hindi Best Fiction Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Fiction Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


Languages
Categories
Featured Books
  • फूल बना हथियार - 8

    अध्याय 8 "मैं परशुराम। उनका दोस्त, डॉक्टर से मुझे बात करनी है। आप उनकी पत्नी हैं...

  • टेढी पगडंडियाँ - 40

    टेढी पगडंडियाँ 40 गुरनैब ने अभी आधा ही रास्ता पार किया था कि हल्की हल्की ब...

  • उड़ान - 10

    कॉलेज के एक्जाम आने वाले थे। हर कोई जोर शोर से तैयारी कर रहा था। काव्या और उसकी...

फूल बना हथियार - 8 By S Bhagyam Sharma

अध्याय 8 "मैं परशुराम। उनका दोस्त, डॉक्टर से मुझे बात करनी है। आप उनकी पत्नी हैं ?" "हां... जी वे अभी कार ड्राइव कर रहे हैं। कोई जरूरी बात है क्या ?" "हां...!" "एक मिनट!" परशुराम क...

Read Free

अतीत के पन्ने - भाग ९ By RACHNA ROY

मेरी अवस्था अब अच्छी नहीं है और अब आगे।।फिर डायरी को बन्द कर दिया और फिर छत पर चली गई अपने आलेख को याद करने लगी।छाया ने कहा दीदी ये सारे पापड़ तो सुख गए हैं। काव्या ने कहा हां पर आ...

Read Free

टेढी पगडंडियाँ - 40 By Sneh Goswami

टेढी पगडंडियाँ 40 गुरनैब ने अभी आधा ही रास्ता पार किया था कि हल्की हल्की बारिश शुरु हो गयी । अभी कुछ देर पहले तो चारों ओर सुनहरी धूप खिली थी कि अचानक पता नहीं कहाँ से उङती हु...

Read Free

उड़ान - 10 By ArUu

कॉलेज के एक्जाम आने वाले थे। हर कोई जोर शोर से तैयारी कर रहा था। काव्या और उसकी टीम भी पढाई में मशगूल थे। कैंटीन से लेकर क्लास तक सब जगह बस किताबें ही किताबें दिखती थी। और धीरे धीर...

Read Free

बसंती की बसंत पंचमी - 13 By Prabodh Kumar Govil

रसोई में गैस पर बनने वाली कढ़ी उबल- उबल कर आधी रह गई थी लेकिन श्रीमती कुनकुनवाला का उधर ध्यान ही नहीं था। शायद रख कर भूल गई हों। वो तो गनीमत थी कि बर्तन बहुत बड़ा लिया गया था और दू...

Read Free

बागी स्त्रियाँ - (भाग अट्ठाइस) By Ranjana Jaiswal

मैं (नन्हीं मीता)परेशान थी कि मुझे गोली बनाना कैसे आएगा?गोली से बहुत कुछ बन जाता हैं। उसको दाएं -बाएं, ऊपर- नीचे से मिटाने से ,उस पर आड़ी -तिरछी रेखाएं खींचने से,उसकी संख्या बढ़ाने स...

Read Free

चाय पर चर्चा - 2 By राज कुमार कांदु

”भ्रष्टाचार ही सारी बुराइयों की जड़ है। भ्रष्टाचार की वजह से ही महँगाई का भी बोलबाला है। आप लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मोदीजी का हाथ मजबूत करना चाहिए।" अजय भरसक रामू काका...

Read Free

मोहल्ला-ए-गुफ़्तगू - 7 By Deepak Bundela Arymoulik

7. मोहल्ला -ए -गुफ़्तगूऔर बस वहीं से उन्होंने मुझ पर आरोप लगाने शुरू कर दिए कि में नमिता को मानसिक प्रताड़ना दें रहा हूं फिर नमिता के एक भाई और हैं जो पेशे से लॉयर हैं उन्होंने मुझसे...

Read Free

तेरे मेरे दरमियां यह रिश्ता अंजाना - (भाग-25) संगीत By Priya Maurya

सार्थक अपने कमरे मे बिस्तर पर दोनो हाथ सिर के पीछे रख ऊपर छत को देख रहा था। उसके चेहरे पर रह रह कर मुस्कान आ जा रही थी आखिर आये भी क्यो ना पखुडी के ख्यालो में जो खोये थे जनाब। पंखु...

Read Free

साहेब सायराना - 5 By Prabodh Kumar Govil

मानव मन भी विचित्र है और मानव तन भी! हर इंसान वही ढूंढता है जो न मिले। उन्नीस सौ चौवालीस में जन्म लेने वाली सायरा ने बचपन से ही अपने पिता को मिस किया क्योंकि वह हिंदुस्तान छोड़ कर...

Read Free

कैथरीन और नागा साधुओं की रहस्यमयी दुनिया - 6 By Santosh Srivastav

भाग 6 दिन भर कैथरीन भोजबासा के जंगलों में भटकती रही। सभी वृक्ष भोजपत्र के....... ओह यह तो बर्च है। वह पहचानती है इन्हें। उसके देश में भी भोजपत्र के वृक्ष हैं। वह एक वृक्ष के तने के...

Read Free

वो अनकही बातें - 34 By RACHNA ROY

शालू दानी को लेकर डाक्टर नीरजा के चेंबर पहुंच गई। वहां पर दानी को टीका लग गया और फिर डाक्टर ने कहा कि हल्का बुखार आ सकता है। नहाना नहीं है, मालिश भी तीन दिन तक नहीं करवाना है। शालू...

Read Free

नैनं छिन्दति शस्त्राणि - 63 By Pranava Bharti

63 अगले ही दिन रोज़ी व जैक्सन का भी आरक्षण हो गया और दो दिन बाद वे सब दिल्ली थे | समिधा विवाह के बाद पहली बार पापा के पास आई थी, वह भी बिना बताए | पापा के हर्ष का ठिकाना न था | उन्ह...

Read Free

वो पहली बारिश - भाग 19 By Daanu

निया उस दिन के बारे में सोच ही रही होती है, की उतने में इसकी सहेली सिमरन का फोन आ जाता है। "कर दिया मैंने तेरा काम।" "है? कैसे?" "मैंने इस शनिवार को सबको यहां पार्टी प्लेस रेस्ट्रो...

Read Free

लावण्या - भाग 12 By Jagruti Joshi

लावण्या ने जैसे ही तमाचा जडा शेखर के गालो पर तो विक्रांता के साथ बाकी तीन लोग भी आ गए ......... जैसे ही शेखर ने विक्रांत को देखा,,,, वो उसके पास आकर बोला......... यह त...

Read Free

मानो या मानो - भाग - 4 By Koushik B

दोस्तो काई दिनो बाद आपके फिर से आपके लिए नई कहानी ले के आया हुआ हूं। देरी के लिए क्षमा करें । अपनी ही उल्झानो में फसा था किसी के दूर जाने का गम क्या होता है ये आज पता चला, खैर आपका...

Read Free

द एजेंटस - 5 By Shamad Ansari

*द एजेंटस-5*अरे यार ऐसा नहीं है की मैंने उसका फ़ोन हैक कर लिया था असल में वो मरे साथ ही हॉल में बैठी थी फिर अचानक उसको कोई काम याद आया तो वो वहां से...

Read Free

मै तो ओढ चुनरिया - 38 By Sneh Goswami

मै तो ओढ चुनरिया 38 विजय दीदी की शादी के बाद सात महीने बीते होंगे कि उनसे चार साल छोटी मनोरमा जीजी की शादी भी तय हो गयी । परिवार बहुत अच्छा था और जीजाजी संस्कारी । शादी का मुहु...

Read Free

हारा हुआ आदमी (भाग 47) By Kishanlal Sharma

"अरे नही।एक ही दिन की बात है।फिर काम से जा रहे हो,"निशा बोली,"मैं तो मजाक कर रही थी।"अच्छा तो मैं चलूं।"देवेन चलने को तैयार हुआ तो निशा बोली,"एक चीज भूल रहे हो।"निशा ने पति का हाथ...

Read Free

मिलन पुर - 2 By Mehul Pasaya

अरे बेटा इतनी जल्दी कैसे उठ गया वो हर दिन तो वो देर तक सोए रहेता हैहा मालकिन जी वो बहुत जल्दी उठ गया और रेडी हो कर कही पे चला भी गया है लेकिन कहा पे गया है वो पता नहीं हैठीक है में...

Read Free

पश्चाताप. - 15 By Ruchi Dixit

आज पूर्णिमा के लिए बेहद ही खुशी का दिन था उसके गुजरे हुए दिनो मे यह पहला ऐसा दिन था जिसने पूर्णिमा को अपने निर्णय के प्रति संतुष्टि के भाव दिये | पूर्णिमा के बेटे विधु ने जहाँ इंजी...

Read Free

फूल बना हथियार - 8 By S Bhagyam Sharma

अध्याय 8 "मैं परशुराम। उनका दोस्त, डॉक्टर से मुझे बात करनी है। आप उनकी पत्नी हैं ?" "हां... जी वे अभी कार ड्राइव कर रहे हैं। कोई जरूरी बात है क्या ?" "हां...!" "एक मिनट!" परशुराम क...

Read Free

अतीत के पन्ने - भाग ९ By RACHNA ROY

मेरी अवस्था अब अच्छी नहीं है और अब आगे।।फिर डायरी को बन्द कर दिया और फिर छत पर चली गई अपने आलेख को याद करने लगी।छाया ने कहा दीदी ये सारे पापड़ तो सुख गए हैं। काव्या ने कहा हां पर आ...

Read Free

टेढी पगडंडियाँ - 40 By Sneh Goswami

टेढी पगडंडियाँ 40 गुरनैब ने अभी आधा ही रास्ता पार किया था कि हल्की हल्की बारिश शुरु हो गयी । अभी कुछ देर पहले तो चारों ओर सुनहरी धूप खिली थी कि अचानक पता नहीं कहाँ से उङती हु...

Read Free

उड़ान - 10 By ArUu

कॉलेज के एक्जाम आने वाले थे। हर कोई जोर शोर से तैयारी कर रहा था। काव्या और उसकी टीम भी पढाई में मशगूल थे। कैंटीन से लेकर क्लास तक सब जगह बस किताबें ही किताबें दिखती थी। और धीरे धीर...

Read Free

बसंती की बसंत पंचमी - 13 By Prabodh Kumar Govil

रसोई में गैस पर बनने वाली कढ़ी उबल- उबल कर आधी रह गई थी लेकिन श्रीमती कुनकुनवाला का उधर ध्यान ही नहीं था। शायद रख कर भूल गई हों। वो तो गनीमत थी कि बर्तन बहुत बड़ा लिया गया था और दू...

Read Free

बागी स्त्रियाँ - (भाग अट्ठाइस) By Ranjana Jaiswal

मैं (नन्हीं मीता)परेशान थी कि मुझे गोली बनाना कैसे आएगा?गोली से बहुत कुछ बन जाता हैं। उसको दाएं -बाएं, ऊपर- नीचे से मिटाने से ,उस पर आड़ी -तिरछी रेखाएं खींचने से,उसकी संख्या बढ़ाने स...

Read Free

चाय पर चर्चा - 2 By राज कुमार कांदु

”भ्रष्टाचार ही सारी बुराइयों की जड़ है। भ्रष्टाचार की वजह से ही महँगाई का भी बोलबाला है। आप लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में मोदीजी का हाथ मजबूत करना चाहिए।" अजय भरसक रामू काका...

Read Free

मोहल्ला-ए-गुफ़्तगू - 7 By Deepak Bundela Arymoulik

7. मोहल्ला -ए -गुफ़्तगूऔर बस वहीं से उन्होंने मुझ पर आरोप लगाने शुरू कर दिए कि में नमिता को मानसिक प्रताड़ना दें रहा हूं फिर नमिता के एक भाई और हैं जो पेशे से लॉयर हैं उन्होंने मुझसे...

Read Free

तेरे मेरे दरमियां यह रिश्ता अंजाना - (भाग-25) संगीत By Priya Maurya

सार्थक अपने कमरे मे बिस्तर पर दोनो हाथ सिर के पीछे रख ऊपर छत को देख रहा था। उसके चेहरे पर रह रह कर मुस्कान आ जा रही थी आखिर आये भी क्यो ना पखुडी के ख्यालो में जो खोये थे जनाब। पंखु...

Read Free

साहेब सायराना - 5 By Prabodh Kumar Govil

मानव मन भी विचित्र है और मानव तन भी! हर इंसान वही ढूंढता है जो न मिले। उन्नीस सौ चौवालीस में जन्म लेने वाली सायरा ने बचपन से ही अपने पिता को मिस किया क्योंकि वह हिंदुस्तान छोड़ कर...

Read Free

कैथरीन और नागा साधुओं की रहस्यमयी दुनिया - 6 By Santosh Srivastav

भाग 6 दिन भर कैथरीन भोजबासा के जंगलों में भटकती रही। सभी वृक्ष भोजपत्र के....... ओह यह तो बर्च है। वह पहचानती है इन्हें। उसके देश में भी भोजपत्र के वृक्ष हैं। वह एक वृक्ष के तने के...

Read Free

वो अनकही बातें - 34 By RACHNA ROY

शालू दानी को लेकर डाक्टर नीरजा के चेंबर पहुंच गई। वहां पर दानी को टीका लग गया और फिर डाक्टर ने कहा कि हल्का बुखार आ सकता है। नहाना नहीं है, मालिश भी तीन दिन तक नहीं करवाना है। शालू...

Read Free

नैनं छिन्दति शस्त्राणि - 63 By Pranava Bharti

63 अगले ही दिन रोज़ी व जैक्सन का भी आरक्षण हो गया और दो दिन बाद वे सब दिल्ली थे | समिधा विवाह के बाद पहली बार पापा के पास आई थी, वह भी बिना बताए | पापा के हर्ष का ठिकाना न था | उन्ह...

Read Free

वो पहली बारिश - भाग 19 By Daanu

निया उस दिन के बारे में सोच ही रही होती है, की उतने में इसकी सहेली सिमरन का फोन आ जाता है। "कर दिया मैंने तेरा काम।" "है? कैसे?" "मैंने इस शनिवार को सबको यहां पार्टी प्लेस रेस्ट्रो...

Read Free

लावण्या - भाग 12 By Jagruti Joshi

लावण्या ने जैसे ही तमाचा जडा शेखर के गालो पर तो विक्रांता के साथ बाकी तीन लोग भी आ गए ......... जैसे ही शेखर ने विक्रांत को देखा,,,, वो उसके पास आकर बोला......... यह त...

Read Free

मानो या मानो - भाग - 4 By Koushik B

दोस्तो काई दिनो बाद आपके फिर से आपके लिए नई कहानी ले के आया हुआ हूं। देरी के लिए क्षमा करें । अपनी ही उल्झानो में फसा था किसी के दूर जाने का गम क्या होता है ये आज पता चला, खैर आपका...

Read Free

द एजेंटस - 5 By Shamad Ansari

*द एजेंटस-5*अरे यार ऐसा नहीं है की मैंने उसका फ़ोन हैक कर लिया था असल में वो मरे साथ ही हॉल में बैठी थी फिर अचानक उसको कोई काम याद आया तो वो वहां से...

Read Free

मै तो ओढ चुनरिया - 38 By Sneh Goswami

मै तो ओढ चुनरिया 38 विजय दीदी की शादी के बाद सात महीने बीते होंगे कि उनसे चार साल छोटी मनोरमा जीजी की शादी भी तय हो गयी । परिवार बहुत अच्छा था और जीजाजी संस्कारी । शादी का मुहु...

Read Free

हारा हुआ आदमी (भाग 47) By Kishanlal Sharma

"अरे नही।एक ही दिन की बात है।फिर काम से जा रहे हो,"निशा बोली,"मैं तो मजाक कर रही थी।"अच्छा तो मैं चलूं।"देवेन चलने को तैयार हुआ तो निशा बोली,"एक चीज भूल रहे हो।"निशा ने पति का हाथ...

Read Free

मिलन पुर - 2 By Mehul Pasaya

अरे बेटा इतनी जल्दी कैसे उठ गया वो हर दिन तो वो देर तक सोए रहेता हैहा मालकिन जी वो बहुत जल्दी उठ गया और रेडी हो कर कही पे चला भी गया है लेकिन कहा पे गया है वो पता नहीं हैठीक है में...

Read Free

पश्चाताप. - 15 By Ruchi Dixit

आज पूर्णिमा के लिए बेहद ही खुशी का दिन था उसके गुजरे हुए दिनो मे यह पहला ऐसा दिन था जिसने पूर्णिमा को अपने निर्णय के प्रति संतुष्टि के भाव दिये | पूर्णिमा के बेटे विधु ने जहाँ इंजी...

Read Free