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रूहों का सौदा क्या जीत केवल तलवार से होती है? जब मर्यादा की दीवारें ढहने लगीं और...
मंच पर उद्घाटन फिर शुरू। मंत्री ने रिबन काटा। पहली ट्रेन सीटी बजा कर आई। पृथ्वी-...
अब आगे।।।वेनिस,इटली।रिहान इस वक्त अपने घर पर था,,ओर लिविंग रूम में बैठा फोन पर ब...
स्त्री–पुरुष, संघर्ष–समर्पण : एक विज्ञान 1️⃣ स्त्री के लिए फल नहीं—कृत्य ही आनं...
भाग १ – शुरुआती संघर्षकमज़ोरी से जन्मी ताकत :डेविड गॉगिन्स का बचपन एक सामान्य बच...
EPISODE 7एक और रिश्तेदार (डरते हुए): "अभिमान, आपकी राजनीति ठीक है, पर आप अपनी र...
एपिसोड 10: अमरता का आईनामाया सीढ़ियों से ऊपर चढ़ रही थी, हर कदम के साथ इमारत काँ...
पहली बार तीनों की धड़कनें एक साथकमरे में हल्की रोशनी है। Shreya बीच में खड़ी है।...
वर्शाली अपना हाथ आगे करके फिर वही मंत्र कहती है---“ॐ सुप्त-शक्ति जागर्ति — रोगः...
द फोर्थ जेंडर:- चौंकते हुए स्वामी अक्षयानंद ने कहा,"यह अटपटा तो नहीं हो जाएगा और...
सन्नाटे की गूँज माया की ज़िंदगी एक खाली कमरे की तरह थी—चुपचाप, उदास और अकेली। तीस साल की हो चुकी थी वह, लेकिन शादी का ख्याल उसके मन के किसी कोने में दफन हो चुका था। वह एक छोटे से...
" इच्छा... तुम... नहीं नहीं तुम मेरी इच्छा नहीं हो सकती... " जोरो से हॅसते हुए आवाज गूंजती है.... " सही पहचाना में तेरी इच्छा नहीं हूँ मै.. वो हूँ जो तू सोच भी नही...
कुछ यादें अचानक गायब नहीं होतीं। वे बस धीरे-धीरे पीछे खिसक जाती हैं, इस तरह कि हमें लगता है हमने ही उन्हें छोड़ दिया है। और जब वे लौटती हैं, तो शोर नहीं करतीं—बस चुपचाप अपनी जगह...
"रात 3:12 बजे की दस्तक" — इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी। एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक रात का सन्नाटा इतना गह...
इस कहानी में हर मोड़ पर मौत खड़ी है। हर कदम के साथ खतरा बढ़ता जाता है और ज़िंदगी व मौत के बीच की रेखा मिटती चली जाती है। यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है, जिसका किसी भी वास्तविक व्...
मुंबई की उस रात में उमस नहीं, एक दम घोटने वाली खामोशी थी. उपनगर की एक तंग गली के आखिरी छोर पर स्थित उस जर्जर इमारत का कमरा नंबर सत्रह, किसी जिंदा कब्र जैसा लग रहा था. घडी की सुइयां...
मुंबई की रातें— जो कभी हज़ारों सपनों की धड़कन हुआ करती थीं, वे अब अविन अविनाशी चौहान के लिए किसी रोमांच से नहीं, बल्कि एक खामोश मजबूरी से भरी थीं। यह नवंबर की उमस भरी रात थी; मरीन...
एक भयानक खोज दिल्ली की पुरानी लाइब्रेरी, जहां धूल से भरे शेल्फ़ और पन्नों की हल्की महक थी, रिया का पसंदीदा ठिकाना था। 22 साल की रिया, इतिहास की छात्रा थी, और उसे लगता था कि हर पुर...
रात इतनी गहरी थी कि चाँद की रौशनी भी शायद डर के छिप रही थी। बारिश की बूंदें पत्थरों पर जोर से गिर रही थीं, और हर तरफ सिर्फ अंधेरा था।यह कहानी है २२ साल के आरव की, जो कुछ ही समय पहल...
खामोश पेंटिंग की पहली साँस पुरानी गली की वह कला-दुकान हमेशा की तरह उस शाम भी आधी अँधेरे में डूबी हुई थी। बाहर बारिश की हल्की बूँदें पत्थरों से टकरा रही थीं और अंदर हवा में पुरान...
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