आदित्य विकास को थपथपाते हूए कहता है --आदित्य :- Good , अब जाओ । जानवी तुम्हारा इंतजार कर रही ...
कुम्भन कहता है --> ये मुझे ञात नही मित्र परतुं इस समय हित और अहित की चितां का नही ...
काली ने धीरे से कहा।काली :- मेरा क्या है? मैं सज़ा काट लूँगा…फिर नई ज़िंदगी शुरू कर लूँगा।उसने विकास ...
वह इतना तेजी से घुम रहा था के उसके घुमने से हवा मे सांय सांय जैसी आवाज आने लगता ...
आदित्य :- पहली बात तो ये , के वो कहां है मुझे ये नही पता और मैने उसे क्यों ...
दक्षराज अघोरी बाबा से कहता है--> ठिक है ठिक है आप पहले सांत हो जाईए और आप अंदर आईए ...
जानवी आदित्य को अपने साथ रहने के लिए बोल रही थी तब आदित्य सौचता है --" काश ये तुम ...
अशोक उन दोनो को दैखकर खुश हो जाता है और भगवान से कहता है --अशोक :- हे भगवान , ...
वर्शाली हैरानी से कहती है --> आपके घर ?एकांश कहता है --> हां मेरे घर ।एकांश उत्साह से कहता ...
आदित्य: - मुझे तुझ पर पहले से ही शक था के कभी ना कभी ऐसा ही हरकत जरुर करेगा ...