hindi Best Motivational Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Motivational Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations a...Read More


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  • तकनीकी जिन्दगी

    मेरा नाम सावित्री है ,मेरी उम्र करीबन 45 वर्ष के बीच की है। मै मध्यम वर्ग परिवार...

  • आधार - प्रस्तावना

    आचरण व संस्कार मानवीय नैतिक मूल्यों की दो ऐसी अनमोल निधियाँ हैं, जिनके बिना मानव...

  • क्या आप किताब उधार देंगे ?

    क्या पुस्तकें/ पत्रिकाएँ मांग कर पढना गलत हैं ? मुझे बचपन से आदत थी जब तक कोई प...

क्या बचपन अब ज़िंदा है? - 3 - अंतिम भाग By Heena_Pathan

बचपन जीना सबके नसीब में कहा ! कुछ बच्चे मनीष जैसे भी होते है जो बचपन को जी नहीं पाते है ! अब तक आपने देखा मनीष को नई ज़िंदगी मिल जाती है उसे N.g.o ।मे पढ़ने और उसे संभालने की जिमे...

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उजाले की ओर - 25 By Pranava Bharti

उजाले की ओर ------------------ " समीर ! सॉरी तुम्हें तकलीफ़ दे रही हूँ ,मुझे दूध लेना है ,कोई दुकान दिखाई दे --तो " विभा ने झिझकते हुए समीर से कहा ,बेचारे एक तो ये युवा लड़के उस...

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तकनीकी जिन्दगी By Rekha k

मेरा नाम सावित्री है ,मेरी उम्र करीबन 45 वर्ष के बीच की है। मै मध्यम वर्ग परिवार से हूँ। कोरोना काल से पहले मै एक घर में नौकरानी का काम करती थी। सब कुछ अच्छा चल रहा था। परन्तु देश...

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आधार - प्रस्तावना By Krishna Kant Srivastava

आचरण व संस्कार मानवीय नैतिक मूल्यों की दो ऐसी अनमोल निधियाँ हैं, जिनके बिना मानव के सामाजिक जीवन का अस्तित्व खतरे में जान पड़ता है। मानवीय नैतिक मूल्यों का अनुकरण न करना मनुष्य के...

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घर की मुर्गी दाल बराबर - 3 - अंतिम भाग By S Sinha

अंतिम भाग 3 - पिछले अंक में आपने पढ़ा कि सुदीप और नंदा जब रांची गए तब एक प्रकाशक ने सुदीप की कुछ रचनाएं स्वीकार कर ली .... कहानी - घर की मुर्...

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भगवान का घर By राज कुमार कांदु

वैकुंठ लोक में भगवान श्री राम कुछ चिंतित मुद्रा में चहलकदमी कर रहे हैं । बगल में ही खड़े भ्राता लक्ष्मण व माता सीता उनसे कई बार उनकी चिंता का कारण पूछ चुके हैं लेकिन भगवान श्री राम...

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क्या आप किताब उधार देंगे ? By Neelima Sharrma Nivia

क्या पुस्तकें/ पत्रिकाएँ मांग कर पढना गलत हैं ? मुझे बचपन से आदत थी जब तक कोई पत्रिका /पुस्तक/ अखबार मेरे सामने न हो मुझसे खाना नही खाया जाता था ।हमारे पूर्वज पाठ्यपुस्तक तो कई बा...

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Pulse Candy Success Story. 1 रुपये से 300 करोड़ कमाने वाली कंपनी। By Mrityunjay Singh

दोस्तों आज हम बात करने जा रहे हैं पल्स कैंडी के बारे में, भारत जैसे देश में जहां आम के स्वाद को बहुत ज्यादा पसंद किया जाता है चाहे वह बच्चे हो या बड़े बूढ़े आम का स्वाद अधिकांश लोग...

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दादी की सिलाई मशीन - 7 - अंतिम भाग By S Sinha

भाग 7 अंतिम सास से पूरी कहानी सुनने के बाद रमा भी दादी के चरित्र से बहुत प्रभावित हुई और उसने कहा “ आपने सच कहा है माँ जी. यह कोई चीज या सिर्फ एक सिलाई मशीन ही...

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पिता की सीख By Asha Saraswat

सचिन के पिताजी बहुत अच्छी मूर्तियाँ बनाते थे।उसको देखकर बहुत अच्छा लगता था। प्रतिदिन वह अपने पिताजी को मूर्तियाँ बनाते देखता तो उसका भी मन करता कि वह भी अच्छी मूर्ति बनाये ।धीरे-धी...

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मछुआरा महादेव और जलपरी By Ramesh Yadav

कुंडलिका नदी के किनारे बसा सावड़ा गांव बड़ा ही प्यारा था। उस गांव और उसके आस-पास के क्षेत्र को मानो प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली का वरदान प्राप्त था। पूरा क्षेत्र समुद्री किनारे से घ...

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हाय छुट्टियाँ बाय बाय छुट्टियाँ By Neelima Sharrma Nivia

" गर्मी की छुट्टी और माँ अकेले दिन हैं कमरे में सन्नाटा गूँज रहा हैं। ना पढ़ने में मन लगता है न लिखने में ,एक विरक्ति सी होने लगी है रिश्तों को बदलते देखकर।आआजकल लड़की को मायके में...

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गलत निकला सही By Kalpana Sahoo

केहते हैं युग बदलगया है । हमे युग के हिसाब से खुदको बदललेनी चाहिए । पर आज भी कुछ कार्य पेहले जैसा करते हैं मगर थोडी अलग अन्दाज् में । जैसे की आज भी लोग क्षेती करते हैं...

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आइसोलेशन By Ajay Khatri

मेरे हाथ में कोरोना नैगेटिव की रिपोर्ट में कोविड हौस्पिटल की रिसैप्शन पर खड़ा था आसपास कुछ लोग तालियां बजा कर मेरा अभिनंदन कर रहे थे दरअसल , यह रिपोर्ट मेरे एक कमरे की उस जेल से आज...

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संन्यासी महाराज By राज कुमार कांदु

निःसंतान राजा की अचानक मृत्यु हो गई! दरबारियों में व राज्य की प्रजा में शोक की लहर दौड़ गई। सूनी राजगद्दी को देखते हुए प्रधान बहुत चिंतित थे। आखिर गद्दी किसे सौंपी जाए? यह यक्ष प्रश...

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पिघलती बर्फ By राज कुमार कांदु

रामलाल शहर में एक मोहल्ले से होकर गुजर रहे थे । उस मोहल्ले से उन्हें खासी नफ़रत थी इतनी कि वो इधर आना ही नहीं चाहते थे । वजह थी उनकी इकलौती बेटी सीमा जिसने उनकी मर्जी के खिलाफ इसी...

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यह किताब क्यों पढ़ी ? By Neelima Sharrma Nivia

समय बहुत जल्दी बदल जाता है। आज एक फ़ोन के भीतर बच्चों बड़ो बूढ़ों ओर महिलाओ के लिए सारी दुनिया है । कोई सूचना चाहिए बस ...ओके गूगल कहकर प्रश्न कर दो ,गूगल बाबा की बिटिया तुरंत जवाब...

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कुछ आश् अधुरी सी....... By Kalpana Sahoo

वैसे तो हर मा-बाप का सपना है की उनकी बच्चें बडे हो, अच्छा पढाई करे और कुछ अच्छा सा नौकरी करे । अपने पैर पर खुद खडे हो सके । इसलिए उनसे जो बनपाता है सब वो करते हैं । फिर भी...

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भाग गई दलिद्दर By r k lal

“भाग गई दलिद्दर”आर0 के0 लालराधिका को वह दिन कभी नहीं भूलता जब वह दीपावली के बाद वाली एकादशी को अपने गांव के घर से अपनी सासू मां के साथ सूप बजाते हुए दलिद्दर खेदते हुए दक्षिण दिशा व...

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आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया By Saroj Prajapati

नीलम जैसे ही काम करके बैठी, तभी दरवाजे की घंटी बज गई। उसके बेटे ने दरवाजा खोला तो सामने उसके चाचा चाची थे। उसने नमस्ते कर, उन्हें अंदर बुलाया। उन्हें देखकर नीलम व उसके पति एक साथ ब...

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मुक्ति की ओर By Neelam Kulshreshtha

नीलम कुलश्रेष्ठ [अभी अभी १६ दिसंबर प्रधानमंत्री विजय दिवस के उपलक्ष में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे .ये स्मारक सन १९७१ के पाकिस्तान से हुये युद्ध में शहीदों की स्मृति...

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नहीं रह सकी तुम सिर्फ मेरे लिए By r k lal

नहीं रह सकी तुम सिर्फ मेरे लिएआर 0 के 0 लालमम्मी! तुमको क्या यह बात हजार बार बतानी पड़ेगी या लिख कर दूँ कि इस तरह का खाना मैं नहीं खा सकता। रोज-रोज एक ही नाश्ता तुम बनाती हो, वही अ...

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समय, मैं और वादा By शिवाय

एक बात तो सही ही है कि परीक्षाएं हर मोड़ पर होती है पर किस परीक्षा में उत्तीर्ण होते हो और किस में अनुत्तीर्ण ये समय और स्तिथि पर निर्भर करता है समय और स्तिथि दोनो ही आपके वो अध्याप...

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लोग गुस्से में चीखते है और प्रेम में मौन हो जाते है। By Krishna Timbadiya

गंगा किनारे स्नान करते गुरु और उसके चेलों ने देखा की एक परिवार वाले गुस्से में एक-दूसरे पर चीख चिल्ला रहे थे। एक चेले ने अन्य चेलो से पूछा, 'लोग गुस्से में होते है तभी एक-दूसरे...

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राधा बाई By Rajesh Maheshwari

राधा बाई मेरे एक मित्र है रमणीक भाई। उनके घर में एक वृद्ध महिला काम करती है उनका नाम है राधाबाई। राधाबाई उस घर के सदस्य के रूप में है। सभी बच्चे उन...

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मानवीयता By Rajesh Maheshwari

मानवीयता राजीव और हरीश आपस में मित्र थे। दोनो इंजीनियरिंग कालेज के अंतिम वर्ष के छात्र थे। दुर्भाग्यवश दोनो ही अनुत्तीर्ण हो गए। हरीश एक ठाकुर परिवार से संबंध रखता था। उसके माता...

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जीवन का सत्य By Rajesh Maheshwari

जीवन का सत्य एक सुप्रसिद्ध महात्मा जी से एक नेताजी ने पूछा कि वे चाहते है कि उनकी मृत्यु के बाद भी उनके परिवार का भविष्य व्यवस्थित रहे। महात्मा जी ने मु...

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सुधार गृह By Anita Bhardwaj

"अरे!! लड़का तो शरीफ है हमारा, बस मोहल्ले के लड़कों ने इसे बिगाड़ दिया है। इसका ब्याह कर दूंगी तो सुधर जाएगा। कोई लड़की बताओ जीजी! कम पढ़ी लिखी हो, चाहे कितनी भी गरीब हो, अपने ही घ...

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क्या बचपन अब ज़िंदा है? - 3 - अंतिम भाग By Heena_Pathan

बचपन जीना सबके नसीब में कहा ! कुछ बच्चे मनीष जैसे भी होते है जो बचपन को जी नहीं पाते है ! अब तक आपने देखा मनीष को नई ज़िंदगी मिल जाती है उसे N.g.o ।मे पढ़ने और उसे संभालने की जिमे...

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उजाले की ओर - 25 By Pranava Bharti

उजाले की ओर ------------------ " समीर ! सॉरी तुम्हें तकलीफ़ दे रही हूँ ,मुझे दूध लेना है ,कोई दुकान दिखाई दे --तो " विभा ने झिझकते हुए समीर से कहा ,बेचारे एक तो ये युवा लड़के उस...

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तकनीकी जिन्दगी By Rekha k

मेरा नाम सावित्री है ,मेरी उम्र करीबन 45 वर्ष के बीच की है। मै मध्यम वर्ग परिवार से हूँ। कोरोना काल से पहले मै एक घर में नौकरानी का काम करती थी। सब कुछ अच्छा चल रहा था। परन्तु देश...

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आधार - प्रस्तावना By Krishna Kant Srivastava

आचरण व संस्कार मानवीय नैतिक मूल्यों की दो ऐसी अनमोल निधियाँ हैं, जिनके बिना मानव के सामाजिक जीवन का अस्तित्व खतरे में जान पड़ता है। मानवीय नैतिक मूल्यों का अनुकरण न करना मनुष्य के...

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घर की मुर्गी दाल बराबर - 3 - अंतिम भाग By S Sinha

अंतिम भाग 3 - पिछले अंक में आपने पढ़ा कि सुदीप और नंदा जब रांची गए तब एक प्रकाशक ने सुदीप की कुछ रचनाएं स्वीकार कर ली .... कहानी - घर की मुर्...

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भगवान का घर By राज कुमार कांदु

वैकुंठ लोक में भगवान श्री राम कुछ चिंतित मुद्रा में चहलकदमी कर रहे हैं । बगल में ही खड़े भ्राता लक्ष्मण व माता सीता उनसे कई बार उनकी चिंता का कारण पूछ चुके हैं लेकिन भगवान श्री राम...

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क्या आप किताब उधार देंगे ? By Neelima Sharrma Nivia

क्या पुस्तकें/ पत्रिकाएँ मांग कर पढना गलत हैं ? मुझे बचपन से आदत थी जब तक कोई पत्रिका /पुस्तक/ अखबार मेरे सामने न हो मुझसे खाना नही खाया जाता था ।हमारे पूर्वज पाठ्यपुस्तक तो कई बा...

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Pulse Candy Success Story. 1 रुपये से 300 करोड़ कमाने वाली कंपनी। By Mrityunjay Singh

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दादी की सिलाई मशीन - 7 - अंतिम भाग By S Sinha

भाग 7 अंतिम सास से पूरी कहानी सुनने के बाद रमा भी दादी के चरित्र से बहुत प्रभावित हुई और उसने कहा “ आपने सच कहा है माँ जी. यह कोई चीज या सिर्फ एक सिलाई मशीन ही...

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पिता की सीख By Asha Saraswat

सचिन के पिताजी बहुत अच्छी मूर्तियाँ बनाते थे।उसको देखकर बहुत अच्छा लगता था। प्रतिदिन वह अपने पिताजी को मूर्तियाँ बनाते देखता तो उसका भी मन करता कि वह भी अच्छी मूर्ति बनाये ।धीरे-धी...

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मछुआरा महादेव और जलपरी By Ramesh Yadav

कुंडलिका नदी के किनारे बसा सावड़ा गांव बड़ा ही प्यारा था। उस गांव और उसके आस-पास के क्षेत्र को मानो प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली का वरदान प्राप्त था। पूरा क्षेत्र समुद्री किनारे से घ...

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हाय छुट्टियाँ बाय बाय छुट्टियाँ By Neelima Sharrma Nivia

" गर्मी की छुट्टी और माँ अकेले दिन हैं कमरे में सन्नाटा गूँज रहा हैं। ना पढ़ने में मन लगता है न लिखने में ,एक विरक्ति सी होने लगी है रिश्तों को बदलते देखकर।आआजकल लड़की को मायके में...

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गलत निकला सही By Kalpana Sahoo

केहते हैं युग बदलगया है । हमे युग के हिसाब से खुदको बदललेनी चाहिए । पर आज भी कुछ कार्य पेहले जैसा करते हैं मगर थोडी अलग अन्दाज् में । जैसे की आज भी लोग क्षेती करते हैं...

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मेरे हाथ में कोरोना नैगेटिव की रिपोर्ट में कोविड हौस्पिटल की रिसैप्शन पर खड़ा था आसपास कुछ लोग तालियां बजा कर मेरा अभिनंदन कर रहे थे दरअसल , यह रिपोर्ट मेरे एक कमरे की उस जेल से आज...

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संन्यासी महाराज By राज कुमार कांदु

निःसंतान राजा की अचानक मृत्यु हो गई! दरबारियों में व राज्य की प्रजा में शोक की लहर दौड़ गई। सूनी राजगद्दी को देखते हुए प्रधान बहुत चिंतित थे। आखिर गद्दी किसे सौंपी जाए? यह यक्ष प्रश...

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पिघलती बर्फ By राज कुमार कांदु

रामलाल शहर में एक मोहल्ले से होकर गुजर रहे थे । उस मोहल्ले से उन्हें खासी नफ़रत थी इतनी कि वो इधर आना ही नहीं चाहते थे । वजह थी उनकी इकलौती बेटी सीमा जिसने उनकी मर्जी के खिलाफ इसी...

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यह किताब क्यों पढ़ी ? By Neelima Sharrma Nivia

समय बहुत जल्दी बदल जाता है। आज एक फ़ोन के भीतर बच्चों बड़ो बूढ़ों ओर महिलाओ के लिए सारी दुनिया है । कोई सूचना चाहिए बस ...ओके गूगल कहकर प्रश्न कर दो ,गूगल बाबा की बिटिया तुरंत जवाब...

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कुछ आश् अधुरी सी....... By Kalpana Sahoo

वैसे तो हर मा-बाप का सपना है की उनकी बच्चें बडे हो, अच्छा पढाई करे और कुछ अच्छा सा नौकरी करे । अपने पैर पर खुद खडे हो सके । इसलिए उनसे जो बनपाता है सब वो करते हैं । फिर भी...

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भाग गई दलिद्दर By r k lal

“भाग गई दलिद्दर”आर0 के0 लालराधिका को वह दिन कभी नहीं भूलता जब वह दीपावली के बाद वाली एकादशी को अपने गांव के घर से अपनी सासू मां के साथ सूप बजाते हुए दलिद्दर खेदते हुए दक्षिण दिशा व...

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आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया By Saroj Prajapati

नीलम जैसे ही काम करके बैठी, तभी दरवाजे की घंटी बज गई। उसके बेटे ने दरवाजा खोला तो सामने उसके चाचा चाची थे। उसने नमस्ते कर, उन्हें अंदर बुलाया। उन्हें देखकर नीलम व उसके पति एक साथ ब...

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मुक्ति की ओर By Neelam Kulshreshtha

नीलम कुलश्रेष्ठ [अभी अभी १६ दिसंबर प्रधानमंत्री विजय दिवस के उपलक्ष में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे .ये स्मारक सन १९७१ के पाकिस्तान से हुये युद्ध में शहीदों की स्मृति...

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नहीं रह सकी तुम सिर्फ मेरे लिए By r k lal

नहीं रह सकी तुम सिर्फ मेरे लिएआर 0 के 0 लालमम्मी! तुमको क्या यह बात हजार बार बतानी पड़ेगी या लिख कर दूँ कि इस तरह का खाना मैं नहीं खा सकता। रोज-रोज एक ही नाश्ता तुम बनाती हो, वही अ...

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समय, मैं और वादा By शिवाय

एक बात तो सही ही है कि परीक्षाएं हर मोड़ पर होती है पर किस परीक्षा में उत्तीर्ण होते हो और किस में अनुत्तीर्ण ये समय और स्तिथि पर निर्भर करता है समय और स्तिथि दोनो ही आपके वो अध्याप...

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लोग गुस्से में चीखते है और प्रेम में मौन हो जाते है। By Krishna Timbadiya

गंगा किनारे स्नान करते गुरु और उसके चेलों ने देखा की एक परिवार वाले गुस्से में एक-दूसरे पर चीख चिल्ला रहे थे। एक चेले ने अन्य चेलो से पूछा, 'लोग गुस्से में होते है तभी एक-दूसरे...

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राधा बाई By Rajesh Maheshwari

राधा बाई मेरे एक मित्र है रमणीक भाई। उनके घर में एक वृद्ध महिला काम करती है उनका नाम है राधाबाई। राधाबाई उस घर के सदस्य के रूप में है। सभी बच्चे उन...

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मानवीयता By Rajesh Maheshwari

मानवीयता राजीव और हरीश आपस में मित्र थे। दोनो इंजीनियरिंग कालेज के अंतिम वर्ष के छात्र थे। दुर्भाग्यवश दोनो ही अनुत्तीर्ण हो गए। हरीश एक ठाकुर परिवार से संबंध रखता था। उसके माता...

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जीवन का सत्य By Rajesh Maheshwari

जीवन का सत्य एक सुप्रसिद्ध महात्मा जी से एक नेताजी ने पूछा कि वे चाहते है कि उनकी मृत्यु के बाद भी उनके परिवार का भविष्य व्यवस्थित रहे। महात्मा जी ने मु...

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सुधार गृह By Anita Bhardwaj

"अरे!! लड़का तो शरीफ है हमारा, बस मोहल्ले के लड़कों ने इसे बिगाड़ दिया है। इसका ब्याह कर दूंगी तो सुधर जाएगा। कोई लड़की बताओ जीजी! कम पढ़ी लिखी हो, चाहे कितनी भी गरीब हो, अपने ही घ...

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