hindi Best Fiction Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Fiction Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cu...Read More


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ये उन दिनों की बात है - 39 By Misha

सागर, बेटा! नीचे आ जाओ, नाश्ता तैयार है!आओ पिंकी! नीचे चले |पिंकी को सुलाते-सुलाते सागर उसी के पास ही सो गया था |खाने की टेबल पर दादा दादी सागर का इंतज़ार कर रहे थे |हमें सागर से बा...

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एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 42 By ARUANDHATEE GARG मीठी

ऑफिस में आरव के केबिन में आदित्य आया और उसे छेड़ते हुए बोला । आदित्य ( चेयर पर बैठते हुए ) - क्या बात है , आज कल हवाओं में भी इश्क नज़र आ रहा है । आरव ( नासमझ सा आदित्य को देखकर कह...

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टापुओं पर पिकनिक - 62 By Prabodh Kumar Govil

स्कूल की पूरी इमारत जगमगा रही थी। इसे तरह- तरह से सजाया गया था। सामने के बड़े लॉन में बने मंच पर आकर्षक स्टेज सजाया गया था। जिस मैदान में कभी आर्यन,आगोश, सिद्धांत, मनन, साजिद और मन...

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बेपनाह - 16 By Seema Saxena

16 “क्यों रहने दो भला, एक बार तुम यहाँ पर मेरे साथ कुछ खा लो फिर बार बार आने का मन करेगा।” “इनकी बात मान लेने के अलावा और कोई तरीका ही नजर नहीं आया।” &ldquo...

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हारा हुआ आदमी (भाग 41) By Kishanlal Sharma

"रात का सन्नाटा।सर्द मौसम।रात को बंद कमरे में सिर्फ तुम और मैं।इस समय मैं अपने बेडरूम मेंबिस्तर पर अर्ध निर्वस्त्र पड़ी हूँ।"माया ने अंधेरे में तीर छोड़ा था।"अगर मैने शोर मचा दिया त...

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वह अब भी वहीं है - 9 By Pradeep Shrivastava

भाग - 9 मेरे यह कहते ही उन्होंने क्षण-भर को मुझे देखकर कहा, 'सुबह आ जाएंगे। तुम्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।' उनकी इस बात ने मेरी सारी आशाओं को पैदा होते ही खत्म कर दि...

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कहानी संग्रह - 8 - दीप का कारनामा By Shakti Singh Negi

दीप भरतखंड का राजा बना। दीप ने देखा कि उसके राज्य में सब खुशहाल हैं। परंतु दीप यह देख कर बहुत दुखी हुआ कि उसके राज्य में लेखक लोग बहुत ही गरीब और बेरोजगार हैं। दीप ने 1 परसे...

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बद्री विशाल सबके हैं - 9 By डॉ स्वतन्त्र कुमार सक्सैना

बद्री विशाल सबके हैं9 स्‍वतंत्र कुमार सक्‍सेना आज कम्‍पाउंडर पाठक जी के यहां पंडा जी का न्‍योता था । सही समय पर पंडा जी, धीरू ,बिब्‍बो निखिल, और...

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स्टेट बंक ऑफ़ इंडिया socialem (the socialization) - 21 By Nirav Vanshavalya

उस दौर में चंद्रकांत मानिक भरत के प्रधानमंत्री है और वे लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर भारत के सर्वोच्च आसनस्थ हुए थे. थोड़े औपचारिक वार्तालाप के उपरांत प्रांजल शाह ने अदैन्य क...

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प्यार के इन्द्रधुनष - 6 By Lajpat Rai Garg

- 6 - एम.बी.बी.एस. की फ़ाइनल परीक्षा देकर जब वृंदा घर आई तो उसकी माँ और पापा ने उसके विवाह की बात चलाई। पहले तो वृंदा ने कहा कि अभी उसे पी.जी. करना है तो उसके पापा चौधरी हरलाल ने क...

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लेख संग्रह - भाग 5 - नई पौध By Shakti Singh Negi

नई पौध लगाओ. अच्छी नस्ल की लगाओ. उसको बढ़िया खाद खुराक दो. अच्छा पानी दो. उसकी निराई - गुड़ाई बढ़िया करो. भाइयों आप समझ गए होंगे कि नई पौध चाहे पेड़ पौधों की हो या मनुष्य की या ज...

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भवभूति का शास्त्र पांडित्य By Dr Mrs Lalit Kishori Sharma

भारतवर्ष में संस्कृत नाटय परंपरा के अग्रणी एवं प्रतिभाशाली नाटककार महाकवि भवभूति की नाट्य कृतियों का अनुशीलन करने पर नाट्यशास्त्र का एक अनूठा पांडित्य दृष्टिगोचर होता है। भवभूति के...

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वो अनकही बातें - 25 By RACHNA ROY

हैरी ने कहा सर आज मैटर हार्न जायेंगे? समीर ने कहा नहीं आज और नहीं।फिर गाड़ी को यु टर्न ले लिया। फिर वापस होटल पहुंचे। समीर ने कहा शालू चलो खाना खा लेते हैं। फिर दोनों खाना खाने बैठ...

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टेढी पगडंडियाँ - 23 By Sneh Goswami

टेढी पगडंडियाँ 23 बसंत, इक्कीस साल का गबरु जवान इस समय छोटे बच्चे की तरह लगातार ऊँचे स्वर में रोये चला जा रहा था । घबराई हुई किरण को समझ नहीं आया कि वह बसंत को कैसे चुप कराये...

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गुनाहों का देवता - 33 - अंतिम भाग By Dharmveer Bharti

भाग 33 चन्दर ने कुछ जवाब नहीं दिया। चुपचाप बैठा रहा। बिनती ने सभी खिड़कियाँ खोल दीं और चन्दर के पास ही बैठ गयी। सुधा सो रही थी चुपचाप। थोड़ी देर बाद बिनती उठी, घड़ी देखी, मुँह खोलक...

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क्या तुझे भी इश्क़ है? (भाग-6)  By R.K.S. 'Guru'

क्या तुझे भी इश्क़ है? (भाग-6) भाग-6. तुम विवेकानंद के जैसी बनो!रात के करीब साढ़े दस बज रहे थे। शिवाक्षी अपने बिस्तर पर लेटी हुई थी। वो अपने फ़ोन पर किसी डबिंग स्टूडियो के नंबर ढूंढ र...

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वो पहली बारिश - भाग 1 By Daanu

वो पहली बारिश कहानी है ध्रुव और निया की। ध्रुव जिसे पहली बारिश को कोई शिकायतें लेकर है, और निया जिसे किसी भी बारिश से ज्यादा अपने प्यार की फ़िक्र है।
"सिमरन.. यार बारिश वारिश...

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नैनं छिन्दति शस्त्राणि - 27 By Pranava Bharti

27 आनन–फ़ानन में जेल से जीप भेजकर होटल से उनका सामान मँगवा लिया गया | मुक्ता ज़िद कर रही थी कि वे दोनों उसके पास ही ठहरें पर उन्होंने समझाया कि पास वाले बँगले में ही तो इंतज़ाम...

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मैं तो ओढ चुनरिया - 34 By Sneh Goswami

मैं तो ओढ चुनरिया - 34 उस आदमीनुमा लङके का दिखाई देना तो बंद हो गया पर सवाल अपनी जगह कायम थे कि उस दिल के मरीज लङके ने किसी अच्छे डाक्टर को दिखाया या नहीं । उसे दिल की दवा मिली...

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पहले कदम का उजाला - 18 - अंतिम भाग By सीमा जैन 'भारत'

मैं अपने ख्यालों में खोई ख़ुद से बातें कर रही थी। मेरे सामने दो युवतियाँ आईं। मुझसे मुस्कुराकर ‘हैलो’ कहा। मैंने भी जवाब में ‘हैलो’ कहा। उन्होंने मुझे बताया...

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वाल्मीकि और भवभूति का दृष्टि भेद रामचरित्र के विशेष संदर्भ में By Dr Mrs Lalit Kishori Sharma

किसी भी साहित्यकार का साहित्य, उसके जीवन एवं समाज के प्रति उसकी निजी प्रवृत्तियों एवं आस्थाओं का ही प्रतिबिंबन होता है। भवभूति के साहित्य के परीक्षण से उनके जीवन की कुछ प्रमुख बाते...

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द एजेंटस - 1 By Shamad Ansari

एक सड़क दुर्घटना होती है गलती इस व्यक्ति की थी जो गाड़ी चला रहा होता है क्योंकि उसने लाल बत्ती पर गाड़ी चालू रखी और वक्त से पहले सड़क पार करने की कोशिश की तो किसी लोरी वाले ने उसे...

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ये उन दिनों की बात है - 39 By Misha

सागर, बेटा! नीचे आ जाओ, नाश्ता तैयार है!आओ पिंकी! नीचे चले |पिंकी को सुलाते-सुलाते सागर उसी के पास ही सो गया था |खाने की टेबल पर दादा दादी सागर का इंतज़ार कर रहे थे |हमें सागर से बा...

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एहसास प्यार का खूबसूरत सा - 42 By ARUANDHATEE GARG मीठी

ऑफिस में आरव के केबिन में आदित्य आया और उसे छेड़ते हुए बोला । आदित्य ( चेयर पर बैठते हुए ) - क्या बात है , आज कल हवाओं में भी इश्क नज़र आ रहा है । आरव ( नासमझ सा आदित्य को देखकर कह...

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टापुओं पर पिकनिक - 62 By Prabodh Kumar Govil

स्कूल की पूरी इमारत जगमगा रही थी। इसे तरह- तरह से सजाया गया था। सामने के बड़े लॉन में बने मंच पर आकर्षक स्टेज सजाया गया था। जिस मैदान में कभी आर्यन,आगोश, सिद्धांत, मनन, साजिद और मन...

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बेपनाह - 16 By Seema Saxena

16 “क्यों रहने दो भला, एक बार तुम यहाँ पर मेरे साथ कुछ खा लो फिर बार बार आने का मन करेगा।” “इनकी बात मान लेने के अलावा और कोई तरीका ही नजर नहीं आया।” &ldquo...

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हारा हुआ आदमी (भाग 41) By Kishanlal Sharma

"रात का सन्नाटा।सर्द मौसम।रात को बंद कमरे में सिर्फ तुम और मैं।इस समय मैं अपने बेडरूम मेंबिस्तर पर अर्ध निर्वस्त्र पड़ी हूँ।"माया ने अंधेरे में तीर छोड़ा था।"अगर मैने शोर मचा दिया त...

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वह अब भी वहीं है - 9 By Pradeep Shrivastava

भाग - 9 मेरे यह कहते ही उन्होंने क्षण-भर को मुझे देखकर कहा, 'सुबह आ जाएंगे। तुम्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है।' उनकी इस बात ने मेरी सारी आशाओं को पैदा होते ही खत्म कर दि...

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कहानी संग्रह - 8 - दीप का कारनामा By Shakti Singh Negi

दीप भरतखंड का राजा बना। दीप ने देखा कि उसके राज्य में सब खुशहाल हैं। परंतु दीप यह देख कर बहुत दुखी हुआ कि उसके राज्य में लेखक लोग बहुत ही गरीब और बेरोजगार हैं। दीप ने 1 परसे...

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बद्री विशाल सबके हैं - 9 By डॉ स्वतन्त्र कुमार सक्सैना

बद्री विशाल सबके हैं9 स्‍वतंत्र कुमार सक्‍सेना आज कम्‍पाउंडर पाठक जी के यहां पंडा जी का न्‍योता था । सही समय पर पंडा जी, धीरू ,बिब्‍बो निखिल, और...

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स्टेट बंक ऑफ़ इंडिया socialem (the socialization) - 21 By Nirav Vanshavalya

उस दौर में चंद्रकांत मानिक भरत के प्रधानमंत्री है और वे लगातार दूसरी बार चुनाव जीतकर भारत के सर्वोच्च आसनस्थ हुए थे. थोड़े औपचारिक वार्तालाप के उपरांत प्रांजल शाह ने अदैन्य क...

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- 6 - एम.बी.बी.एस. की फ़ाइनल परीक्षा देकर जब वृंदा घर आई तो उसकी माँ और पापा ने उसके विवाह की बात चलाई। पहले तो वृंदा ने कहा कि अभी उसे पी.जी. करना है तो उसके पापा चौधरी हरलाल ने क...

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लेख संग्रह - भाग 5 - नई पौध By Shakti Singh Negi

नई पौध लगाओ. अच्छी नस्ल की लगाओ. उसको बढ़िया खाद खुराक दो. अच्छा पानी दो. उसकी निराई - गुड़ाई बढ़िया करो. भाइयों आप समझ गए होंगे कि नई पौध चाहे पेड़ पौधों की हो या मनुष्य की या ज...

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भवभूति का शास्त्र पांडित्य By Dr Mrs Lalit Kishori Sharma

भारतवर्ष में संस्कृत नाटय परंपरा के अग्रणी एवं प्रतिभाशाली नाटककार महाकवि भवभूति की नाट्य कृतियों का अनुशीलन करने पर नाट्यशास्त्र का एक अनूठा पांडित्य दृष्टिगोचर होता है। भवभूति के...

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टेढी पगडंडियाँ 23 बसंत, इक्कीस साल का गबरु जवान इस समय छोटे बच्चे की तरह लगातार ऊँचे स्वर में रोये चला जा रहा था । घबराई हुई किरण को समझ नहीं आया कि वह बसंत को कैसे चुप कराये...

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गुनाहों का देवता - 33 - अंतिम भाग By Dharmveer Bharti

भाग 33 चन्दर ने कुछ जवाब नहीं दिया। चुपचाप बैठा रहा। बिनती ने सभी खिड़कियाँ खोल दीं और चन्दर के पास ही बैठ गयी। सुधा सो रही थी चुपचाप। थोड़ी देर बाद बिनती उठी, घड़ी देखी, मुँह खोलक...

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क्या तुझे भी इश्क़ है? (भाग-6)  By R.K.S. 'Guru'

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वो पहली बारिश - भाग 1 By Daanu

वो पहली बारिश कहानी है ध्रुव और निया की। ध्रुव जिसे पहली बारिश को कोई शिकायतें लेकर है, और निया जिसे किसी भी बारिश से ज्यादा अपने प्यार की फ़िक्र है।
"सिमरन.. यार बारिश वारिश...

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27 आनन–फ़ानन में जेल से जीप भेजकर होटल से उनका सामान मँगवा लिया गया | मुक्ता ज़िद कर रही थी कि वे दोनों उसके पास ही ठहरें पर उन्होंने समझाया कि पास वाले बँगले में ही तो इंतज़ाम...

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मैं तो ओढ चुनरिया - 34 By Sneh Goswami

मैं तो ओढ चुनरिया - 34 उस आदमीनुमा लङके का दिखाई देना तो बंद हो गया पर सवाल अपनी जगह कायम थे कि उस दिल के मरीज लङके ने किसी अच्छे डाक्टर को दिखाया या नहीं । उसे दिल की दवा मिली...

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पहले कदम का उजाला - 18 - अंतिम भाग By सीमा जैन 'भारत'

मैं अपने ख्यालों में खोई ख़ुद से बातें कर रही थी। मेरे सामने दो युवतियाँ आईं। मुझसे मुस्कुराकर ‘हैलो’ कहा। मैंने भी जवाब में ‘हैलो’ कहा। उन्होंने मुझे बताया...

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वाल्मीकि और भवभूति का दृष्टि भेद रामचरित्र के विशेष संदर्भ में By Dr Mrs Lalit Kishori Sharma

किसी भी साहित्यकार का साहित्य, उसके जीवन एवं समाज के प्रति उसकी निजी प्रवृत्तियों एवं आस्थाओं का ही प्रतिबिंबन होता है। भवभूति के साहित्य के परीक्षण से उनके जीवन की कुछ प्रमुख बाते...

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द एजेंटस - 1 By Shamad Ansari

एक सड़क दुर्घटना होती है गलती इस व्यक्ति की थी जो गाड़ी चला रहा होता है क्योंकि उसने लाल बत्ती पर गाड़ी चालू रखी और वक्त से पहले सड़क पार करने की कोशिश की तो किसी लोरी वाले ने उसे...

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