लाल पत्थर का राज by Anil singh in Hindi Novels
वह अजीब निशान और सुबह का हंगामाप्रस्तावना: वह खूनी रात (सपना)अंधेरा... सिर्फ घना अंधेरा और चारों तरफ खून की गंध।यह एक वि...
लाल पत्थर का राज by Anil singh in Hindi Novels
बाहर काव्या अपनी स्कूटी के पास खड़ी होकर बार-बार हॉर्न की कर्कश आवाज़ निकाल रही थी। उसकी आवाज़ में साफ़ धमकी थी जब उसने चिल्...
लाल पत्थर का राज by Anil singh in Hindi Novels
बरगद का साया और वो अक्सकॉलेज के आर्ट्स ब्लॉक के पीछे वाला वो हिस्सा हमेशा से थोड़ा मनहूस माना जाता था। वहां कोई आता-जाता...
लाल पत्थर का राज by Anil singh in Hindi Novels
उसने अपना दायां हाथ धीरे से उस पुराने बरगद के खुरदरे तने पर रखा। जिस जगह उसकी ठंडी उंगलियां पड़ीं, वहाँ की हरी काई पलक झप...