hindi Best Fiction Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Fiction Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


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  • नक़ल या अक्ल - 69

    69 बहू कहाँ है?     डॉक्टर ने किशोर और राधा के माँ-बापू का मायूस का चेहरा देखा व...

  • स्वयंवधू - 22

    "मान्या मैम चाहती थी कि वृषा बाबा को क्रूरता से मारा जैसा कभी किसीने नहीं सुना ह...

  • पथरीले कंटीले रास्ते - 24

      24   जेल के उस मुलाकात के कमरे में बग्गा सिंह अपने बेटे के साथ दुख सुख बाँट रह...

नक़ल या अक्ल - 69 By Swati Grover

69 बहू कहाँ है?     डॉक्टर ने किशोर और राधा के माँ-बापू का मायूस का चेहरा देखा वह बोले,   ऐसे घबराने से कुछ  नहीं होगा, हम भी कोशिश  करेंगे, आप भी करिए। अपने  गॉंव  जाए, लोगों  से...

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बियोंड वर्ड्स : अ लव बॉर्न इन साइलेंस - भाग 18 By Dev Srivastava Divyam

   सुबह का समय,   फातिमा हॉस्पिटल,   सिद्धांत और लक्ष्मी की नोंक झोंक देख कर यश को हँसी आ गई और वो अपना सिर नीचे करके हँसने लगा ।   ये देख कर सिद्धांत ने चिढ़ कर कहा, " तुम क्या दा...

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अग्निपरीक्षा! By रेखा श्रीवास्तव

अग्निपरीक्षा !             कुछ ही दिन पहले वह मुझे नर्सिंग होम कि लिफ्ट में टकरा गयी। एकदम मैं उसके पहचान नहीं पायी क्योंकि एक लम्बे अरसे बाद मिल रही थी। सारी चीजें वही लेकिन बस चे...

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स्वयंवधू - 22 By Sayant

"मान्या मैम चाहती थी कि वृषा बाबा को क्रूरता से मारा जैसा कभी किसीने नहीं सुना हो।", जीवन जी भरे अपराधबोध से कहा, "मैं देश का एक जाना-माना क्रूर हत्यारा था। मेरा लक्ष्य केवल अमीर ल...

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नागेंद्र - भाग 4 By anita bashal

अवनी की एक सांप से शादी हुई 6 साल हो गए थे और अब उसकी शादी नागेंद्र नाम के किसी इंसान से हुई थी। उनके परिवार की हालत काफी खराब थी और ऐसे में कोई गजेंद्र सिंह नाम का इंसान उनकी हवेल...

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सुरासुर - 2 By Sorry zone

"क्या मैं मर गया पर मुझे तो कोई दर्द महसूस नहीं हुआ मैं जिंदा भी हूँ कि नहीं मफ्फ इतना समय क्यों लग रहा है"? दाईं पलक खोलने पर वह आश्चर्यचकित रह गया क्योंकि अब उसके सामने लार टपकान...

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पथरीले कंटीले रास्ते - 24 By Sneh Goswami

  24   जेल के उस मुलाकात के कमरे में बग्गा सिंह अपने बेटे के साथ दुख सुख बाँट रहा था । बारह तेरह दिन बाद उसे बेटे से मिलने का अवसर मिला था और वह इस अवसर का पूरा पूरा लाभ उठाना चाहत...

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रावी की लहरें - भाग 25 (अंतिम भाग) By Sureshbabu Mishra

सम्बन्ध   आरती अपने पति की फैक्ट्री के निकट बने एक कैफे में बैठी हुई थी । उनकी निगाहें बार-बार फैक्ट्री के मेन गेट की ओर उठ जाती थीं। उसे अपने पति के फैक्ट्री से बाहर निकलने क...

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युवा किंतु मजबूर - पार्ट 4 By Lalit Kishor Aka Shitiz

दो महीने बीत चुके थे राकेश अब फिर से बेरोजगार हो चुका था। सब्जी के व्यापार में घाटा लगने की वजह से उसने दुबारा धंधे का नहीं सोचा। इधर किशोर बनारस में वहाँ के प्रसिद्ध लेखक प्रशांत...

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किरन - 2 By Veena

उसके दिन गुजर रहे थे। सफेद रंग का टी-शर्ट और नीली जीन्स उसके पसंदीदा कपड़े। उलझे हुए बालों में बंधीं पोनी टेल उसे जंचती है। ऐसा उसके भाई और होने वाले पति, राज का मानना था। साधारण क...

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Resident Night - 11.59 By Harsh Pal

प्रस्तावना अंतरा इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ। मालदा, पश्चिम बंगाल। 17 जून1998। उस रात फिज़ा की कैफियत कुछ अजीब ही थी। मूसलाधार बारिश ने आमों का शहर कहे जाने वाले मालदा की सड़कों को रा...

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लालच कहूँ या लाचारी By Shweta pandey

लघु कथासुबह के 10 बजे थे, सबके ऑफिस और कॉलेज जाने का वक्त था ये , मैं रोज की तरह ही बस का इंतेज़ार कर रही थी कॉलेज जाने के लिए , की तभी मेरी ध्यान एकाएक सामने लगी भीड़ पर जाती है,मुझ...

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नक़ल या अक्ल - 69 By Swati Grover

69 बहू कहाँ है?     डॉक्टर ने किशोर और राधा के माँ-बापू का मायूस का चेहरा देखा वह बोले,   ऐसे घबराने से कुछ  नहीं होगा, हम भी कोशिश  करेंगे, आप भी करिए। अपने  गॉंव  जाए, लोगों  से...

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बियोंड वर्ड्स : अ लव बॉर्न इन साइलेंस - भाग 18 By Dev Srivastava Divyam

   सुबह का समय,   फातिमा हॉस्पिटल,   सिद्धांत और लक्ष्मी की नोंक झोंक देख कर यश को हँसी आ गई और वो अपना सिर नीचे करके हँसने लगा ।   ये देख कर सिद्धांत ने चिढ़ कर कहा, " तुम क्या दा...

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अग्निपरीक्षा! By रेखा श्रीवास्तव

अग्निपरीक्षा !             कुछ ही दिन पहले वह मुझे नर्सिंग होम कि लिफ्ट में टकरा गयी। एकदम मैं उसके पहचान नहीं पायी क्योंकि एक लम्बे अरसे बाद मिल रही थी। सारी चीजें वही लेकिन बस चे...

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स्वयंवधू - 22 By Sayant

"मान्या मैम चाहती थी कि वृषा बाबा को क्रूरता से मारा जैसा कभी किसीने नहीं सुना हो।", जीवन जी भरे अपराधबोध से कहा, "मैं देश का एक जाना-माना क्रूर हत्यारा था। मेरा लक्ष्य केवल अमीर ल...

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युवा किंतु मजबूर - पार्ट 4 By Lalit Kishor Aka Shitiz

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किरन - 2 By Veena

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