hindi Best Fiction Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Fiction Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


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  • मैं तो ओढ चुनरिया - 37

      मैं तो ओढ चुनरिया   37   धीरे धीरे मेरी सारी सहेलियाँ शादी करवा...

  • उड़ान - 4

    ये कहानी है काव्या की जो एक 21 साल की युवती है। उसे अपने जीवन में कई उतार चढाव...

  • बसंती की बसंत पंचमी - 4

    श्रीमती कुनकुनवाला को बेटे जॉन की मेज़ पर रखे लैपटॉप पर दिखती तस्वीर में ये तो द...

अतीत के पन्ने - भाग ७ By RACHNA ROY

काव्या ने कहा हां सब कोई चले जाओ मुझे छोड़ कर रह लूंगी मैं अकेली।मुझे अब आदत हो गई है। अब कोई जीने की चाह नहीं रही देखा मां बाबू भी चला गया आखिर मुझे छोड़ कर। तुम तो कहती थी ना कि...

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मैं तो ओढ चुनरिया - 37 By Sneh Goswami

  मैं तो ओढ चुनरिया   37   धीरे धीरे मेरी सारी सहेलियाँ शादी करवा कर अपनी ससुराल चली गयी थी और येन केन प्रकारेण अपनी ससुराल में सैट होने की कोशिश में लगी थी । यह वह...

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उड़ान - 4 By ArUu

ये कहानी है काव्या की जो एक 21 साल की युवती है। उसे अपने जीवन में कई उतार चढाव का सामना करना पड़ता है। जिसको वह चाहती है वह सब उससे दूर चले जाते है पर फिर भी उसके होसले कम नहीं ह...

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बसंती की बसंत पंचमी - 4 By Prabodh Kumar Govil

श्रीमती कुनकुनवाला को बेटे जॉन की मेज़ पर रखे लैपटॉप पर दिखती तस्वीर में ये तो दिखाई दे गया कि उनका बेटा ढेर सारी लड़कियों से घिरा बैठा है पर वो ये नहीं जान पाईं कि बेटा एक साथ अपन...

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जीवनधारा - 13 By Shwet Kumar Sinha

लेकिन यह क्या ? उस घर पर तो ताला लटका था।...….शंभू पुलिसवालों को बताता है कि बच्ची को लेकर वह आदमी अभी भी इसी गांव में होगा क्योंकि इस गांव से बाहर जाने का केवल एक ही रास्ता है, जि...

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मोहल्ला-ए-गुफ़्तगू - 3 By Deepak Bundela Arymoulik

3- मोहल्ला-ए-गुफ़्तगू (3)आज पूरे तीन माहीने हो चुके थे कॉलोनी की गतिविधियों की लिखित जानकारी देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई थी.... मतलब साफ था इज्जत दारों को कॉलोनी के इस माहौल...

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स्टेट बंक ऑफ़ इंडिया socialem (the socialization) - 36 - अंतिम भाग By Nirav Vanshavalya

मोहम्मद जानते हैं कि प्रफुग इकाई में विश्वास रखताहैं, और इसलिए उसे सहायता करने की ना करने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता. मगर नवाजुद्दीन यह भी जानते हैं कि यदि प्रफुग हमारे सर पर...

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लावण्या - भाग 10 By Jagruti Joshi

लावण्या दर्द में थी,,,, ना कोई बचाने वाला था ना कोई संभालने वाला,,,,,!!! लावण्या ने अब इसे ही अपनी किस्मत मान लि थी। विक्रांत के यह रूप देख कर उसको इतना तो अंदाजा लग गया था कि ,,...

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तेरे मेरे दरमियां यह रिश्ता अंजाना - (भाग -16) - सार्थक का संदेश By Priya Maurya

अस्मिता का घर -- घनश्याम जी बैठे हुक्का गुडगूड़ा रहें थे तभी उनके घर का दरवाजा खुला और 5 -6 बॉडीगार्डस के साथ रामू अंदर आया। घनश्याम जी उनको देख कर ही खड़े हो गये और जल्दी से सर झुका...

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मेरा Hero - (भाग -19) आने वाली हैं मुसीबते By Priya Maurya

श्रुति शौर्य अंजलि रोहित अविका फिर शौर्य के फ़ार्महाऊस में आते है किसिने सोचा भी नहीं था की यह सिक्योरिटी गार्ड ही ड्रग डीलर होगा और शायद यही वजह भी थी की कोई उसे पकड नही पा रहा...

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बागी स्त्रियाँ - भाग अट्ठारह By Ranjana Jaiswal

रिलायन्स के उस पार्क में अपूर्वा को एक लड़की मिली |वह भी मार्निंग वाक करने आई हुई थी |उसकी टीम को व्यायाम और योगा करते देख उसने भी साथ व्यायाम करने की इजाजत मांगी |सबने खुशी से हामी...

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नैनं छिन्दति शस्त्राणि - 57 By Pranava Bharti

57 सारांश की माँ इंदु बहुत चुस्त निकलीं, उन्हें अपने पुत्र के विवाह की बड़ी शीघ्रता थी | उन्होंने पुत्र से बात करने के दूसरे दिन ही समिधा के पिता तथा श्रीमती सूद से बात करके उन्हें...

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स्त्री.... - (भाग-40) - अंतिम भाग By सीमा बी.

स्त्री......(भाग-40)हम सब बहुत खुश थे.....और सबसे ज्यादा मैं। माँ, पापा, तारा और घर के सब दूसरे नौकर सब के लिए आशु(आशुतोष) जैसे एक बेशकीमती खिलौना था। माँ और तारा दोनो मिल कर उसको...

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वो पहली बारिश - भाग 14 By Daanu

मैसेज पढ़ते ही, निया फोन ध्रुव की तरफ़ फेंकती है। "मरावाओगे यार तुम?", निया ने बड़ी आंखों से देखते हुए ध्रुव को बोला। "मेरी कमिटी के होनहार मेंबर, मैं तो सोच रहा था की ये काम तुम प...

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टेढी पगडंडियाँ - 36 By Sneh Goswami

'टेढी पगडंडियाँ 36 बिशनी ने सिर पर परात रखी । परात में ढेर सारा गुङ , रोटियाँ और सब्जी का पतीला टिकाकर आँचल में पाँच पाँच सौ के दो नोट बाँध कर जब गली में पाँव रखा तो खुशी के मा...

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कजरी - भाग १ By Ratna Pandey

कजरी झोपड़पट्टी में रहने वाली बहुत ही मासूम, सुंदर-सी कमसिन एक बंजारन थी। बचपन से अब वह नाता तोड़ कर जवानी से रिश्ता जोड़ रही थी। पन्द्रहवाँ साल पूरा होने ही वाला था। उसके बाद नारी...

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द गेम ऑफ रिवेंज - 1 By Silent Writer AK

चलिए बाते तो होती रहेगी आज भी कल भी.....शुरू करते है कहानी को बिना किसी नौटंकी के साथ और हा अपने विचार या फिर समीक्षा जरूर दे चाहे अच्छा हो या बुरा।::::::::::::::::::::::::::::::::...

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मेघा - 1 By Rajesh Kumar

कॉलेज के सुरुआती दिन है, मेघा इन दिनों कुछ असहज सी है क्योंकि कॉलेज का वातावरण स्कूल से एकदम अलग है। लड़के लड़कियों का आपस में वार्तालाप एक दूसरे के गले में हाथ डालकर कॉलेज के गेट पर...

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हमे तुमसे प्यार कितना... - 13 By Poonam Sharma

विराज, गुप्ता जी की बात सुन कर, तुरंत पलट गया और अब वो उन्हे घूरने लगा।गुप्ता जी घबराकर एक कदम पीछे हो गए।यह देख कर विराज ने अपने कदम आगे बढ़ा लिए फिर गुप्ता जी के नज़दीक जाके उसने...

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वो अनकही बातें - 32 By RACHNA ROY

नीरजा ने जल्दी जल्दी ओ पी डी में दो तीन नर्स को बुलाया और फिर एक घंटे के बाद एक प्यारी सी गुड़िया को लेकर डाक्टर समीर के हाथों में दे दिया। डाक्टर समीर के गोद में आते ही रोने लगी।...

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अतीत के पन्ने - भाग ७ By RACHNA ROY

काव्या ने कहा हां सब कोई चले जाओ मुझे छोड़ कर रह लूंगी मैं अकेली।मुझे अब आदत हो गई है। अब कोई जीने की चाह नहीं रही देखा मां बाबू भी चला गया आखिर मुझे छोड़ कर। तुम तो कहती थी ना कि...

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मैं तो ओढ चुनरिया - 37 By Sneh Goswami

  मैं तो ओढ चुनरिया   37   धीरे धीरे मेरी सारी सहेलियाँ शादी करवा कर अपनी ससुराल चली गयी थी और येन केन प्रकारेण अपनी ससुराल में सैट होने की कोशिश में लगी थी । यह वह...

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उड़ान - 4 By ArUu

ये कहानी है काव्या की जो एक 21 साल की युवती है। उसे अपने जीवन में कई उतार चढाव का सामना करना पड़ता है। जिसको वह चाहती है वह सब उससे दूर चले जाते है पर फिर भी उसके होसले कम नहीं ह...

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बसंती की बसंत पंचमी - 4 By Prabodh Kumar Govil

श्रीमती कुनकुनवाला को बेटे जॉन की मेज़ पर रखे लैपटॉप पर दिखती तस्वीर में ये तो दिखाई दे गया कि उनका बेटा ढेर सारी लड़कियों से घिरा बैठा है पर वो ये नहीं जान पाईं कि बेटा एक साथ अपन...

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जीवनधारा - 13 By Shwet Kumar Sinha

लेकिन यह क्या ? उस घर पर तो ताला लटका था।...….शंभू पुलिसवालों को बताता है कि बच्ची को लेकर वह आदमी अभी भी इसी गांव में होगा क्योंकि इस गांव से बाहर जाने का केवल एक ही रास्ता है, जि...

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मोहल्ला-ए-गुफ़्तगू - 3 By Deepak Bundela Arymoulik

3- मोहल्ला-ए-गुफ़्तगू (3)आज पूरे तीन माहीने हो चुके थे कॉलोनी की गतिविधियों की लिखित जानकारी देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई थी.... मतलब साफ था इज्जत दारों को कॉलोनी के इस माहौल...

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स्टेट बंक ऑफ़ इंडिया socialem (the socialization) - 36 - अंतिम भाग By Nirav Vanshavalya

मोहम्मद जानते हैं कि प्रफुग इकाई में विश्वास रखताहैं, और इसलिए उसे सहायता करने की ना करने का तो कोई सवाल ही नहीं उठता. मगर नवाजुद्दीन यह भी जानते हैं कि यदि प्रफुग हमारे सर पर...

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लावण्या - भाग 10 By Jagruti Joshi

लावण्या दर्द में थी,,,, ना कोई बचाने वाला था ना कोई संभालने वाला,,,,,!!! लावण्या ने अब इसे ही अपनी किस्मत मान लि थी। विक्रांत के यह रूप देख कर उसको इतना तो अंदाजा लग गया था कि ,,...

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तेरे मेरे दरमियां यह रिश्ता अंजाना - (भाग -16) - सार्थक का संदेश By Priya Maurya

अस्मिता का घर -- घनश्याम जी बैठे हुक्का गुडगूड़ा रहें थे तभी उनके घर का दरवाजा खुला और 5 -6 बॉडीगार्डस के साथ रामू अंदर आया। घनश्याम जी उनको देख कर ही खड़े हो गये और जल्दी से सर झुका...

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मेरा Hero - (भाग -19) आने वाली हैं मुसीबते By Priya Maurya

श्रुति शौर्य अंजलि रोहित अविका फिर शौर्य के फ़ार्महाऊस में आते है किसिने सोचा भी नहीं था की यह सिक्योरिटी गार्ड ही ड्रग डीलर होगा और शायद यही वजह भी थी की कोई उसे पकड नही पा रहा...

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बागी स्त्रियाँ - भाग अट्ठारह By Ranjana Jaiswal

रिलायन्स के उस पार्क में अपूर्वा को एक लड़की मिली |वह भी मार्निंग वाक करने आई हुई थी |उसकी टीम को व्यायाम और योगा करते देख उसने भी साथ व्यायाम करने की इजाजत मांगी |सबने खुशी से हामी...

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नैनं छिन्दति शस्त्राणि - 57 By Pranava Bharti

57 सारांश की माँ इंदु बहुत चुस्त निकलीं, उन्हें अपने पुत्र के विवाह की बड़ी शीघ्रता थी | उन्होंने पुत्र से बात करने के दूसरे दिन ही समिधा के पिता तथा श्रीमती सूद से बात करके उन्हें...

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स्त्री.... - (भाग-40) - अंतिम भाग By सीमा बी.

स्त्री......(भाग-40)हम सब बहुत खुश थे.....और सबसे ज्यादा मैं। माँ, पापा, तारा और घर के सब दूसरे नौकर सब के लिए आशु(आशुतोष) जैसे एक बेशकीमती खिलौना था। माँ और तारा दोनो मिल कर उसको...

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वो पहली बारिश - भाग 14 By Daanu

मैसेज पढ़ते ही, निया फोन ध्रुव की तरफ़ फेंकती है। "मरावाओगे यार तुम?", निया ने बड़ी आंखों से देखते हुए ध्रुव को बोला। "मेरी कमिटी के होनहार मेंबर, मैं तो सोच रहा था की ये काम तुम प...

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टेढी पगडंडियाँ - 36 By Sneh Goswami

'टेढी पगडंडियाँ 36 बिशनी ने सिर पर परात रखी । परात में ढेर सारा गुङ , रोटियाँ और सब्जी का पतीला टिकाकर आँचल में पाँच पाँच सौ के दो नोट बाँध कर जब गली में पाँव रखा तो खुशी के मा...

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कजरी - भाग १ By Ratna Pandey

कजरी झोपड़पट्टी में रहने वाली बहुत ही मासूम, सुंदर-सी कमसिन एक बंजारन थी। बचपन से अब वह नाता तोड़ कर जवानी से रिश्ता जोड़ रही थी। पन्द्रहवाँ साल पूरा होने ही वाला था। उसके बाद नारी...

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द गेम ऑफ रिवेंज - 1 By Silent Writer AK

चलिए बाते तो होती रहेगी आज भी कल भी.....शुरू करते है कहानी को बिना किसी नौटंकी के साथ और हा अपने विचार या फिर समीक्षा जरूर दे चाहे अच्छा हो या बुरा।::::::::::::::::::::::::::::::::...

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मेघा - 1 By Rajesh Kumar

कॉलेज के सुरुआती दिन है, मेघा इन दिनों कुछ असहज सी है क्योंकि कॉलेज का वातावरण स्कूल से एकदम अलग है। लड़के लड़कियों का आपस में वार्तालाप एक दूसरे के गले में हाथ डालकर कॉलेज के गेट पर...

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हमे तुमसे प्यार कितना... - 13 By Poonam Sharma

विराज, गुप्ता जी की बात सुन कर, तुरंत पलट गया और अब वो उन्हे घूरने लगा।गुप्ता जी घबराकर एक कदम पीछे हो गए।यह देख कर विराज ने अपने कदम आगे बढ़ा लिए फिर गुप्ता जी के नज़दीक जाके उसने...

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वो अनकही बातें - 32 By RACHNA ROY

नीरजा ने जल्दी जल्दी ओ पी डी में दो तीन नर्स को बुलाया और फिर एक घंटे के बाद एक प्यारी सी गुड़िया को लेकर डाक्टर समीर के हाथों में दे दिया। डाक्टर समीर के गोद में आते ही रोने लगी।...

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