रात का अंधेरा था। आसमान पर चाँद धुंधला पड़ा हुआ था—मानो उसने भी अपनी रोशनी बुझा दी हो, इस अन्याय को देखने से इंकार कर दिया हो। महल के सामने बने execution ground पर सैकड़ों लोग जमा थे। उनके हाथों में जलती मशालें थीं, जिनकी काँपती लौ, इस रात की क्रूरता को और भी भयानक बना रही थी। मंच के बीचों-बीच खड़ी थी सेलिना। उसके हाथ पीछे कसकर बाँध दिए गए थे, पैरों में लोहे की बेड़ियाँ थीं, और जिस लाल गाउन में कभी राजमहल के समारोहों में उसकी शान झलकती थी—आज वही गाउन धूल, राख और उसके लहू से दाग़दार था।
विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 1
Ep 1:“मृत्यु की रात — अँधेरा जिसने उसे जन्म दिया”रात का अंधेरा था। आसमान पर चाँद धुंधला पड़ा हुआ उसने भी अपनी रोशनी बुझा दी हो, इस अन्याय को देखने से इंकार कर दिया हो। महल के सामने बने execution ground पर सैकड़ों लोग जमा थे। उनके हाथों में जलती मशालें थीं, जिनकी काँपती लौ, इस रात की क्रूरता को और भी भयानक बना रही थी।मंच के बीचों-बीच खड़ी थी सेलिना।उसके हाथ पीछे कसकर बाँध दिए गए थे, पैरों में लोहे की बेड़ियाँ थीं, और जिस लाल गाउन में कभी राजमहल के समारोहों में उसकी शान झलकती थी—आज वही ...Read More
विलनेस का पुनर्जन्म अब बदला होगा - 2
Ep 2: जादू की पहली आहतकमरे की धूप के बीच भी, उसकी परछाई काँप रही थी—मानो अंधकार अब हमेशा साथ बँध चुका हो।सेरेना वेलमोर—जो कल तक सेलिना थी—धीरे-धीरे बिस्तर से उठी।सुबह की ठंडी हवा खिड़की से अंदर आ रही थी। परदे हल्के-हल्के हिल रहे थे। आईने के सामने खड़ी होकर उसने खुद को गौर से देखा।सिर्फ़ 14 साल की मासूम बच्ची… लेकिन उसकी आँखों की गहराई में सदियाँ छिपी थीं।चेहरे पर नन्ही-सी मासूमियत थी, पर दिल में जलती थी अंधकार की कसक।उसने अपनी उँगलियों को छुआ।“इतनी नाज़ुक हथेलियाँ… और इन्हीं हाथों से मैं इस दुनिया की नींव हिला दूँगी।”फिर ...Read More