जिंदगी की दूसरे किनारा

(4)
  • 159
  • 0
  • 1.1k

जिंदगी के पार जिंदगी कहते हैं जिंदगी एक रहस्य से भरा हुआ है एक पजल की तरह जिंदगी की हर मोड़ हर रास्ता है जिसे सुलझाना आसान नहीं और जिंदगी की कहानी एक पजल है हमें नहीं पता कि किन्हे जिंदगी सौगात में क्या देता है पर जिंदगी सौगात मै एक चीज देती है जो शगुन से भरी होती है एक लंबी नींद एक लंबा सपना

Full Novel

1

जिंदगी की दूसरे किनारा - 1

जिंदगी की दूसरा किनारापार्ट 1 जिंदगी के पार जिंदगीकहते हैं जिंदगी एक रहस्य से भरा हुआ है एक पजल की तरह जिंदगी हर मोड़ हर रास्ता है जिसे सुलझाना आसान नहीं और जिंदगी की कहानी एक पजल है हमें नहीं पता कि किन्हे जिंदगी सौगात में क्या देता है पर जिंदगी सौगात मै एक चीज देती है जो शगुन से भरी होती है एक लंबी नींद एक लंबा सपना पर सपना क्या है और उसके रहस्य क्या है जो दुनिया में अब तक तरह तरह की सवाल है कहते हैं सपना अपने दिमाग की उलझन से पैदा होते हैं और दिमाग तो उलझने के लिए ही होते हैं ना पर आज ऐसे सपना के बारे में नहीं जानेंगे कहानी के बारे में जो जिंदगी को फिर से जिंदगी कहने पर मजबूर करदेंगे और मौत को भी जिंदगी कहने पर मजबूरकर देंगे ...Read More

2

जिंदगी की दूसरे किनारा - 2

जिंदगी की दूसरा किनारापार्ट 2औरवही डॉक्टर उस लड़की को देखते हुएअपने दोनों हाथों को नीचे टेबल पर रख देता अपनी बातों को आगे बढ़ते हुए मुस्कुराते हुए कहता हैकभी मत सोचो कि तुम मरने वाली होयह सोचो कि तुम जिंदा दिल होऔर तुम्हें बस इस पल में जीना हैडॉक्टर जानता है कि वह लड़की दुखी हैपर वह सोच रहा हैना उम्मीदें जिंदगी से अच्छा हैकि कोई उम्मीद हो बस लोग इस पल को काटना सीखेजिंदगी अपने आप कट जाएगीऔरडॉक्टर उसे समझाने की कोशिश करता हैजीने का नजरिया बदलने की कोशिश करता हैपर वही लड़की में उम्मीद ना के बराबर ...Read More

3

जिंदगी की दूसरे किनारा - 3

जिंदगी के दूसरे किनारा पार्ट 3अब समय शाम के वक्त हैऔर वही लड़की अपने दोस्तों के साथ शाम केशहर गई हैवह शहर में है आसपास चीज बिक रही है कुछ गाड़ियां हैआती जाती बाइक कार साइकिलऔर आसपास लगे हुए बहुत सारे रेस्टोहैंटशाम की तकरीबन सात बच के हैंलाइट से दिखती हूं उजालाऔर चेहरे परउन्हें बीच वह लड़कीउसके दोस्त के साथ वह सड़कों पर टहलते हुएआगे शहर घूमते हुए जा रही हैउसके 2 चार दोस्त में हंस रही हैऔर बातें कर रही हैउसमें एक दोस्त मुस्कुराते हुए आगे देखते हैं कहती है और हमें आगे जाना चाहिएहै नाक्या कहते हैंउसके ...Read More

4

जिंदगी की दूसरे किनारा - 4

जिंदगी की दसरे किनारा पार्ट 4वही है अब आधी रात के समयमेघाना बेचैन है एक हाथ सर पर रखते सोच में डूबी हुई हैछत की तरफ देखते हुएसायद उसेसदमा लगा हैउन अविश्वासी घटना काउसने जो सड़कों पे देखाउसका दिमाग वही अटक गया हैवह भरम में है उसे समझ में नहीं आ रहा हैकि वह क्या था इसीलिएवो अब तिलक जाकरअपने बिस्तर पे लेटे हुएउसकी छोटी सी कैमराजिसमें कोई भी चीज़ अपनी जगह पर नहीं हैकपड़े यहां वहांखाने की चीज यहां वहांऔर यहां तक की काम की चीज यहां वहां पसरा हुआ हैऔर तभी वह पैनिंग करते हुएअपने सर पर ...Read More