​शापित प्रेम की छाया

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उत्तरी साम्राज्य की वे बर्फीली हवाएँ उस रात साधारण नहीं थीं। उनमें एक ऐसी कड़वाहट थी, जैसे वे पहाड़ियों की गहराइयों में दबे किसी प्राचीन अभिशाप को सोखकर आई हों। हवा का हर झोंका इज़ोल्ड की त्वचा पर किसी ठंडी आरी की तरह चल रहा था। सराय की पुरानी लकड़ी की खिड़की जब हवा के दबाव से चरमराई, तो इज़ोल्ड को लगा जैसे कोई रूह कराह रही हो।

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​शापित प्रेम की छाया - 1

​अध्याय 1: प्रतिशोध की ठंडी रात (The Grand Expansion)​ उत्तरी साम्राज्य की वे बर्फीली हवाएँ उस रात साधारण नहीं उनमें एक ऐसी कड़वाहट थी, जैसे वे पहाड़ियों की गहराइयों में दबे किसी प्राचीन अभिशाप को सोखकर आई हों। हवा का हर झोंका इज़ोल्ड की त्वचा पर किसी ठंडी आरी की तरह चल रहा था। सराय की पुरानी लकड़ी की खिड़की जब हवा के दबाव से चरमराई, तो इज़ोल्ड को लगा जैसे कोई रूह कराह रही हो। वह खिड़की के पास खड़ी थी, उसकी आँखें दूर क्षितिज पर टिकी थीं जहाँ कैसियन का 'काली मीनारों वाला महल' बादलों को चीरता ...Read More