hindi Best Fiction Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Fiction Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


Languages
Categories
Featured Books
  • प्यार हुआ चुपके से - भाग 22

    रति,लक्ष्मी के साथ मंदिर पहुंची,तो वहां आज रोज़ से कुछ ज़्यादा ही चहल-पहल थी। मं...

  • द्वारावती - 22

    22‘कोई तो है जो मेरा पीछा कर रहा है। कौन होगा? क्यों करता होगा? क्या चाहिए उसे म...

  • नक़ल या अक्ल - 8

    8 ब्याह    जब किशोर ने अपना नाम सुना तो डरते हुए अपना मुँह मोड़ा तो उसे सवालियां...

प्यार हुआ चुपके से - भाग 22 By Kavita Verma

रति,लक्ष्मी के साथ मंदिर पहुंची,तो वहां आज रोज़ से कुछ ज़्यादा ही चहल-पहल थी। मंदिर में अजय अपनी मां के साथ खड़ा, पंडितजी से कुछ बातें कर रहा था। "बिटिया तू मंदिर में जा, मैं ज़रा...

Read Free

फादर्स डे - 71 By Praful Shah

लेखक: प्रफुल शाह खण्ड 71 मंगलवार 31/08/2004 अमित चंद्रकान्त सोनावणे केस में सुनाई गई फांसी की सजा और संकेत सूर्यकान्त भांडेपाटील केस में उम्र कैद के खिलाफ लहूकुमार रामचन्द्र ढेकणे...

Read Free

फागुन के मौसम - भाग 16 By शिखा श्रीवास्तव

वैदेही ने लीजा और मार्क की उत्सुकता देखते हुए उनसे कहा, "तुम दोनों पहले शांति से बैठ जाओ, फिर मैं तुम्हें सारी बात बताती हूँ।" "लो बैठ गये, अब जल्दी बोलो ड्रामा क्वीन।" लीजा और मार...

Read Free

द्वारावती - 22 By Vrajesh Shashikant Dave

22‘कोई तो है जो मेरा पीछा कर रहा है। कौन होगा? क्यों करता होगा? क्या चाहिए उसे मुझसे ?’कुछ क्षण वह रुक गया। कन्दरा से कोई नहीं आया।‘भीतर जाकर देख लूँ कि कौन है?’ वह कन्दरा की तरफ़...

Read Free

उन्हीं रास्तों से गुज़रते हुए - भाग 6 By Neerja Hemendra

भाग 6 समय व्यतीत होता जा रहा था। दीदी का ग्रेजुएशन पूरा हो चुका था। उन्होंने स्नातकोत्तर की कक्षा में प्रवेश ले लिया था। मेरा स्नातक पूरा होने वाला था। इन्द्रेश के चुनाव जीत जीने प...

Read Free

नक़ल या अक्ल - 8 By Swati Grover

8 ब्याह    जब किशोर ने अपना नाम सुना तो डरते हुए अपना मुँह मोड़ा तो उसे सवालियां नज़रों से रिमझिम  उसकी तरफ देखती नज़र आई। उसने उसे घूरते हुए पूछा,   किशोर! यहाँ क्या कर रहें हो और यह...

Read Free

अमावस्या में खिला चाँद - 21 (अंतिम भाग) By Lajpat Rai Garg

- 21 -         ‘उठाले’ से एक दिन पूर्व मुक्ता को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। ‘उठाले’ की रस्म पूरी होने के बाद सुबह से शाम तक के लिए एक...

Read Free

मैं तो ओढ चुनरिया - 55 By Sneh Goswami

55 घर और शहर पीछे छूट गया था और एक नया शहर मेरा इंतजार कर रहा था या सीधे सीधे कहूँ तो शहर का मैं इंतजार कर रही थी । थोङी थोङी देर में कोई स्टेशन आता तो बराती वहाँ उतर जाते , चाय ले...

Read Free

शोहरत का घमंड - 83 By shama parveen

तब आलिया बोलती है, "आपका दिमाग तो ठीक है आप ये क्या बोल रहे हैं, एक महीने के लिए शादी, ऐसा कोन करता है"।तब आर्यन बोलता है, "तुम इतना चोक क्यो रही हो एक महीने की शादी का सुन कर, तुम...

Read Free

हक है सिर्फ मेरा - 5 By simran

आहुति जेसे ही पीछे मुड़ कर देखती है तो वहा पर एक लड़का खड़ा था । जो काफी हैंडसम था । उसने इस वक्त डार्क ग्रे कलर का थ्री पीस सूट पहना था ।उसका फेयर कलर , मस्कुलर बॉडी , चेहरे पर हल...

Read Free

स्वयंवधू - 4 By Sayant

अभी तक वृषाली का अपहरण किए उसे कैद में रख, उसका जीवन सामान्य ही चल रहा है लेकिन मासिकधर्म एक लड़की के लिए काफी मुश्किल समय होता है खासकर जब उसके पास उसका मानसिक चैन ना हो और जो पक्...

Read Free

पथरीले कंटीले रास्ते - 15 By Sneh Goswami

  पथरीले कंटीले रास्ते   15 रविंद्र से आगे आगे कुछ कदमों की दूरी पर काम करने वाले लोगों की तीन टोलियाँ जा रही थी । उसने अपनी चाल तेज की । तेज कदम चलते हुए वह भी इन लोगों से जा मिला...

Read Free

Falling for my Heart Criminal - 6 By simran

मन्नत जेसे ही शावर लेकर आती है तो उसने आज ब्लैक कलर का सूट पहना था ! वो थोड़ा ओवरसाइज्ड लग रहा था! मन्नत जेसे ही अपने आप को मिरर में देखती है तो गहरी सांस लेते हुए : कितनी पतली हो...

Read Free

कर्म से तपोवन तक - भाग 12 (अंतिम भाग) By Santosh Srivastav

अध्याय 12 नदी की उर्मियाँ सूर्यास्त के सुनहले रंग से भर उठी थी। माधवी गगरी उठाकर अपने आश्रम की ओर चलने लगी। कैसी सम्मोहित अवस्था हो गई थी जब नदी किनारे बैठे-बैठे उसने अतीत को पुनः...

Read Free

प्यार हुआ चुपके से - भाग 22 By Kavita Verma

रति,लक्ष्मी के साथ मंदिर पहुंची,तो वहां आज रोज़ से कुछ ज़्यादा ही चहल-पहल थी। मंदिर में अजय अपनी मां के साथ खड़ा, पंडितजी से कुछ बातें कर रहा था। "बिटिया तू मंदिर में जा, मैं ज़रा...

Read Free

फादर्स डे - 71 By Praful Shah

लेखक: प्रफुल शाह खण्ड 71 मंगलवार 31/08/2004 अमित चंद्रकान्त सोनावणे केस में सुनाई गई फांसी की सजा और संकेत सूर्यकान्त भांडेपाटील केस में उम्र कैद के खिलाफ लहूकुमार रामचन्द्र ढेकणे...

Read Free

फागुन के मौसम - भाग 16 By शिखा श्रीवास्तव

वैदेही ने लीजा और मार्क की उत्सुकता देखते हुए उनसे कहा, "तुम दोनों पहले शांति से बैठ जाओ, फिर मैं तुम्हें सारी बात बताती हूँ।" "लो बैठ गये, अब जल्दी बोलो ड्रामा क्वीन।" लीजा और मार...

Read Free

द्वारावती - 22 By Vrajesh Shashikant Dave

22‘कोई तो है जो मेरा पीछा कर रहा है। कौन होगा? क्यों करता होगा? क्या चाहिए उसे मुझसे ?’कुछ क्षण वह रुक गया। कन्दरा से कोई नहीं आया।‘भीतर जाकर देख लूँ कि कौन है?’ वह कन्दरा की तरफ़...

Read Free

उन्हीं रास्तों से गुज़रते हुए - भाग 6 By Neerja Hemendra

भाग 6 समय व्यतीत होता जा रहा था। दीदी का ग्रेजुएशन पूरा हो चुका था। उन्होंने स्नातकोत्तर की कक्षा में प्रवेश ले लिया था। मेरा स्नातक पूरा होने वाला था। इन्द्रेश के चुनाव जीत जीने प...

Read Free

नक़ल या अक्ल - 8 By Swati Grover

8 ब्याह    जब किशोर ने अपना नाम सुना तो डरते हुए अपना मुँह मोड़ा तो उसे सवालियां नज़रों से रिमझिम  उसकी तरफ देखती नज़र आई। उसने उसे घूरते हुए पूछा,   किशोर! यहाँ क्या कर रहें हो और यह...

Read Free

अमावस्या में खिला चाँद - 21 (अंतिम भाग) By Lajpat Rai Garg

- 21 -         ‘उठाले’ से एक दिन पूर्व मुक्ता को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। ‘उठाले’ की रस्म पूरी होने के बाद सुबह से शाम तक के लिए एक...

Read Free

मैं तो ओढ चुनरिया - 55 By Sneh Goswami

55 घर और शहर पीछे छूट गया था और एक नया शहर मेरा इंतजार कर रहा था या सीधे सीधे कहूँ तो शहर का मैं इंतजार कर रही थी । थोङी थोङी देर में कोई स्टेशन आता तो बराती वहाँ उतर जाते , चाय ले...

Read Free

शोहरत का घमंड - 83 By shama parveen

तब आलिया बोलती है, "आपका दिमाग तो ठीक है आप ये क्या बोल रहे हैं, एक महीने के लिए शादी, ऐसा कोन करता है"।तब आर्यन बोलता है, "तुम इतना चोक क्यो रही हो एक महीने की शादी का सुन कर, तुम...

Read Free

हक है सिर्फ मेरा - 5 By simran

आहुति जेसे ही पीछे मुड़ कर देखती है तो वहा पर एक लड़का खड़ा था । जो काफी हैंडसम था । उसने इस वक्त डार्क ग्रे कलर का थ्री पीस सूट पहना था ।उसका फेयर कलर , मस्कुलर बॉडी , चेहरे पर हल...

Read Free

स्वयंवधू - 4 By Sayant

अभी तक वृषाली का अपहरण किए उसे कैद में रख, उसका जीवन सामान्य ही चल रहा है लेकिन मासिकधर्म एक लड़की के लिए काफी मुश्किल समय होता है खासकर जब उसके पास उसका मानसिक चैन ना हो और जो पक्...

Read Free

पथरीले कंटीले रास्ते - 15 By Sneh Goswami

  पथरीले कंटीले रास्ते   15 रविंद्र से आगे आगे कुछ कदमों की दूरी पर काम करने वाले लोगों की तीन टोलियाँ जा रही थी । उसने अपनी चाल तेज की । तेज कदम चलते हुए वह भी इन लोगों से जा मिला...

Read Free

Falling for my Heart Criminal - 6 By simran

मन्नत जेसे ही शावर लेकर आती है तो उसने आज ब्लैक कलर का सूट पहना था ! वो थोड़ा ओवरसाइज्ड लग रहा था! मन्नत जेसे ही अपने आप को मिरर में देखती है तो गहरी सांस लेते हुए : कितनी पतली हो...

Read Free

कर्म से तपोवन तक - भाग 12 (अंतिम भाग) By Santosh Srivastav

अध्याय 12 नदी की उर्मियाँ सूर्यास्त के सुनहले रंग से भर उठी थी। माधवी गगरी उठाकर अपने आश्रम की ओर चलने लगी। कैसी सम्मोहित अवस्था हो गई थी जब नदी किनारे बैठे-बैठे उसने अतीत को पुनः...

Read Free