अपनी सेठानी को आवाज लगाती है। ' और सेठानी गर्म पानी लेकर बुढी ' अम्मा को पानी देती है। लो . अम्मा जी पानी अब साफ होंग बर्तन '
तभी प्रेमवती घूरते हुए। जै का सेठानी कटोरा भरकर झूठन इसे कूड़े मे डालोगी ' सेठानी हां अम्मा जी '
प्रेमवती अरे हम वार ' की बात कहो तो साची है।
पड़ी लिखी हो कर घर का आधा खाना बचा हुआ कुड़ेदान की जगह सड़क पर घूम रहे पशु पक्षी को डाल दो तो किसी का भला हो। सेठानी चौकते हुए हां अम्मा जी सही बोले है।
सेठानी को प्रेमवती के कहा बुरा न लगा। एक बर्तन मे झूठन ' व खराब खाना सब्जियो फल के छिलके बर्तन में इक्कट्ठे किये ' और बाहर सड़क के पशु को डालना शुरू कर दिया ।
सेठनी सोचने लगी जो बाते ' मोबाइल पर पढ़ती थी, मैसैस ' . कूड़ेदान मे मुंह डाल कर खाने से ' पशुओ को कितनी चोट लगती है। जो बात हर समय हाथ मे लगा, मोबाइल न समझा सका वो बात बूढी अम्मा ने सिखा दी।

nandiniagarwal835328

सच्चे रिश्ते कुछ नहीं मांगते,
शिवाय वक्त और इज्जत के।

nandiniagarwal835328

सपनों में भी तुम्हारे सिवा किसी और का ख्याल नहीं, आता । वे हिसाब प्यार करते है हम।
ख्वाबों मे भी तुम्हारा साथ निभाते है हम ,
तुम हो कि हर पल ठुकराते हों  हमे,
हर पल तुम्हारे आने की आहट दरवाजे पर महसूस करते हैं हम ।
तमन्ना कभी पूरी नहीं हुई , ' 
फिर भी तेरी आंखें मे अपनी पूरी दुनिया देखते है हम ।
तुम से प्यारा कोई लगता नहीं  हमे,
तुम्हारी आदत हो गयी है ,
कैसे जुदा हो कर - रहे हम।
एक पल तुम्हारी अवाज न सुने पल भर का समय सौ बर्ष के बराबर बीताते हम वही शादी से पहले वाली चाहत बन जाये हम।
हर पल सांसो पर तुम्हारा नाम हर संगीत मे गुनगुनाते है हम ,
सोलह श्रृंगार मेरे तेरे लिए जैसे भी हैं साजन की सजनी है आखिर हम ,
गिला शिकवा दुर करके तो देखो चाहत मे नजर फिर भी आयेगे हम ,
रूठो न हम से ऐसे फिर कभी लौट कर न आये हम।
अगले जन्म का वादा नही करते दुसरे घर से ढोली आयी , इस चौखट से अर्थी पर ही जाऊँगी मै ,
ज्यादा देर न हो जाये हमारी वफा को पहचान लो कदर , समझो बीच मंझधार मे न वि छडेगे हम।

nandiniagarwal835328

क्यों समाज तूने यह रीत बनाई है
अपनी बिटिया हुई पराई है
न तू सीता है, न तू राधा है
त्याग की मूरत ऐसी बनाई है,
कितने बने महल-द्वारे
घर की चारदीवारी
चौखट बनी लक्ष्मण रेखा है,
देश को आजादी मिली
पर तू कभी आजाद न हुई है ,
गली-गली चौबारे पर बैठा बहरूपिया है
मौसम की तरह दुनिया रंग बदलती है
नारी तेरा रंग बदलना
दुनिया को रास न आया है,
अपनों को भूल न सके
पराए को अपनाया, समझ न सके
ऐसे भंवर में फंसी न रह सके
न निकल सके,
दिन गुजरे महीने बीते
दुखों की गिनती सालों में हो जाती है,
ऐसी रहती तू जैसे पंख काट दिए पंछी के,
क्यों जुर्म करें नारी पर ये लक्ष्मी है,
सरस्वती है,
जब अति हो जाए मां दुर्गा का अवतार है
औरत ही नानी, औरत ही दादी
औरत ही मां, बुआ, मौसी है
औरत न हो तो ये दुनिया अधूरी है।

nandiniagarwal835328

क्या है बनारस

सिर्फ़ घाट की सीढ़ियाँ नहीं,
समय की गोद में बैठी
एक अनंत कथा है बनारस...

हर पाप, हर पीड़ा को
अपने आँचल में समेटती,
माँ गंगा है बनारस.....

हर साँस में मंत्र,
हर मौन में विश्वास,
सब कुछ समेटा है बनारस...

काशी की पवित्रता,
अस्सी घाट का शोर,
शिव की नागरी है बनारस...

जहाँ चिता की आग भी
सिखा दे जीवन का पाठ,
वहीं मोक्ष का द्वार है बनारस...

हर गली, हर कोना
अपनी कहानी सुनाता है,
हर दीवार में लिपटा
इतिहास है बनारस...

सुबह की पहली रोशनी में
घंटियों की गूंज,
शाम के जलते दीपों में
आसमान की मुस्कान है बनारस...

हवा के झोंके में छुपा,
ज़िंदगी का गीत है बनारस...

शहर नहीं, प्रेम का दूसरा
नाम है बनारस...

chaurasiyas

Waiting for right ideas

kattupayas.101947

क्यों हम साधारण नागरिक रिकालिस्ट्स बन गए?

तो किस प्रेरणा ने हमें रिकालिस्ट्स बना दिया? हमें नहीं पता कि, किस प्रेरणा ने हमें रिकालिस्ट्स बना दिया। न ही हम यह जानते है कि हमारे द्वारा लिखे गए विवरणों को पढ़कर कई कार्यकर्ता क्यों रिकालिस्ट्स बन गए। न ही हमें इस कारण का कोई अंदाजा कि क्यों 1920 में महात्मा चन्द्रशेखर आजाद रिकालिस्ट्स बन गए, और क्यों 1927 में अहिंसामूर्ती महात्मा भगत सिंह जी रिकालिस्ट बन गए थे। हालांकि इस सम्बन्ध में हमारे पास कोई ठोस कारण नहीं है, कि किस विचार ने हमें रिकालिस्ट्स बनने की प्रेरणा दी। लेकिन जितना हम देख पाते है, हमें इसके दो संभावित कारण नज़र आते है;

1. सहज बोध यानी कॉमन सेन्स (Common sense)

2. अमेरिका, चीन, ब्रिटेन, पाकिस्तान, सऊदी अरब तथा बांग्लादेश आदि से होने वाले युद्ध का भय।

(2.1) सहज बोधः पहला कारण सीधा सादा सहज बोध है। सामान्य समझ, जो कि हर मनुष्य में स्वाभाविक तौर पर मौजूद होती है। सबसे पहले हम आपसे एक सवाल करना चाहेंगे। यदि आप इस सवाल का जवाब देने से इंकार करते है, तो हम आपको अपनी बात नहीं समझा पाएंगे। इसलिए हमारा आग्रह है कि आप इस सवाल का अपने विवेक से जवाब दें। इसके उपरान्त ही आगे पढ़े।

मान लीजिये कि आप एक कारखाने के मालिक है, जिसमे 1000 कर्मचारी और प्रबंधक वगेरह कार्य करते है। और अचानक सरकार निम्नांकित क़ानून लागू कर देती है:

1. आप किसी भी प्रबंधक को 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने से पहले, तथा किसी भी कर्मचारी को 5 वर्ष से पहले नौकरी से नहीं

निकाल सकेंगे।

2. आपको सभी कर्मचारियों को अगले 5 वर्ष के लिए और प्रबंधको को उनकी 35 वर्षीय सेवाकाल के लिए देय वेतन हेतु अग्रिम भुगतान के चेक देने होंगे।

3. यहां तक कि यदि कोई आपके कारखाने से सामान की चोरी कर रहा है तो, किसी न्यायधीश की अनुमति बिना, न तो आप उसे निकाल सकेंगे न ही दंड दे सकेंगे, न ही उसे आपके कारखाने में आने से रोक सकेंगे।

हमारा आपसे सवाल है कि ऐसी स्थिति में 'अगले 3 महीनो में आपके कारखाने में अनुशासन का स्तर सुधरेगा या बिगड़ेगा'?

कृपया इस सवाल का जवाब देने के बाद ही आप आगे पढ़े। हम अपना प्रश्न फिर से दोहराते है: 'क्या इन कानूनो के आने के बाद, अगले 3 महीनो में आपके कारखाने में कर्मचारियों और प्रबंधको के अनुशासन का स्तर सुधरेगा या बिगड़ेगा'?

दूसरे शब्दों में, यदि हम नागरिको के पास जजो, सांसदों, विधायको, मंत्रियो, प्रशासनिक अधिकारियों आदि को नौकरी से निकालने का अधिकार नहीं हुआ तो, ये सभी पदाधिकारी भ्रष्ट और अनुशासनहीन हो जाएंगे। इसीलिए महात्मा चंद्रशेखर आजाद ने 1925 में कहा था कि वोट वापसी कानूनो के अभाव में लोकतंत्र एक मजाक बन कर रह जाएगा'। ठीक यही बात महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपने ग्रन्थ सत्यार्थ प्रकाश के छठे अध्याय के प्रथम पृष्ठ में कही थी कि -

यदि राजा प्रजा के अधीन नहीं हुआ तो, वह प्रजा को लूट लेगा और राज्य का विनाश होगा।

जूरी प्रक्रियाएं ग्रीस में 600 ईसा पूर्व लागू हुयी थी। जिसके परिणामस्वरूप ग्रीस अपने आप को इतना ताकतवर बना पाया कि उन्होंने सिर्फ 1 लाख सैनिको की मदद से अपने साम्राज्य का विस्तार तुर्की से लेकर यमुना नदी के किनारे तक कर लिया था। अमेरिका में 1750 ईस्वी में बोट वापसी एवं जूरी प्रक्रियाएं लागू हुई, और यह मुख्य कारण था जिससे अमेरिका इराक़, सऊदी अरब, पाकिस्तान और लीबिया को कब्जे में कर पाया। अमेरिका की सूची में अगले नाम ईरान और भारत है। लेकिन किसी सामान्य समझ के व्यक्ति को वोट वापसी एवं जूरी प्रक्रियाओं की उपयोगिता समझने के लिए इतिहास की किताबो के पन्ने पलटने या अमेरिका के उदाहरण देखने की जरुरत नहीं है - क्योंकि बोट वापसी एवं जूरी प्रक्रियाओ का महत्त्व समझने के लिए जिस चीज की आवश्यकता है, वह 'कॉमन सेन्स' है।

हमारे देश से जुडी नागरिक समस्याएं किसी भी प्रकार से उस कारखाने की स्थिति से अलग नहीं है, जहां कारखाने के मालिक को अपने कर्मचारियों और प्रबंधको को 5-35 वर्ष तक नौकरी से निकालने का अधिकार नहीं दिया गया है। हमारे देश की समस्याओ का समाधान भी वही है, जो कि अमुक कारखाने की समस्याओ का समाधान है 'भ्रष्ट जजो, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियो को नौकरी से निकालने का अधिकार नागरिको के बहुमत को दे दिया जाए'। यह पुस्तक जूरी प्रक्रियाओ एवं बोट वापसी कानूनो के बारे में है, जिनकी सहायता से भारत के नागरिक "बहुमत का प्रदर्शन" करके भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओ को नौकरी से निकाल सकेंगे। पुस्तक में वे विवरण भी दर्ज किये गए है, जिनका पालन करके इन प्रक्रियाओ को जन साधारण देश में लागू करवा सकेंते है ।

*The Greatest Revolutionary Book in the history of mankind " VOTEVAPSI DHANVAPASI " describing root cause of every problem our society/ Country is facing as a whole & most importantly permanent solutions to end the same* 🇮🇳 🔥

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सूचना : *वोटवापसी जूरी खंबा आंदोलन(राईट टू रिकॉल पार्टी इसका एक हिस्सा है)का राष्ट्रिय घोषणा पत्र* अब अमेजन, फ्लिपकार्ट एवं नोशन प्रेस पर पेपर बेक संस्करण में उपलब्ध है :
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पुस्तक का नाम - " *वोट वापसी धन वापसी* "
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भाग - 1 ; 192 पृष्ठ , भाग - 2 ; 200 पृष्ठ
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(1) Notion press store :
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वोट वापसी धन वापसी भाग -1
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https://notionpress.com/read/vote-vapsi-dhan-vapasi-part-1
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वोट वापसी धन वापसी भाग - 2
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https://notionpress.com/read/vote-vapasi-dhan-vapasi-part-2
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sonukumai

✨ PAAGLA – Quotes That Speak Your Heart ✨ Daily Quotations • Monday to Saturday
Sunday Special Shayari
वो शख़्स मेरे लिए आज भी ख़ास है

jaiprakash413885

तेरे ताल से मेरा ताल मिले ये ज़रूरी नहीं है,
तेरे आगे मेरी नज़र झुक जाए ये संभव नहीं है।

हम अपने ही उसूलों पे जीना जानते हैं,
हर मोड़ पे तेरे क़दमों की ज़रूरत नहीं है।

तेरी हर बात को सच मान लूँ, ये भी क्या कम है?
मगर मेरे हर ख़्वाब में तेरी ही तस्वीर नहीं है।

ख़ामोशी मेरी कमज़ोरी समझ लेना भूल है,
हर चुप्पी के पीछे हार की दास्तान नहीं है।

मैं तन्हा सही, मगर मुकम्मल हूँ अपने आप में,
किसी सहारे की अब मुझको दरकार नहीं है।

तेरे साथ चलूँ तो शर्तों में चलूँ, ये मंज़ूर नहीं,
मोहब्बत अगर क़ैद बने तो वो इश्क़ नहीं है।

palewaleawantikagmail.com200557

આ રાજનગરની રમણી.

ચંચળ શાણી સમજુ ચતુરા, નાજુક ને વળી નમણી
આ રાજનગરની રમણી.

સરખી ચાર મળે સહેલી
મારગમાં વાતોની હેલી.
ટ્રાફિકવાળાને મુશ્કેલી
પણ જરા ન એ કોઈ ખસેલી

ઘડીક ચાલે ડાબે ને ઘડીક જતી જમણી
વાતો ચાલે માટેમોટેથી આસપાસ અવગણી
આ રાજનગર ની રમણી.

જંપે એની ન જીભ જરાકે
દુકાનનો વેપારી થાકે
સાંજે સ્વામી તણું શીશ પાકે
પણ વાતો એની ન થાકે.

પણ રંગોળી પ્રીત તણી
એ પૂરી જાણે પદમણી
આ રાજનગરની રમણી.

બુદ્ધિમતિ ને સાહિત્ય રસિકા.
વાંચવામાં વહાલી નવલિકા
કરી જાણે તમતમતી ટીકા
સમજે બધું પૂરી રસિકા
કલાકૃતિનું કરી કચુંબર ખાંતે નાખે ખમણી
આ રાજનગરની રમણી.

પુરુષ સંગ સ્પર્ધા કરનારી
એ તો છે નવયુગની નારી
દલીલોમાં પૂરી તૈયારી
વાર્યે થાયે બમણી
આ રાજનગરની રમણી.

સાડી પહેરી સરસ સજાવટ
અલંકાર સજવાની ફાવટ
પ્રગતિમાં ન રાખે રૂકાવટ
સ્વામી કમાય તેમાં સમાણી
આ રાજનગરની રમણી.

મુરબ્બો પાપડ વડી અથાણાં
વર્ણન વાનગીઓનાં મઝાનાં
પ્રગટ કરે અખબારી પાનાં
ભરત ભર્યા પાલવ શી વરણી
આ રાજનગરની રમણી.

અગાશીએ રેલાય ચંદા
કોમળ કંઠ સ્વરે મૃદુ જો મંદા
અલકમલકની વાતો કરતી
પતિની શ્રમહરણી
આ રાજનગરની રમણી.

જોતાં દિલમાં જગાડે દંગલ
અજવાળે જીવનનાં જંગલ
જંગલમાં પ્રગટાવે મંગલ
વિપત્તિમાં કરે માર્ગ ઝટ
જેમ જળમાં તરતી તરણી
આ રાજનગરની રમણી.

છો રીજે કે ખીજે પણ એ સ્નેહ નીતરતી નિર્ઝરણી
આ રાજનગરની રમણી.

- નાથાલાલ દવે. કાવ્ય સંગ્રહ “ઉપદ્રવ" માંથી.
સંકલન સુનીલ અંજારીયા

sunilanjaria081256

https://www.matrubharti.com/book/19986920/immense-emotion-a-personal-enemy

મિત્રો મારી આ લેખ ને આપ ની વચ્ચે રજૂ કરું છું....બને તો આપ આ લેખ ને વાચી મને આપનો અભિપ્રાય જણાવશો

maharshitrivedi104849

आप भी कमाल करते हो
चोरी से दिल के मेहमान बन गए
दिल पर हमारे कब्ज़ा कर के
मासूमियत से फ़िर अनजान बन गए

गजेंद्र

kudmate.gaju78gmail.com202313

hello everyone

how are you all

మధుర story will be updating soon ❤️

ankithamohan

हमें कुछ ऐसे इंसानों को,
समझना चाहिए।

जिनकी वजह से हमारे जीवन में,
कुछ अच्छा बदलाव आया हो।

जिन्होंने हमारी जिंदगी को संवारने,
में बदलने में एक 'अहम् योगदान' दिया हो।

हम जब भी निराश हो,
तब हमारा होंसला बढ़ानेवाले लोगों।

हमें जो ऐसे लोग मिले हैं तो पहले हमें
ईश्वर का भी हृदय से धन्यवाद करना चाहिए।

बाद में ऐसे सभी लोगों को हृदय से एकबार "धन्यवाद या thank you" कहना चाहिए।

कुछ अल्फाज रिश्तों में जान भरते हैं,
मेरा लिखा हुआ पढ़ने के लिए धन्यवाद 🙏🙏

parmarmayur6557

✤┈SuNo ┤_★_🦋
खामोश रहना हर जगह, इबादत
               नहीं होती,

सिर्फ सहते रहने से, हिफाजत
                नहीं होती,

माना कि धैर्य रखना, कान्हा की
                सीख है,

पर जो बुजदिली बन जाए, वो
        शराफत नहीं होती,

जब  जुल्म  की  हद  हो,  तो
      सुदर्शन उठाना सीख,

अन्याय को सहना भी, कोई
        आदत नहीं होती,

हर बार झुक के मिलना जरूरी
             नहीं माधव,

जहाँ मान न मिले वो मोहब्बत
              नहीं होती,

पत्थर भी टूट जाता है इक चोट
                 के बाद,

जो कभी न जागे, वो इंसानियत
               नहीं होती,

अन्याय के आगे जो, डट कर
                खड़ा रहे,

उससे  बड़ी  दुनिया  में, कोई
       इबादत नहीं होती..❣
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥
#𝕁𝕒𝕚_𝕊𝕙𝕣𝕖𝕖_𝕂𝕣𝕚𝕤𝕙𝕟𝕒_ 🙏🏼
#𝐉𝐀𝐈_𝐒𝐇𝐑𝐄𝐄_𝐑𝐀𝐌 .🚩
#𝔾𝕠𝕠𝕕_𝕄𝕠𝕣𝕟𝕚𝕟𝕘_ 🌞
╭─❀🥺⊰╯ 
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥
#motivatforself 😊°  
⎪⎨➛•ज़ख़्मी-ऐ-ज़ुबानी°☜⎬⎪   
✤┈┈┈┈┈★┈┈┈┈━❥

loveguruaashiq.661810

🙏🙏सुप्रभात 🙏🙏
🌹 आपका दिन मंगलमय हो 🌹

sonishakya18273gmail.com308865

जब कुछ न हो तब, यही तो बेहतर है ।

rj99002893

...अगर आपको लोगों को वश में करना है तो कुछ बेहतरीन तरीके बताता हूं।
अगर आपको कोई लालची इंसान मिले तो उसे धन दीजिए
और अगर आपको कोई घमंडी इंसान मिले तो उसके सामने हाथ जोड़ लीजिए।
अगर आपको कोई मूर्ख व्यक्ति मिले तो उसकी बातों को मान लीजिए
और अगर आपको कोई विद्वान मिले तो उससे हमेशा सच कहिए।
अगर आपको कोई अकेला इंसान मिले तो उसे प्रेम दीजिए
और अगर आपको कोई भूखा इंसान मिले तो उसे भोजन दीजिए।
अगर आपको कोई बच्चा मिले तो उसे खिलौना दीजिए और अगर गुरु मिले तो उन्हें सम्मान दीजिए।

ganeshkumar6818