रामू: जो खुद को बहुत समझदार मानता है। श्यामू: रामू का पड़ोसी, जो थोड़ा सीधा है लेकिन मौके पर चौका मारता है। बसंती चाची: मोहल्ले की "न्यूज़ चैनल"। इन्हें सबके घर की खबर होती है, बस अपनी दाल जलने का पता नहीं होता। पंडित जी: जो हमेशा रामू को भारी-भरकम ज्ञान देते हैं, लेकिन खुद अपनी साइकिल की चाबी ढूँढते रहते हैं। छोटू: रामू का चेला, जो रामू की हर बात पर "वाह उस्ताद!" बोलता है, चाहे रामू कितनी ही बड़ी बेवकूफी क्यों न करे। ️
मोहल्ले की भव्य शादी - 1
रामू: जो खुद को बहुत समझदार मानता है। श्यामू: रामू का पड़ोसी, जो थोड़ा सीधा है लेकिन मौके पर मारता है। बसंती चाची: मोहल्ले की न्यूज़ चैनल । इन्हें सबके घर की खबर होती है, बस अपनी दाल जलने का पता नहीं होता। पंडित जी: जो हमेशा रामू को भारी-भरकम ज्ञान देते हैं, लेकिन खुद अपनी साइकिल की चाबी ढूँढते रहते हैं। छोटू: रामू का चेला, जो रामू की हर बात पर वाह उस्ताद! बोलता है, चाहे रामू कितनी ही बड़ी बेवकूफी क्यों न करे। ️सीन: रामू अपने हाथ में एक चमकता हुआ नया स्मार्टफोन लेकर खड़ा है और श्यामू ...Read More
मोहल्ले की भव्य शादी - 2
रामू हाँफते हुए दुकान पर पहुँचता है और चिल्लाता है, "कहाँ गया वो पनीर चोर? अभी के अभी मेरा वापस करो!" तभी दुकान के कोने में बैठा एक भारी-भरकम आदमी खड़ा होता है। वह और कोई नहीं, बल्कि उसी इलेक्ट्रिशियन का मालिक (बॉस) है जिसे रामू ने गलती से 'समधी' बना दिया था। मालिक को देखते ही इलेक्ट्रिशियन डर के मारे छुपने की कोशिश करता है।मालिक गरजकर पूछता है, "अरे रामू! तुम यहाँ क्या कर रहे हो? और मेरा आदमी जनरेटर छोड़कर यहाँ क्या कर रहा है?" ️सेठ जी चिल्लाते हैं, "अरे ओ गप्पू! तू यहाँ समधी बनकर बैठा ...Read More