अदृश्य: कालचक्र का रक्षक by jassu in Hindi Novels
मौत का दस्तक​बनारस की उस रात में गंगा के घाटों पर सन्नाटा नहीं, बल्कि एक अजीब सी बेचैनी थी। शाम की आरती के बाद जो शांति...
अदृश्य: कालचक्र का रक्षक by jassu in Hindi Novels
बनारस की तंग गलियां रात के सन्नाटे में किसी अजगर की तरह फुसफुसा रही थीं। आर्यन की रॉयल एनफील्ड की आवाज़ उन खामोश दीवारों...