कभी-कभी इंसान इतना भावुक हो जाता है कि जो भावना शब्दों में नहीं ढलती, वो आँखों के रास्ते बाहर ...
लड़की ने बोलना जारी रखा...राज ठाकुर की पत्नी सुनीता ने अचानक मेरा हाथ कसकर पकड़ लिया और मुझे भीतर ...
केशव वैसे ही अपनी परेशानी से जूझ रहा था उस पर यह लड़की उसकी समझ से बाहर थी।दिल तो ...
जैसे ही वे लोग मुड़ने लगे, तभी बच्चे की हल्की-सी रोने की आवाज़ डिब्बे में गूँज गई।लड़की घबराकर तुरंत ...
केशव किसी तरह धक्कामुक्की से निकलते हुए सप्त क्रांति ट्रेन में चढ़ पाया।पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन लोगों से खचाखच ...
दस दिन की बेचैनी, दुआओं, और देखभाल के बाद…आज देव जी को हॉस्पिटल से छुट्टी मिल रही थी।महक के ...
ताया जी आ गए कप टूटने की आवाज सुन कर.."महक , चिंटू कही लगी तो नहीं""नहीं ताया जी ..ठीक ...
शाम के चार बज चुके थे...महक मुँह-हाथ धोकर आँगन में बैठी थी...धीरे-धीरे ढलती धूप की सुनहरी किरणें आँगन के ...
1 जनवरी 2002…सर्दी की वह सुबह…जब पूरा शहर नए साल की उमंग और खुशियों में डूबा था।घर का फोन ...
लेकिन ज़िंदगी उतनी आसान नहीं होती जितनी इंसान सोच लेता है।कभी-कभी तो वो हमारे ख्वाबों का उल्टा ही कर ...