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स्थान: 'सुकून विला', कसौली (हिमाचल प्रदेश)समय (टाइमलाइन 1): 10 जनवरी, 20...
विवेक – अदिति | गहरा रिश्तारात का सन्नाटा चारों ओर फैला था।घर सो चुका था… लेकिन...
वरिष्ठ पत्रकार/साहित्यिकार/'दि ग्राम टूडे' प्रकाशन के समूह संपादक/आदरश्र...
इस पुस्तक में मूल पाठ को छोड़कर सभी कुछ, Ai जेनरेटेड है ।पुस्तक के अंतमें, लेखक...
W-22 : The Door That Should Not ExistSEASON 4 – “THE BEAUTY THAT BROKE THE GODS”...
आदित्य: - तुम्हें जो समझना है तुम समझो , मुझे उससे कोई लेना देना नही है , बस तुम...
अभी तक आपने पढ़ा कि अनन्या वीर से मिलने गई लेकिन उसके उतावलेपन से नाराज़ होकर उसे...
Ep 2: जादू की पहली आहत कमरे की धूप के बीच भी, उसकी परछाई काँप रही थी—मानो अंधकार...
सुबह की हल्की धूपShreya balcony में खड़ी हल्की हवा महसूस कर रही है।आँखों के नीचे...
एक तरफ माँ का दुनिया से अन्तिम विदाई । दूसरी तरफ दो मासूम बच्चो की दुनिया मे शुर...
“हम तेरे बिन् अभी रेहे नहीं सकते... तेरे बिना क्या वजूद मेरा” कृति के पसंदीदा रिंग्टोन धीमि सी गुनsss गुनाsss रही थी उसकी मोबाइल, हालाँकि गेहरी नींद के गोद में सोयी रही पर उठ नहीं...
वारलॉक (अंग्रेजी) की प्रशंसा “ एक रोचक किताब! दिलचस्प, जानकारीपूर्ण और विश्वसनीय। " - डेक्कन क्रॉनिकल अख़बार “वॉरलॉक भारतीय तांत्रिक गतिविधियों की जड़ों में ले जाता हैं। -...
आज ही हरिद्वार से देहरादून आया हूँ। सच में देहरादून की खूबसूरती के बारे में जितना सुना है उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत जगह है यह। रास्ते भर प्रकृति की सुंदरता देखता आया पर यहाँ इस पुलि...
दुर्घटना संध्या समय की चंचलता अपने मोहक वातावरण मे सूर्य की लाली संग एक अद्धभुत नजारे मे ढल रही हैँ इस समय एक खामोश सडक पर सुभाष अपनी मंजिल की ओर बेखौफ बड़े जा...
तिथि 31 मार्च 1990एक अज्ञात व्यक्ति एक नवजात शिशु को कुमार फैमिली के घर के बाहर रख कर चला जाता हैँ¡ कुमार फैमिली मे एक अधेड उम्र का जोड़ा रहता हैँ !उनके विवहा को बीस वर्षो से भी अधि...
चल राजू,जल्दी से खाना खाकर तैयार हो जा,रात को दस बजे हमारी ट्रेन है, मां ने मुझसे कहा____ मैंने कहा ठीक है मां और मैंने अपने कंचे,चंदा-पवआ खेलने वाली कौड़ी और अपनी गेंद मां को...
चौपड़े की चुड़ैलें (कहानी : पंकज सुबीर) (1) हवेली वैसी ही थी जैसी हवेलियाँ होती हैं और घर वैसे ही थे, जैसे कि क़स्बे के घर होते हैं। कुछ कच्चे, कुछ पक्के। इस क़स्बे से ही हमारी कहानी...
ग्वालियर का किला अपने में बेजोड़ है , इसे भारत का जिब्राल्टर भी कहते हैं । आज हमने ग्वालियर किले पे जाने का प्लान बनाया था , मैं और युवी करीब दोपहर के तीन बजे किले के मुख्य दरवाजे प...
(1)पार्ट प्यार बारे मे कई ग्रंथ लिखे गए, हर ग्रंथ मे प्यार को अलग एंगल से देखा गया, ओर पढ़ने वालो ने भी अपनी अपनी सुहलयत से उसे अपनाया, कई रिश्तों मे प्यार विवाहिक जीवन के बाद हुवा...
"मैं उस बंगले में कभी भी रहने नहीं जाऊँगी। मेरे साथ वहाँ पर बहुत ही बुरी और अविश्वसनीय घटना घटी जिस पर तुम विश्वास ही नहीं करोगें" घबराते हुए प्राची ने अपने पति चेतन क...
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