hindi Best Horror Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Horror Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cul...Read More


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रूहानी इश्क एक खौफनाक मोहब्बत - एपिसोड 3 By kajal jha

एपिसोड 3: हवेली का भूला हुआ राजआर्या जब अधूरी किताब के सामने खड़ी थी, तभी पहली बार उसे महसूस हुआ कि यह हवेली सिर्फ डरावनी नहीं है… बल्कि जानबूझकर छिपाई गई है।कमरे की हवा अब भारी हो...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 1 By Sonam Brijwasi

रात का अंधेरा बहुत गहरा था…आसमान में बादल ऐसे छाए थे जैसे किसी अनहोनी का इंतज़ार कर रहे हों।एक पुराने खंडहर जैसे महल के अंदर…लाल रोशनी टिमटिमा रही थी। वहीं धीरे-धीरे एक लड़की बाहर...

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भूतिया कुआ देखने का सफर - भाग 4 By Tejendragodara

हम चारों हांफते हुए झटके से कार के अंदर घुसे और सारे दरवाजे अंदर से लॉक कर दिए। रोहित के हाथ इस कदर कांप रहे थे कि वह कार की चाबी को की-होल में नहीं डाल पा रहा था। चाबी बार-बार उसक...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 14 By kajal jha

एपिसोड 13: अयान की आत्मा का सफ़रमंदिर के बाद की खामोशीमंदिर के टूटने और प्रतीक के नष्ट होने के बाद सब कुछ शांत हो गया था। रोहन ज़मीन पर बैठा था, उसकी साँसें तेज़ थीं लेकिन आँखों से...

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रात का सन्नाटा - 1 By Sandhya Devi

अंधेरे में चमकती हुई उन दो आँखों को देखकर चारों के शरीर में सिहरन दौड़ गई।"क... कौन है वहाँ?" रोहित ने काँपती आवाज़ में पूछा।कोई जवाब नहीं आया।बस वही आँखें अंधेरे में स्थिर खड़ी रह...

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हवेली का मुर्दा दूल्हा:जिन्न की दुल्हन - भाग 5 By chanchal

जानकी ने हमेशा की तरह उसे अनसुना कर दिया, पर उस शाम जो हुआ उसने गाँव को हिला दिया. जो भी व्यक्ति उस तालाब के पास गया, उसे लगा जैसे पानी के अंदर से हजारों नीली आँखें उसे घूर रही हों...

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Ghost hunters - 19 By Rishav raj

हवा में अब स्थिरता नहीं थी वो काँप रही थी जैसे दो अदृश्य ताकतें एक-दूसरे को धकेल रही हों मंडल के भीतर जलते दीपक कभी तेज़ हो जाते, कभी धीमे और हर बार उनके साथ पेड़ की दरारें भी गहरी...

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तेरहवा द्वार - 6 By InkImagination

भाग 6आधी रात की औरत“माँ… मुझे बाहर आने दो…”तहखाने में गूँजी उस आवाज़ ने दोनों के शरीर में जैसे बर्फ जमा दी।आरव और रोहन बिल्कुल स्थिर खड़े थे।काले लोहे के उस विशाल दरवाज़े के पीछे…...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 13 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 12: मृत यात्रियों का टिकटप्लेटफॉर्म नंबर 6 पर हवा जम चुकी थी।बारिश अब भी हो रही थी, लेकिन उसकी आवाज़ जैसे बहुत दूर से आ रही थी।पूरा स्टेशन खामो...

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काली रात - 1 By Raj Bhande

नंदनगढ का सूरज हमेशा की तरह ढल रहा था, लेकिन आज की शाम कुछ अलग थी. सूरज की किरणें जैसे हवेली की दीवारों से टकराकर वापस लौट रही थीं, मानो वे भी अंदर जाने से डरती हों.आर्यन ने अपनी प...

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गुनाह का सौदा - A Dark Romance - 1 By Malti

Promo [कहानी का धमाकेदार प्रोमो] "मुंबई की तंग गलियों की 'आशादीप चॉल' में रहने वाली 18 साल की मासूम नयनतारा, जिसकी बड़ी-बड़ी काली आँखें दुनिया के हर फरेब से अनजान थीं। लेकि...

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अंकित: द घोस्ट हंटर By Dikshant Nagpure

एपिसोड 1: हड्डी चुराने वाला ज़ॉम्बीभाग 1 — कब्रिस्तान में सन्नाटा नहीं थारात के दो बज रहे थे। शहर से बाहर पुराना कब्रिस्तान, जिसे कोई नाम तक नहीं जानता था, अँधेरे में दबा हुआ था। आ...

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सात दिन या मौत! By Alfha production house

भाग 1मेरा नाम राहुल है और यह मेरी कहानी है।यह बात तब की है जब मैं बस 18 साल का था, पर अब मेरी शादी हो चुकी है और बच्चे भी हैं। उस उम्र में मेरे अंदर भूतों को लेकर बिल्कुल भी डर या...

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Shapit Makan: Marghat Ka Wo Aakhri Ghar By Vedant Kana

बरसों पहले बंगाल और बिहार की सीमा के पास एक छोटा सा गांव था जिसका नाम लोग धीरे धीरे भूल चुके थे। पुराने नक्शों में उसे केवल बड़का पुरवा कहा जाता था। गांव के चारों तरफ घना जंगल था औ...

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रहस्यमयी घड़ी और अतीत का चमत्कार - 3 By Tejendragodara

अगली सुबह सूरज की पहली किरण निकलते ही आर्यन ने माधव और गाँव के कुछ हिम्मत वाले युवाओं को एक पेड़ के नीचे इकट्ठा किया। गाँव वाले आर्यन के अजीब कपड़ों और बैग को देखकर अब भी कानाफूसी...

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अंधकार का जन्म By Dikshant Nagpure

मैंने दरवाज़ा खटखटाया, और अंदर से मेरी ही आवाज़ ने कहा—'आ जाओ, मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था।'फोन की स्क्रीन पर नीला रोशनी का धब्बा चमक रहा था। 'शैडो डिलीवरी' ऐप क...

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कोहिनूर: रोशनी के पहाड़ की अदृश्य सिसकियाँ और सदियों का प्रतिशोध By sodha iqbal kasam

आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था हजारों मजदूर पसीने से तर-बतर, जमीन के सीने को चीरकर कुछ ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे...

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प्यार की परीभाषा - 4 By Rishav raj

शाम का समय था। घर के बाहर गली में बच्चों की आवाज़ें आ रही थीं, लेकिन रवीना के घर के अंदर माहौल थोड़ा भारी था।रसोई में माँ और कोई औरत बैठी बात कर रही थीं। रवीना अंदर आकर चुपचाप पानी...

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धोबी By Dikshant Nagpure

गंगाराम गाँव का धोबी था।सुबह उठता। कपड़े इकट्ठा करता। नदी किनारे ले जाता। पत्थर पर पटकता। साबुन लगाता। धूप में सुखाता। शाम को इस्तरी करके वापस कर देता।तीस साल से यही कर रहा था।उसके...

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वो ठेला वाला जिसकी चाय पीके कोई वापस घर नहीं पहुंचा By Dikshant Nagpure

गाँव के चौराहे पर ठेला लगाता था भैरू। छोटा सा ठेला था। चाय की केतली। पान की दुकान। कुछ बिस्कुट के पैकेट। लोग आते थे। चाय पीते थे। अखबार पढ़ते थे। भैरू की चाय गाँव में मशहूर थी। एक...

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भानगढ़: रात 11:47 By Jeetendra

मैं आज तक नहीं मानता था कि जगहें याद रखती हैं। पत्थर सिर्फ पत्थर होते हैं।20 अक्टूबर 2019 की रात ने वो भरोसा तोड़ दिया। तब से मैं भानगढ़ का नाम सुनते ही कंधे झटक देता हूँ, जैसे कोई...

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रूहानी इश्क एक खौफनाक मोहब्बत - एपिसोड 3 By kajal jha

एपिसोड 3: हवेली का भूला हुआ राजआर्या जब अधूरी किताब के सामने खड़ी थी, तभी पहली बार उसे महसूस हुआ कि यह हवेली सिर्फ डरावनी नहीं है… बल्कि जानबूझकर छिपाई गई है।कमरे की हवा अब भारी हो...

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पवित्र प्रेम या अभिशाप ? - 1 By Sonam Brijwasi

रात का अंधेरा बहुत गहरा था…आसमान में बादल ऐसे छाए थे जैसे किसी अनहोनी का इंतज़ार कर रहे हों।एक पुराने खंडहर जैसे महल के अंदर…लाल रोशनी टिमटिमा रही थी। वहीं धीरे-धीरे एक लड़की बाहर...

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भूतिया कुआ देखने का सफर - भाग 4 By Tejendragodara

हम चारों हांफते हुए झटके से कार के अंदर घुसे और सारे दरवाजे अंदर से लॉक कर दिए। रोहित के हाथ इस कदर कांप रहे थे कि वह कार की चाबी को की-होल में नहीं डाल पा रहा था। चाबी बार-बार उसक...

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तुम मेरी आखिरी सांस हो - 14 By kajal jha

एपिसोड 13: अयान की आत्मा का सफ़रमंदिर के बाद की खामोशीमंदिर के टूटने और प्रतीक के नष्ट होने के बाद सब कुछ शांत हो गया था। रोहन ज़मीन पर बैठा था, उसकी साँसें तेज़ थीं लेकिन आँखों से...

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रात का सन्नाटा - 1 By Sandhya Devi

अंधेरे में चमकती हुई उन दो आँखों को देखकर चारों के शरीर में सिहरन दौड़ गई।"क... कौन है वहाँ?" रोहित ने काँपती आवाज़ में पूछा।कोई जवाब नहीं आया।बस वही आँखें अंधेरे में स्थिर खड़ी रह...

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हवेली का मुर्दा दूल्हा:जिन्न की दुल्हन - भाग 5 By chanchal

जानकी ने हमेशा की तरह उसे अनसुना कर दिया, पर उस शाम जो हुआ उसने गाँव को हिला दिया. जो भी व्यक्ति उस तालाब के पास गया, उसे लगा जैसे पानी के अंदर से हजारों नीली आँखें उसे घूर रही हों...

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Ghost hunters - 19 By Rishav raj

हवा में अब स्थिरता नहीं थी वो काँप रही थी जैसे दो अदृश्य ताकतें एक-दूसरे को धकेल रही हों मंडल के भीतर जलते दीपक कभी तेज़ हो जाते, कभी धीमे और हर बार उनके साथ पेड़ की दरारें भी गहरी...

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तेरहवा द्वार - 6 By InkImagination

भाग 6आधी रात की औरत“माँ… मुझे बाहर आने दो…”तहखाने में गूँजी उस आवाज़ ने दोनों के शरीर में जैसे बर्फ जमा दी।आरव और रोहन बिल्कुल स्थिर खड़े थे।काले लोहे के उस विशाल दरवाज़े के पीछे…...

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अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तान। - एपिसोड 13 By kajal jha

अधूरी किताब: एक रूहानी दास्तानएपिसोड 12: मृत यात्रियों का टिकटप्लेटफॉर्म नंबर 6 पर हवा जम चुकी थी।बारिश अब भी हो रही थी, लेकिन उसकी आवाज़ जैसे बहुत दूर से आ रही थी।पूरा स्टेशन खामो...

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नंदनगढ का सूरज हमेशा की तरह ढल रहा था, लेकिन आज की शाम कुछ अलग थी. सूरज की किरणें जैसे हवेली की दीवारों से टकराकर वापस लौट रही थीं, मानो वे भी अंदर जाने से डरती हों.आर्यन ने अपनी प...

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गुनाह का सौदा - A Dark Romance - 1 By Malti

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अंकित: द घोस्ट हंटर By Dikshant Nagpure

एपिसोड 1: हड्डी चुराने वाला ज़ॉम्बीभाग 1 — कब्रिस्तान में सन्नाटा नहीं थारात के दो बज रहे थे। शहर से बाहर पुराना कब्रिस्तान, जिसे कोई नाम तक नहीं जानता था, अँधेरे में दबा हुआ था। आ...

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भाग 1मेरा नाम राहुल है और यह मेरी कहानी है।यह बात तब की है जब मैं बस 18 साल का था, पर अब मेरी शादी हो चुकी है और बच्चे भी हैं। उस उम्र में मेरे अंदर भूतों को लेकर बिल्कुल भी डर या...

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Shapit Makan: Marghat Ka Wo Aakhri Ghar By Vedant Kana

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रहस्यमयी घड़ी और अतीत का चमत्कार - 3 By Tejendragodara

अगली सुबह सूरज की पहली किरण निकलते ही आर्यन ने माधव और गाँव के कुछ हिम्मत वाले युवाओं को एक पेड़ के नीचे इकट्ठा किया। गाँव वाले आर्यन के अजीब कपड़ों और बैग को देखकर अब भी कानाफूसी...

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अंधकार का जन्म By Dikshant Nagpure

मैंने दरवाज़ा खटखटाया, और अंदर से मेरी ही आवाज़ ने कहा—'आ जाओ, मैं तुम्हारा इंतज़ार कर रहा था।'फोन की स्क्रीन पर नीला रोशनी का धब्बा चमक रहा था। 'शैडो डिलीवरी' ऐप क...

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कोहिनूर: रोशनी के पहाड़ की अदृश्य सिसकियाँ और सदियों का प्रतिशोध By sodha iqbal kasam

आंध्र की उस तपती जमीन के नीचे, गोलकुंडा की खदानों में सन्नाटा सिर्फ फावड़ों की आवाज से टूटता था हजारों मजदूर पसीने से तर-बतर, जमीन के सीने को चीरकर कुछ ढूंढने की नाकाम कोशिश कर रहे...

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धोबी By Dikshant Nagpure

गंगाराम गाँव का धोबी था।सुबह उठता। कपड़े इकट्ठा करता। नदी किनारे ले जाता। पत्थर पर पटकता। साबुन लगाता। धूप में सुखाता। शाम को इस्तरी करके वापस कर देता।तीस साल से यही कर रहा था।उसके...

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वो ठेला वाला जिसकी चाय पीके कोई वापस घर नहीं पहुंचा By Dikshant Nagpure

गाँव के चौराहे पर ठेला लगाता था भैरू। छोटा सा ठेला था। चाय की केतली। पान की दुकान। कुछ बिस्कुट के पैकेट। लोग आते थे। चाय पीते थे। अखबार पढ़ते थे। भैरू की चाय गाँव में मशहूर थी। एक...

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भानगढ़: रात 11:47 By Jeetendra

मैं आज तक नहीं मानता था कि जगहें याद रखती हैं। पत्थर सिर्फ पत्थर होते हैं।20 अक्टूबर 2019 की रात ने वो भरोसा तोड़ दिया। तब से मैं भानगढ़ का नाम सुनते ही कंधे झटक देता हूँ, जैसे कोई...

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