hindi Best Motivational Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Motivational Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations a...Read More


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  • अरुणिमा सिंहा

    मन के हारे हार है....और....मन के जिते जित.दोस्तों यह कहावत का मतलब तो आप समझ ही...

  • बेटी का हक

    सेवानिवृत बैंक-अधिकारी आस्तिक ने तौलिये से गीला चेहरा पोंछते हुए अपनी धर्मपत्नी...

  • महान धन्वंतरि शिवानन्द

    बहुत समय पहले की बात है। तब वर्तमान जैसी आधुनिक चिकित्सा पद्धति नहीं थी।उस समय व...

अरुणिमा सिंहा By WR.MESSI

मन के हारे हार है....और....मन के जिते जित.दोस्तों यह कहावत का मतलब तो आप समझ ही गए होंगे....आज में आपको एसी ही एक सत्य घटना पर आधारित कहानी बताने वाला हूँ, यह कहानी साबित कर देगी क...

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बड़ी बहन बनना मुश्किल है By Ankusha Bulkunde

बड़ी बहन बनना मुश्किल है |पवार साहब का परिवार हसता-खेलता था |उनको दो बेटियां थी ,सोना और मोना| दोनों बहनों में 3 साल का अंतर था| दोनों बहनें छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई -झगड़ा करती...

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ऐसा भी हुआ By Rajesh Maheshwari

ऐसा भी हुआ कुछ माह पूर्व मुझे अपने आवश्यक कार्य से दुबई जाना था। उस दिन रविवार था और मुझे सोमवार की सुबह रवाना होना था। मैं शाम के समय मुम्बई में एक रेस्तरां में काफी पीने गया था...

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बेटी का हक By Shikha Kaushik

सेवानिवृत बैंक-अधिकारी आस्तिक ने तौलिये से गीला चेहरा पोंछते हुए अपनी धर्मपत्नी मंजू से कहा - 'हर दहेज़ -हत्या के जिम्मेदार ससुरालवालों से ज्यादा लड़की के मायके वाले होते हैं ....

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महान धन्वंतरि शिवानन्द By Prem Nhr

बहुत समय पहले की बात है। तब वर्तमान जैसी आधुनिक चिकित्सा पद्धति नहीं थी।उस समय वैद्य हुआ करते थे, कुछ तो इतने कुशल और प्रसिद्ध होते थे कि किसी का इलाज शुरू कर दिया तो रोगी को ठीक क...

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कृति का पुनर्पाठ: सहज आवश्यकता By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

कृति का पुनर्पाठ: औपचारिक कर्मकाण्ड से अलग एक सहज आवश्यकता किसी कृति का पाठ या विमर्श उसमें निहित लेखक के रचनात्मक निवेश का उत्खनन है। यह उत्खनन कृति की संभावनाओं के अनुसा...

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मैं जिंदा हूँ By Archana Anupriya

"मैं जिंदा हूँ.."कस्बे का शहरीकरण हो रहा था और आसपास के सभी गाँवों को जोड़ा जा रहा था। उस चुनावी क्षेत्र के सांसद, रंजीत राय जी एक दबंग इंसान थे और केंद्र में उन्हीं की प...

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नारद और महन्त By Rajesh Maheshwari

नारद और महन्त नारद जी ब्रम्हाण्ड का भ्रमण करते-करते आर्यावर्त के इस रेवा खण्ड के एक नगर में अवतरित हुए। यहां उन्होंने देखा एक पत्थर पर एक भ...

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उजाले की ओर - 3 By Pranava Bharti

उजाले की ओर -- 3 ------------------ स्नेही एवं प्रिय मित्रों सभीको मेरा नमन यह संसार एक बहती नदिया है जिसमें सभीको हिचकोले खाने हैं ,कोई तैर जाता है तो कोई लहरों से टक...

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Untold Story By Sarvesh Singh

MS Dhoni #Mahi ?इंडिया - पाकिस्तान का मैच होता तो कभी कभार देख लेता लेकिन क्रिकेट प्रेमी नहीं था, मतलब मुझे क्रिकेट में ज्यादा दिलचस्पी नहीं था। जब मैंने पहली बार धोनी को क्रिच पर...

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जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान By Rajesh Maheshwari

जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान मोहनियां गांव का रामसिंह, एक सम्पन्न किसान था। घर में पत्नी, एक नौजवान बेटा और एक बेटी थी।...

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भगवान के मनके By Prem Nhr

भगवान के मनके एक बार भगवान श्री कृष्ण एकांत में बैठे थे। उनके हाथ में एक माला थी जिसके एक-एक मनके को वे अपनी आँखें मूंदकर घुमा रहे थे। इतने में वहाँ पर कहीं से कुंती पुत्र 'अर...

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 वर्तमान समाज में नारी की सम्मानजनक स्थिति By Dr kavita Tyagi

वर्तमान समाज में नारी की सम्मानजनक स्थिति वर्तमान भारतीय समाज में स्त्रियों के प्रति सम्मान भाव का अध्ययन-विश्लेषण करते हैं , तो पता चलता है कि यहाँ प्राचीन काल से ही ना...

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हमारे स्वास्थ्य कर्मचारी By Deepika Mona

सुनो सिमरन, तुम हॉस्पिटल नहीं जाओगी। अपने बारे में ना सही हम घर वालों के बारे में तो सोचो दो छोटे बच्चे हैं तुम्हारे उनके बारे में तो सोचो।ऐसा कहकर दीपक कमरे के बाहर चला गया और सिम...

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बारबाला By Rajesh Maheshwari

बारबाला जीवन में गरीबी देती है अभाव, चिन्ता और परेशानियां। परन्तु आशा की किरणें, सच्ची लगन और परिश्रम से जीवन संवर जा...

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धड़कनों में तुम बसे By Dr Vinita Rahurikar

धड़कनों में तुम बसे... दरवाजे के अंदर पैर रखते ही हर बार की तरह ही अनिरुद्ध के दिल की धड़कन अनियंत्रित हो गई। पैरों में अजीब कंपकपी सी आने लगी। देखने में वे एकदम सामान्य चाल से चल...

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आस्था के दो ध्रुव By Dr kavita Tyagi

आस्था के दो ध्रुव भारतीय उपमहाद्वीप में हिन्दू धर्म और इस्लाम धर्म को आस्था के दो ध्रुव कहा जा सकता है । जिस प्रकार नदी के दो किनारों का परस्प...

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डोर (धर्म और कर्म की)... By सिमरन जयेश्वरी

वो आज खुद को आईने के सामने बेठ के निहारे जा रही थी।आज उसकी चेहरे की चमक एसी थी की उसके आगे चाँद की चांदनी भी फीकी पड़ जाये। आज वो लाल जोड़े मे दुल्हनो की तरह सजी थी,और सजना मुनासिफ भ...

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अमर जवान By Atul Kumar Sharma ” Kumar ”

कितना काम करते हैं सभी कितने समझदार हैं। सबने अपनी अपनी जिम्मेदारी संभाल ली जिम्मेदार हो गए। और तू अभी तक अपने पांव पर खड़ा भी नही हुआ, पता नही इस कामचोर बदसूरत को कौन अपनी लड़की देग...

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WILMA RUDOLPH By WR.MESSI

एक असफल आदमी अपनी असफलता के जिंदगी में हजारों बहाने बना सकता है, और हम भी कही बार ऐसा ही करते हैं, लेकिन आज जो कहानी मैं आपको बताने वाला हूँ वो एक ऐसी लड़की की कहानी है, जिसकी जिंद...

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बटवारा By Rajesh Maheshwari

बटवारा नागपुर में सेठ करोड़ीमल नाम के एक बड़े उद्योगपति रहते थे। उनके पास खेती की काफी जमीन भी थी। पत्नी का देहान्त हो चुका था। अब परिवार में उनके अलावा उनके तीन पुत्र रमेश...

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बात न करो जात की - 3 By Maya

ठाकुर राम सिंह हाथ मुंह धोकर खाना पर बैठे थे कि, लखन बुलाने आया!ठाकुर साहब और ठाकुर साहब हारते हुए दरवाजे के बाहर आवाज लगाता है, (तभी रवि ठाकुर राम सिंह की मंझिला बेटा) क्या हुआ लख...

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मनोज By Atul Kumar Sharma ” Kumar ”

कमरे में चारो तरफ मातम सा छाया हुआ था। सभी लोग लाचार से चुपचाप खड़े होकर बस जैसे उस मनहूस अनहोनी घड़ी का इंतज़ार कर रहे थे । बीच में पलँग पर एक कमजोर युवक अपने अंदर दर्द की लहरों को स...

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विद्रोहिणी By Sneh Goswami

विद्रोहिणी अपाला ने सूर्य की आराधना में ऋचाओं की रचना की । उन ऋचाओं के सस्वर पाठ से जलाभिषेक कर भुवनभास्कर का आवाहन किया । सूर्यदेव प्रकट हुए । वनप्रांतर में से कुछ जङी-बूटि...

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एक उम्मीद - भाग - 1 By Neha Awasthi

दरवाजा खुलता है ! आइए आइए स्वागत है आपका ! पधारिए हमारे इस आंगन में । बेटी तुझे देखने लड़के वाले आए हैं उसकी मां उसे बताती है और तैयार होने को बोलती हैं । यह कविता है कहानी की मुख्...

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सुबह के चार बजे By Krishna Timbadiya

में हमेशा से लिखना और पढ़ने पसंद करती हूं। मेरे पढने के अनुभवों के बाद मेंने लिखना शुरू किया। कुछ कहानियों को मैंने अपने निजी ज़िंदगी से जोड़ के देखा। मानो जो ढूँढ रही थी, मेरी जिं...

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कलाकार By Rajesh Maheshwari

कलाकार मोहनसिंह बचपन से ही कलात्मक अभिरूचि का था और दूसरों की नकल करना उसका प्रमुख खेल था। जब वह पाठशाला जाने लगा तो उसके शिक्षकों ने उसके इस गुण को पहचाना और वह विभिन्न स्कूल...

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पीड़ा By Arjuna Bunty

पीड़ा जिस तरह खुशी जीवन की एक सच्चाई है जन्म और मृत्यु जो चिरंतन सत्य है । उसी प्रकार दुख , कलह,तकलीफ, पीड़ा भी जीवन की सच्चाई है। हम इस से खुद को अलग नहीं कर सकते। जिस तर...

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आत्मा की आवाज(भाग 1) By Kishanlal Sharma

गणेश को बचपन से ही चोरी की आदत पड़ गई थी।बड़ा होकर वह शातिर चोर बन गया।छोटा था तो छोटी चोरी करता था।बड़ा हुआ तो बड़ी चोरी करने लगा।रात को जब लोग अपने अपने घरों में सो रहे होते।तब वह से...

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दो किलो आम का मूल्य By Kalyan Singh

जैसा कि गर्मी का मौसम था तो दिनेश ड्राइवर ने पहले से ही कार का A .C चालू रखा था। वो मेरे व्यवहार से पूरी तरह वाकिफ़ था कि साहब इंस्पेक्शन पर गए है जरूर गरम होकर ही आएँगे। इधर मे...

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एक कबूतरी का मदर्स डे By Archana Anupriya

"एक कबूतरी का मदर्स डे"आसमान में काले बादल उमड़ घुमड़ रहे थे। तेज हवाएँ एक अजीब सी आवाज के साथ आँधी का रूप ले चुकी थीं। अपार्टमेंट के हर फ्लोर से कभी खिड़की तो कभी दरवाज...

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गाली By सिद्धार्थ शुक्ला

#गाली हर मां बाप अपने बच्चों को बहुत संभाल कर रखते हैं कि बचपन में लड़कपन में वे कोई बुरी संगत में न पड़ जाएं । खूब ख्याल रखते है मगर कितना ही बचा बचा कर चलो बच्चे अक्सर ऐसे लोगों क...

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माँ By Rajesh Maheshwari

माँ श्यामा सुबह-सुबह नहा-धोकर एक लोटे में जल और डलिया में फूल लेकर मन्दिर चली जा रही थी। यह उसकी प्रतिदिन की दिनचर्या थी। अचानक उसे किसी शिशु के रोने का स्वर सुनाई दिया।...

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सब्र  By Arjuna Bunty

सब्र पहले बुजुर्गों से सुना था जिंदगी इम्तिहान लेती है, तब लगता था कि लोग भी क्या क्या बोलते हैं, भला जिंदगी भी कहीं इम्तिहान लेती है । अल्हड़पन था बचपना था ना समझ था शायद इसलि...

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हनुमानजी से साक्षात्कार By Atul Kumar Sharma ” Kumar ”

सोमवार खत्म होने को था,अतुल के चेहरे पर अगले दिन को लेकर एक बार फिर से चिंता की लकीरे उभर आई।। "मंगलवार" इस दिन को लेकर अतुल बहुत भयभीत रहता था।। लोगों में तरह तरह के अंधविश्वास हो...

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धरती का स्वर्ग। By Minal Vegad

"माँ तुम मेरा रिपोर्ट कार्ड देखो मैंने बहुत अच्छे नंबर पाए हैं।" कीशन अपना परिणाम बड़ी खुशी से अपनी माँ को दिखाते बोला। "नहीं माँ, पहले मेेेेरा देेेेखोंं। मुुझ...

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J K Rowling By WR.MESSI

ये कहानी है एक लड़की की....जिसे लिखने का बहुत शौक़ था... 6 साल की उम्र में उसने एक खरगोस के उपर कहानी लिखी थी जिसे Pox की बीमारी थी। उसने वो कहानी अपनी माँ को सुनाई, उन्हें वो बहो...

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प्रिय एंजल By तेज साहू

प्रिय एंजल,खाने- पीने की खूब शौकीन हो, तुम सुबह उठने के बाद से रात सोने के पहले तक कुछ न कुछ खाते रहना बहुत पसंद है, तुमकोशाम को "टिल्लू के गुपचुप सेंटर" में जाकर मज़े से गोपगप्पे ख...

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मोबाइल की जान और शान By r k lal

मोबाइल की जान और शान आर 0 के 0 लाल सौरभ की शादी एक साल पहले हुयी थी । उसकी पत्नी रोज सुबह रोमांटिक तरीके से उसे जागती थी और दिन भर उसका पूरा ख्याल रखती थी, मगर...

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वे बहत्तर घण्टे By Rajesh Maheshwari

वे बहत्तर घण्टे गुजरात भीषण अकाल से पीड़ित था। रहे थे। फसलें सूख चुकी थीं। खेत दरक गये थे। इन्सानों के लिये अनाज की व्यवस्थाएं तो सरकार...

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मैं टूटकर नहीं बिखरूंगा By Saroj Prajapati

रात को धड़ाम की आवाज से सुषमा की आंख खुली। उसनेे लाइट जला कर देखा तो उसके पति तो वहीं सो रहे थे लेकिन बेटा वहां नहीं था। रात को वह उनके साथ ही तो सोया था। अनजानी आशंकाओं से उसका मन...

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किसान By Rajesh Kumar

हमारे देश कृषिप्रधान देश है, लगभग 60% समाज कृषि पर जीवनयापन करता है। कहते है 17वीं शताब्दी तक भारत की कृषि व्यवस्था बहुत दुरूस्त थी जिससे किसान स्वावलंबी थे और वैश्विक अर्थव्यवस्था...

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प्रयत्न By Arjuna Bunty

जिंदगी वहां से शुरू करने में ज्यादा मज़ा है जहां पर लगे की अब मुझसे जिंदगी नहीं जी जा सकती है। क्योंकि, यही वो मौका होता है , जब हमें अपने कौशल को दिखाने का मौका मिलता है, कठिनाइयो...

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जिंदगी By shama parveen

जिंदगी ईश्वर का अनमोल तोहफा है. जिसे हर किसी को अच्छे से जीना चाहिए. किसी भी इंसान की जिंदगी बहुमूल्य होती है. हर इंसान को अपनी जिंदगी का मूल्य समझना चाहिए. किसी के कहने से अपनी जि...

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जीवन सलामती के तीन पहेलु By Sunil Bambhaniya

कोरोना वायरस महामारी अपने भारत देश में ही नहीं किन्तु पूरी दुनिया में फैली हुई है। दिन प्रति दिन दुनिया में कोरोना के दर्दी बढ़ते ही जा रहे हैं लेकिन अभी त...

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गुरु By Pranava Bharti

गुरु ------ भोर की सुनहरी रूपाली किरणें अनु के मन में एक नया संदेश प्रसरित करती हैं।बड़ा भला लगता है उसे ब्रह्म मुहूर्त के सूरज से कानाफूसी करना ।बचपन से ही माँ-पापा सूरज के नम...

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स्वाधीन वल्लभा By Geeta Shri

स्वाधीन वल्लभा गीताश्री प्रेम के आस्वाद के लिये शब्दों की भला क्या जरूरत? शायद दुनिया की तमाम भाषायें, प्रेम के किसी हिमनद से निकली होंगी। एक दुभाषिये के तौर पर नीलंती की जिस अस्फु...

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अरुणिमा सिंहा By WR.MESSI

मन के हारे हार है....और....मन के जिते जित.दोस्तों यह कहावत का मतलब तो आप समझ ही गए होंगे....आज में आपको एसी ही एक सत्य घटना पर आधारित कहानी बताने वाला हूँ, यह कहानी साबित कर देगी क...

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बड़ी बहन बनना मुश्किल है |पवार साहब का परिवार हसता-खेलता था |उनको दो बेटियां थी ,सोना और मोना| दोनों बहनों में 3 साल का अंतर था| दोनों बहनें छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई -झगड़ा करती...

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ऐसा भी हुआ By Rajesh Maheshwari

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बेटी का हक By Shikha Kaushik

सेवानिवृत बैंक-अधिकारी आस्तिक ने तौलिये से गीला चेहरा पोंछते हुए अपनी धर्मपत्नी मंजू से कहा - 'हर दहेज़ -हत्या के जिम्मेदार ससुरालवालों से ज्यादा लड़की के मायके वाले होते हैं ....

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महान धन्वंतरि शिवानन्द By Prem Nhr

बहुत समय पहले की बात है। तब वर्तमान जैसी आधुनिक चिकित्सा पद्धति नहीं थी।उस समय वैद्य हुआ करते थे, कुछ तो इतने कुशल और प्रसिद्ध होते थे कि किसी का इलाज शुरू कर दिया तो रोगी को ठीक क...

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कृति का पुनर्पाठ: सहज आवश्यकता By कृष्ण विहारी लाल पांडेय

कृति का पुनर्पाठ: औपचारिक कर्मकाण्ड से अलग एक सहज आवश्यकता किसी कृति का पाठ या विमर्श उसमें निहित लेखक के रचनात्मक निवेश का उत्खनन है। यह उत्खनन कृति की संभावनाओं के अनुसा...

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मैं जिंदा हूँ By Archana Anupriya

"मैं जिंदा हूँ.."कस्बे का शहरीकरण हो रहा था और आसपास के सभी गाँवों को जोड़ा जा रहा था। उस चुनावी क्षेत्र के सांसद, रंजीत राय जी एक दबंग इंसान थे और केंद्र में उन्हीं की प...

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नारद और महन्त By Rajesh Maheshwari

नारद और महन्त नारद जी ब्रम्हाण्ड का भ्रमण करते-करते आर्यावर्त के इस रेवा खण्ड के एक नगर में अवतरित हुए। यहां उन्होंने देखा एक पत्थर पर एक भ...

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जय जवान-जय किसान-जय विज्ञान By Rajesh Maheshwari

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भगवान के मनके By Prem Nhr

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हमारे स्वास्थ्य कर्मचारी By Deepika Mona

सुनो सिमरन, तुम हॉस्पिटल नहीं जाओगी। अपने बारे में ना सही हम घर वालों के बारे में तो सोचो दो छोटे बच्चे हैं तुम्हारे उनके बारे में तो सोचो।ऐसा कहकर दीपक कमरे के बाहर चला गया और सिम...

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बारबाला जीवन में गरीबी देती है अभाव, चिन्ता और परेशानियां। परन्तु आशा की किरणें, सच्ची लगन और परिश्रम से जीवन संवर जा...

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धड़कनों में तुम बसे By Dr Vinita Rahurikar

धड़कनों में तुम बसे... दरवाजे के अंदर पैर रखते ही हर बार की तरह ही अनिरुद्ध के दिल की धड़कन अनियंत्रित हो गई। पैरों में अजीब कंपकपी सी आने लगी। देखने में वे एकदम सामान्य चाल से चल...

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आस्था के दो ध्रुव By Dr kavita Tyagi

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डोर (धर्म और कर्म की)... By सिमरन जयेश्वरी

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अमर जवान By Atul Kumar Sharma ” Kumar ”

कितना काम करते हैं सभी कितने समझदार हैं। सबने अपनी अपनी जिम्मेदारी संभाल ली जिम्मेदार हो गए। और तू अभी तक अपने पांव पर खड़ा भी नही हुआ, पता नही इस कामचोर बदसूरत को कौन अपनी लड़की देग...

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एक असफल आदमी अपनी असफलता के जिंदगी में हजारों बहाने बना सकता है, और हम भी कही बार ऐसा ही करते हैं, लेकिन आज जो कहानी मैं आपको बताने वाला हूँ वो एक ऐसी लड़की की कहानी है, जिसकी जिंद...

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बटवारा By Rajesh Maheshwari

बटवारा नागपुर में सेठ करोड़ीमल नाम के एक बड़े उद्योगपति रहते थे। उनके पास खेती की काफी जमीन भी थी। पत्नी का देहान्त हो चुका था। अब परिवार में उनके अलावा उनके तीन पुत्र रमेश...

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बात न करो जात की - 3 By Maya

ठाकुर राम सिंह हाथ मुंह धोकर खाना पर बैठे थे कि, लखन बुलाने आया!ठाकुर साहब और ठाकुर साहब हारते हुए दरवाजे के बाहर आवाज लगाता है, (तभी रवि ठाकुर राम सिंह की मंझिला बेटा) क्या हुआ लख...

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मनोज By Atul Kumar Sharma ” Kumar ”

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विद्रोहिणी By Sneh Goswami

विद्रोहिणी अपाला ने सूर्य की आराधना में ऋचाओं की रचना की । उन ऋचाओं के सस्वर पाठ से जलाभिषेक कर भुवनभास्कर का आवाहन किया । सूर्यदेव प्रकट हुए । वनप्रांतर में से कुछ जङी-बूटि...

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एक उम्मीद - भाग - 1 By Neha Awasthi

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सुबह के चार बजे By Krishna Timbadiya

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कलाकार By Rajesh Maheshwari

कलाकार मोहनसिंह बचपन से ही कलात्मक अभिरूचि का था और दूसरों की नकल करना उसका प्रमुख खेल था। जब वह पाठशाला जाने लगा तो उसके शिक्षकों ने उसके इस गुण को पहचाना और वह विभिन्न स्कूल...

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पीड़ा By Arjuna Bunty

पीड़ा जिस तरह खुशी जीवन की एक सच्चाई है जन्म और मृत्यु जो चिरंतन सत्य है । उसी प्रकार दुख , कलह,तकलीफ, पीड़ा भी जीवन की सच्चाई है। हम इस से खुद को अलग नहीं कर सकते। जिस तर...

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आत्मा की आवाज(भाग 1) By Kishanlal Sharma

गणेश को बचपन से ही चोरी की आदत पड़ गई थी।बड़ा होकर वह शातिर चोर बन गया।छोटा था तो छोटी चोरी करता था।बड़ा हुआ तो बड़ी चोरी करने लगा।रात को जब लोग अपने अपने घरों में सो रहे होते।तब वह से...

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जैसा कि गर्मी का मौसम था तो दिनेश ड्राइवर ने पहले से ही कार का A .C चालू रखा था। वो मेरे व्यवहार से पूरी तरह वाकिफ़ था कि साहब इंस्पेक्शन पर गए है जरूर गरम होकर ही आएँगे। इधर मे...

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एक कबूतरी का मदर्स डे By Archana Anupriya

"एक कबूतरी का मदर्स डे"आसमान में काले बादल उमड़ घुमड़ रहे थे। तेज हवाएँ एक अजीब सी आवाज के साथ आँधी का रूप ले चुकी थीं। अपार्टमेंट के हर फ्लोर से कभी खिड़की तो कभी दरवाज...

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गाली By सिद्धार्थ शुक्ला

#गाली हर मां बाप अपने बच्चों को बहुत संभाल कर रखते हैं कि बचपन में लड़कपन में वे कोई बुरी संगत में न पड़ जाएं । खूब ख्याल रखते है मगर कितना ही बचा बचा कर चलो बच्चे अक्सर ऐसे लोगों क...

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माँ By Rajesh Maheshwari

माँ श्यामा सुबह-सुबह नहा-धोकर एक लोटे में जल और डलिया में फूल लेकर मन्दिर चली जा रही थी। यह उसकी प्रतिदिन की दिनचर्या थी। अचानक उसे किसी शिशु के रोने का स्वर सुनाई दिया।...

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सब्र  By Arjuna Bunty

सब्र पहले बुजुर्गों से सुना था जिंदगी इम्तिहान लेती है, तब लगता था कि लोग भी क्या क्या बोलते हैं, भला जिंदगी भी कहीं इम्तिहान लेती है । अल्हड़पन था बचपना था ना समझ था शायद इसलि...

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हनुमानजी से साक्षात्कार By Atul Kumar Sharma ” Kumar ”

सोमवार खत्म होने को था,अतुल के चेहरे पर अगले दिन को लेकर एक बार फिर से चिंता की लकीरे उभर आई।। "मंगलवार" इस दिन को लेकर अतुल बहुत भयभीत रहता था।। लोगों में तरह तरह के अंधविश्वास हो...

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धरती का स्वर्ग। By Minal Vegad

"माँ तुम मेरा रिपोर्ट कार्ड देखो मैंने बहुत अच्छे नंबर पाए हैं।" कीशन अपना परिणाम बड़ी खुशी से अपनी माँ को दिखाते बोला। "नहीं माँ, पहले मेेेेरा देेेेखोंं। मुुझ...

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J K Rowling By WR.MESSI

ये कहानी है एक लड़की की....जिसे लिखने का बहुत शौक़ था... 6 साल की उम्र में उसने एक खरगोस के उपर कहानी लिखी थी जिसे Pox की बीमारी थी। उसने वो कहानी अपनी माँ को सुनाई, उन्हें वो बहो...

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प्रिय एंजल By तेज साहू

प्रिय एंजल,खाने- पीने की खूब शौकीन हो, तुम सुबह उठने के बाद से रात सोने के पहले तक कुछ न कुछ खाते रहना बहुत पसंद है, तुमकोशाम को "टिल्लू के गुपचुप सेंटर" में जाकर मज़े से गोपगप्पे ख...

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मोबाइल की जान और शान By r k lal

मोबाइल की जान और शान आर 0 के 0 लाल सौरभ की शादी एक साल पहले हुयी थी । उसकी पत्नी रोज सुबह रोमांटिक तरीके से उसे जागती थी और दिन भर उसका पूरा ख्याल रखती थी, मगर...

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वे बहत्तर घण्टे By Rajesh Maheshwari

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मैं टूटकर नहीं बिखरूंगा By Saroj Prajapati

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किसान By Rajesh Kumar

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जिंदगी By shama parveen

जिंदगी ईश्वर का अनमोल तोहफा है. जिसे हर किसी को अच्छे से जीना चाहिए. किसी भी इंसान की जिंदगी बहुमूल्य होती है. हर इंसान को अपनी जिंदगी का मूल्य समझना चाहिए. किसी के कहने से अपनी जि...

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जीवन सलामती के तीन पहेलु By Sunil Bambhaniya

कोरोना वायरस महामारी अपने भारत देश में ही नहीं किन्तु पूरी दुनिया में फैली हुई है। दिन प्रति दिन दुनिया में कोरोना के दर्दी बढ़ते ही जा रहे हैं लेकिन अभी त...

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गुरु By Pranava Bharti

गुरु ------ भोर की सुनहरी रूपाली किरणें अनु के मन में एक नया संदेश प्रसरित करती हैं।बड़ा भला लगता है उसे ब्रह्म मुहूर्त के सूरज से कानाफूसी करना ।बचपन से ही माँ-पापा सूरज के नम...

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स्वाधीन वल्लभा By Geeta Shri

स्वाधीन वल्लभा गीताश्री प्रेम के आस्वाद के लिये शब्दों की भला क्या जरूरत? शायद दुनिया की तमाम भाषायें, प्रेम के किसी हिमनद से निकली होंगी। एक दुभाषिये के तौर पर नीलंती की जिस अस्फु...

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