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રાજકોટ ની ચર્ચિત કથાની ઘણી પોસ્ટ્સ વાંચી. છેલ્લે હમણાં જ જે વસાવડાની કે હનુમાનજી તો ભૂત નસાડે, એની કથામાં ભૂતો ધૂણ્યા?
આમ તો વિષય સાઇકિઆટ્રિસ્ટી ને સ્પર્શતો છે પણ આવું મેં જોયેલું છે. એક જ રિધમમાં અમુક ધૂન ગવડાવે , એક જ મ્યુઝિક. સાવ પ્રાથમિક ટોન માં તો મા બાળકને હીંચકો નાખતી હાલરડાં ગાય એવું, એક જ રિધમ, હીંચકાની એક sooyhing પેટર્ન બાળકને ઊંઘાડી દે છે. એમ જ અહીં કોઈ ધૂન, પાછી ડોલતાં ડોલતાં બોલવાની, પહેલાં ધીમે, પછી ખબર ન પડે એમ વધુ ધીમે, પછી ફાસ્ટ. એટલે મગજ કન્ફ્યુઝ થઈ એમાં ઓતપ્રોત થઈ જાય અને પેલુ મ્યુઝિક સાથે ડોલવાનું જોર પકડે, હજી વધુ, હજી ઝડપથી ધૂન અને મ્યુઝિક. પછી તે ઓચિંતું બંધ થાય .
ચાલતી ટ્રેન ઉભી રહે તો એકદમ આગળ ઝૂકીએ એમ મગજનું બેલેન્સ અને એમ આખું શરીર એ ડોલન શૈલીમાં હોય જે એકદમ ધૂન, મ્યુઝિક બંધ પડતાં થોડી વાર ધૂણ્યા કરે. મગજ પર કાબુ ન હોય એટલે માણસ ગોળ ફરે, હાથ પગ પછાડે.
થોડું માસ હિપ્નોટિઝમ જેવું પણ. મગજના વેવ્ઝ ને એ આલ્ફા કે થીટા કહે છે એવું.
વર્ષો પહેલાં અમરેલી નોકરી કરતો ત્યારે કોઈ પ્રોગ્રામ માં હરિ ઓમ તત્સત્.. જય ગુરુદત્ત.. એ રીતે બોલાવતા હતા. એક નાગર, સ્માર્ટ બહેન મંદાકિની પુંડરિકરાય અંજારિયા તરત ઊભાં થઈ બહાર જઇ આવ્યાં અને એક મીનળ ઓઝા નામની યોગ એક્સપર્ટ છોકરી ભાન ગુમાવવા માં જ હતી તેને થપ્પડ કે ચોટીઓ ભરી કહે જાગૃત રહે, ધૂન બંધ કરી દે.
આ વાત એ બહેને કરી હતી. એ ધૂન સાથે સાવ ધ્યાનમાં હોય કે ટ્રાન્સ માં હોય તેમ લોકોને ધુણતા જોયા છે.
અહીં પણ આવું જ હોવું જોઈએ. માસ હિપ્નોટિઝમ દ્વારા કોઈ ખેલ.

sunilanjaria081256

कड़वा है पर सच है

हम लड़कों की अगर चैन भी खुल जाए तो
हमें शर्म आने लगती हैं...

और लड़कियां छोटे छोटे कपड़े पहन के
पेट कमर बैक दिखा कर
रोड पर चलती है
और कहती हैं हम लड़कियों का तो
रोड पर चलना कितना मुश्किल हो गया है

anisroshan324329

सफ़र के लिए....

​लोग दौड़ते हैं मंज़िल के लिए,
और हमें दौड़ना है बस सफर के लिए।
माना कि बहुत कुछ पाने की चाह है हमें,
पर गिरना नहीं है कभी अपनी ही नज़रों मे हमे ।


-MASHAALLHA

mashaallhakhan600196

Good Night 🌉

harshparmar8722

आज भी जब कान्हा से बात करती हूँ, तो एक दुआ चुपके से निकल जाती है...
जहाँ भी हो, खुश रहना।
क्योंकि कुछ रिश्ते हमारे पास नहीं रहते, लेकिन हमारी रूह में हमेशा बस जाते हैं।

parmarsantok136152

मुसलसल ग़ज़ल: चश्म-ए-तर और सावन की शब
शायर:- अभिषेक चतुर्वेदी 'अभि'

१.
बरसती रात है, तन्हाई है, ख़याल-ए-यार है दिल में,
तसव्वुर का वही सावन, वही बौछार है दिल में।

ख़याल-ए-यार:-प्रियतम का विचार / याद
तसव्वुर:-कल्पना

२.
ज़मीं पर बूँद गिरती है तो सीना काँप जाता है,
कि जैसे हिज्र की जलती हुई तलवार है दिल में।

हिज्र:- विरह / जुदाई

३.
सदा-ए-रिमझिम-ए-बाराँ को लोग नग़्मा समझते हैं,
मग़र इस अब्र के पीछे कोई बेज़ार है दिल में।

सदा-ए-रिमझिम-ए-बाराँ:-बारिश की रिमझिम आवाज़
अब्र:-बादल
बेज़ार:-दुःखी / उदास

४.
वो एक लम्हा जो गुज़रा था कभी सावन की रातों में,
उसी इक लम्हे की ख़ातिर अभि सदक़ार है दिल में।

सदक़ार:-न्योच्छावर होने वाले जज़्बात

५.
तुम्हारी ज़ुल्फ़ के साए में जो मौसम गुज़ारे थे,
उन्हीं ज़ुल्फ़ों की महकती हुई सी कार है दिल में।

कार:-असर / यादों का ताना-बाने की हलचल

६.
हवा जो सर्द चलती है तो रूह सिहर-सी जाती है,
कि दस्त-ए-यार का जैसे कोई इक़रार है दिल में।

दस्त-ए-यार:-महबूब का हाथ

७.
कहाँ वो वस्ल की रातें, कहाँ ये हिज्र का आलम,
नसीब-ए-आशिक़-ए-मुज़्तर बहुत लाचार है दिल में।

वस्ल:-मिलन
आशिक़-ए-मुज़्तर:-व्याकुल प्रेमी

८.
क़फ़स-सा बन गया है अभि ये भीगा-भीगा-सा मौसम,
कि पंछी की तरह ज़ख़्मी कोई ग़मख़्वार है दिल में।

क़फ़स:- पिंजरा
ग़मख़्वार:- दुःख बांटने वाला / दर्द से भरा हुआ

९.
नयन मूँदूँ तो बहती है लहू की एक नदी-सी कहीं पर,
ये चश्म-ए-तर नहीं, अश्कों का इक बाज़ार है दिल में।

चश्म-ए-तर:- नम आँखें

१०.
कड़कती है जो बिजली नभ के सीने पर तड़प कर के,
लगा जैसे अभिषेक ही अरमान की झंकार है दिल में।

११.
दुआ को हाथ उठते हैं तो बस यादें ही आती हैं,
तुम्हारी बंदगी का ही तो बस इफ़्तार है दिल में।

इफ़्तार:- यहाँ समापन या पूजा के फल के अर्थ में

१२.
शराब-ए-नाब की सूरत जो लगती थी कभी बूँदें,
वही बूँदें अभिषेक ज़हर का अम्बार है दिल में।

शराब-ए-नाब:- शुद्ध अमृत समान जल

१३.
तुम्हारी याद का मस्कन हुआ है ये बदन मेरा,
कि जिसके हर एक कोने में फ़क़त आज़ार है दिल में।

मस्कन:- निवास / घर
आज़ार:- रोग / दुःख / कष्ट
शायर:- अभिषेक चतुर्वेदी 'अभि'

abhi006

Divya Bhashkar...

niraliipatel.127808

Sandesh newspaper
Naari Purti

niraliipatel.127808

नाराज़ हो तो हक़ से हो जाना...
पर ये मत सोचना कि तुम्हारी जगह कभी कम हो सकती है।
दिन कितना भी व्यस्त क्यों न हो, दिल की सबसे प्यारी जगह पर आज भी तुम्हारा ही नाम है।
अब मुस्कुरा भी दो मेरे बच्चे...

parmarsantok136152

कितने गिले हैं इन आंखों में
गीत



कितने गिले हैं इन आंखों में जरा पूछो
ऐ आंखें जो बेहती जा रही है
इन्हें जाकर रोको


ऐ आंखें जो बिन बातों की
बेहती जा रही है
अनकहे कुछ कहानी कहती जा रही है



इन्हें जरा सुनो
होंठ हैं खुले
मुस्कुरा नहीं रहे
इंतजार में तेरे
तेरे गम की नगमा गा रहे



आओ जरा पास आकर बैठो
घनी रात है
पर मौसम में साफ है
हवा चल रही चांद आसमान मैं दिख रही

बैठो पास मेरे
पलके उठा के
साथ में मेरे पूनम की चांदनी देखा


देखो यह चांद कितनी प्यारा है
इंतजार करते रहते हैं हम उनके
और यह आसमान में आकर दीदार अपने करा जाता है


शिकायत की मौका नहीं देती
हर बार यह वफा है निभाती है

एक तुम ही हो जो वादों से अपने मुकर है जाते
हां एक तुम ही हो जो वादों से अपने मुकर है जाते



पूछो जब वक्त कहां काटी तो बहाना बनाते


चांद को गौर से देखो
अगर यह कभी ना भी दिखे तो

इससे जरा तुम सवाल करके
देखो यह बता देते हैं


मौसम खराब था
या मेरा दीदार कोई और भी
तुम्हारे अलावा कर रहा था



कितने गिले इन आंखों में जरा पूछो
इस सांसों की दरमियां तुम भी जरा सुनो

सुनो ऐ बोहकती बेहकती सांसे क्या कहा रही
सुनो ऐ ठहरती ठहरती सांसे क्या कहा रही
सुनो ये मेहकती मेहकती है सांसे क्या कह रही



ऐ बस चाहती है तुम्हारी खुशबू जिसमें भर लूं
तुमने समा जाऊ
तुमको मैं अपना कर लूं



बस पास बैठो मेरे साथ बैठो
चांद को देखो
साथ मेरे हवाओं में सांस लो
बेहते आंखें आंखें तुम्हें देखें मुस्कुरा जाएंगे



तुम अगर इन धड़कनों को सुन लो तो
मेरी जान
शिकायत सारी ऐ धड़कन मिटा जायेंगे


खुल गई मैं
खुली किताब तेरे साथ जीना चाहती हूं मैं आज
तू अगर पास रहे दिल नाचे
दिल नाचे गाऐ तेरे प्यार में सो सो नगमे



कितने गिले इन आंखों में जरा पूछो
ऐ आंखें बेहती जा रही तेरे इंतजार में


हां करता तेरे इंतजार मैं



यह गीत आप सबको पसंद आए तो
आगे पढ़ते रहेंगे
मैं आपकी प्रिया लेखक अभिनिशा❤️🦋💯

abhinisha

om shanti dost

virdeepsinh

Goodnight friends.. sleep well

kattupayas.101947

जिस शख्स का हर वक़्त जिक्र
किया करता था

आज उसका नाम सुनते ही
डर जाता हैं

लड़की तो बना लेती है नया आशिक

लड़का मोहब्बत में मर जाता हैं..!!

anisroshan324329

Some people trying to do sexual exploitation in every stage. everybody should have awareness about it.

kattupayas.101947

Good evening friends.. have a nice time.

kattupayas.101947

ख़ुद से गुफ़्तगू

रात फिर देर तलक जागता रहा मैं,

न किसी की याद को आवाज़ दी,

न किसी शिकवा-ओ-गिला का दर खोला,

बस अपने ही दिल के वीरान मकाँ में

चुपचाप टहलता रहा मैं।

अजीब बात है,

जिसे कभी अपनी दुनिया समझा था,

अब उसका ज़िक्र भी करूँ

तो लब काँप जाते हैं।

न इसलिए कि कोई ज़ख़्म ताज़ा है,

इसलिए कि कुछ एहसास

उम्र भर के लिए मुक़द्दर बन जाते हैं,

और अपने ही मुक़द्दर से

बचता फिर रहा हूँ मैं।

मैंने कई दफ़ा चाहा

कि तेरी यादों को तह करके

किसी पुराने ख़त की तरह रख दूँ,

मगर हर बार

कोई महक, कोई लम्हा, कोई ख़ामोशी

उन्हें फिर से खोल देती है,

और दिल की बीमारी

मेरा सारा हाल-ए-दिल बयाँ कर देती है।

अब न तुझसे कोई शिकायत है,

न ख़ुदा से कोई सवाल।

जो था, शायद उतना ही था,

जो नहीं रहा,

उस बात का अब क्या मलाल।

मोहब्बत हमेशा मिलने का नाम तो नहीं,

कभी-कभी वह

रूह के किसी गोशे में

उम्र भर जलते रहने वाला चराग़ भी होती है,

और उसी की तपिश में

पिघलता जा रहा हूँ मैं।

मानता हूँ,

तेरे जाने के बाद

बहुत कुछ बिखरा मेरे अंदर,

मगर जो टूटा,

वो सिर्फ़ एक रिश्ता नहीं था।

कुछ ख़्वाब थे,

कुछ मासूम यक़ीन थे,

और वो शख़्स भी,

जो तेरे साथ रहते-रहते

तेरा अक्स बन गया था।

अब जब आईने में देखता हूँ,

तो एक अजनबी-सा चेहरा नज़र आता है,

जो मुस्कुरा तो लेता है,

मगर उसकी आँखों में

एक मुकम्मल दास्ताँ ख़ामोश बैठी रहती है,

और उसी ख़ामोशी का

मतलब तलाशता रहता हूँ मैं।

फिर भी,

मैं तेरा नाम बद्दुआओं में नहीं लिखता,

क्योंकि मोहब्बत अगर सच्ची हो,

तो उसके मलबे से भी

इज़्ज़त की ख़ुश्बू आती है।

मैं बस इतना जानता हूँ,

कि एक दौर था

जब मेरा दिल तेरे नाम से धड़कता था,

और एक दौर ये है

कि वही दिल

अपने ही सन्नाटों को सुनकर जी रहा है।

शायद यही इश्क़ का आख़िरी सबक़ है—

कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में

हमेशा रहने के लिए नहीं आते,

मगर उनके जाने के बाद

हम कभी पहले जैसे नहीं रह पाते,

और बरसों से

अपने ही वजूद की तलाश में हूँ मैं।

nihalsinghsingh.134307

"पहली तनख्वाह" सिर्फ एक कविता नहीं, बल्कि हर उस बेटे और बेटी का सपना है जो अपने माता-पिता के त्याग, प्रेम और संघर्ष का ऋण चुकाना चाहता है।
इस कविता में मैंने उन भावनाओं को शब्द देने का प्रयास किया है जो पहली तनख्वाह मिलने की कल्पना मात्र से मन में उमड़ती हैं !

neetupandeyy

સમજદારીના આ ચોકઠામાં, પ્રેમ ક્યાંય સમાતો નથી,
હિસાબ માંડીને બેસું તો, એનો મેળ ક્યાંય ખાતો નથી.
મેં પ્રયત્ન તો કીધો બહુ, આ દિલને રોકી રાખવાનો,
તર્કની કોઈ દીવાલોથી, આ શ્વાસ તો રોકાતો નથી.

બધા કહે છે કે પ્રેમમાં તો, સાવ ખોવાઈ જવું પડે છે.
દુનિયાની નજરમાં થોડું, પાગલ થઈ ફરવું જવું પડે છે.
મનની મારી જૂની આદત છે, પળેપળ સંભાળીને રહેવાની,
ખબર નથી કે હોશ ખોઈને, કઈ રીતે જીવી જવું પડે!

હું મલાજો પાળું મર્યાદાનો, ને દુનિયા વહેણ વહાવે છે,
તું હસતાં મુખડે આવીને, મને જીવતાં રોજ શિખવાડે છે.
એક ડર છે કે હું તૂટી જઈશ, જો હદથી વધુ વહી જઈશ,
તારા પ્રેમની આ ગહનતા, મને પળેપળ અકળાવે છે.

વચ્ચે લટકેલી આ સફરમાં, ચાલને એક રસ્તો નવો કરીએ,
ન હું સાવ પાગલ બનું, ન તું બહુ સમજદારીની વાતો કર.
હું થોડી વહી જાઉં તારામાં, તું થોડોક સમજી જા મને,
આ અધૂરા અહેસાસને જ, ચાલને આખી જિંદગી કરીએ.

palewaleawantikagmail.com200557

कान्हा ने मेरी झोली से कुछ लिया ज़रूर, पर बदले में ऐसी याद दे दी जो आज भी मेरी रूह में सांस लेती है...

लोग समझते हैं कुछ रिश्ते खत्म हो जाते हैं, पर जो कान्हा से जुड़े हों, वो बिछड़कर भी साथ चलते हैं।

parmarsantok136152

OCD से मुक्ति

“क्या आप भी ताले को बार-बार चेक करते हैं, या हाथ धोने के बाद भी गंदगी का वहम रहता है? यहाँ तक कि कई बार भगवान या पूजनीय लोगों के प्रति भी मन में अनचाहे और डरावने विचार आने लगते हैं, जिससे इंसान ग्लानि (गुिल्ट) से भर जाता है। भारत की करीब 1% आबादी इस OCD (मनोग्रसित-बाध्यता विकार) से जूझ रही है, लेकिन लोग इसे महज़ एक आदत या पाप मान बैठते हैं। इस लेख में हमने बेहद सरल उदाहरणों के साथ दिमाग को गुलाम बनाने वाले इसी अदृश्य चक्र को डिकोड किया है। एक विशेष तालिका (Table) के ज़रिए जानिए सामान्य आदत और इस बीमारी के बीच का वो महीन अंतर, जो हर किसी को पता होना चाहिए। क्या वाकई इस मानसिक उलझन का वैज्ञानिक इलाज संभव है? अपनी या अपने अपनों की शांति के लिए अभी पूरा लेख पढ़ें!”
https://www.matrubharti.com/book/19994085/ocd-se-mukti-1

nityaoswal430745

तू ना होके भी है तेरी जादूगरी

मील पत्थर भी देख के हैरान है तू ही तू हर कहीं


तुझे मेरी कसम....:::::::::::
में चाह कर भी उसे दिल की बात नहीं कह सकता

anisroshan324329

🙏🙏

harshparmar8722