प्रत्येक दिवस नवरात्री
सारखा असता तर,,,,
दुष्टांच्या अंगात कधी ही
महिषासुरअवतरला
नसता.

-Kalpna

जब शब्दों से इश्क़ हुआ
हम दर्द को भुल गए,,
दुख-दर्द में उलझी जिंदगी
को, कलम से बहते अल्फाज़ो से सुलझा लिए..
शब्द बने मरहम.. शब्द ही
बने दिल का सुकून..
हम शब्दों के साथ खेल गए..
जब इश्क़ हुआ शब्दों से,
हम शब्दों में घुल गए..
रहा न एहसास अकेले होने का, शब्दों में हमने
दिल के सारे जज़्बात बाँद
दिए..!!

-Kalpna

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वो अहमियत ही क्या,,,,
जो मांगने से मिले..

-Kalpna

नही है खास,,,
हमें अपने आप पर है नाज़
खुद से ही आशिक़ी है मेरी,
जिंदगी में अब ना जरूरत
तेरी..

-Kalpna

HAPPY NAVRATRI..🌷🌷

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..हर दम तलाश-ए-गैर में
रहता है इन्सान,
डरता है कही खुदसे मुलाक़ात न हो जाए..!

-Kalpna

चाय और
किताबों से
रिश्ता,
बहुत सुकून
भरा होता है।

-Kalpna

कभी कभी छोटी बातें भी
मन को शांत कर देती है..
जैसे की!!
भाड में जाए सब..

-Kalpna

एक कलाकार अपने
वक्त से आगे होता है,
वो भला चला भी जाए इस
दुनिया से पर, अपनी कला
से अपनी करदार से ..हमेशा यादों में जिंदा रहते है।
भगवान उनकी अत्मा को
शांती दे..🙏💐💐

-Kalpna

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