Free Hindi Poem Quotes by shekhar kharadi Idriya | 111802635

उत्तर-पूर्व-पश्विम-पूरब

तपते ताप सा कहर ,

प्रचंड-उष्ण हवा लहर

गर्म लू सा मंद-मंद पहर ,

रौद्र रूप ऊर्जावान प्रकोप

उड़ती धूल-बंवडर से ,

वन-पहाड़-बगीयां जलें

व्यथित-उदास राहें रुठें

दुपहरी धूप के प्रहार से

दौड़ता जनजीवन ठप

शहर-शहर सड़कें पिघलें

अंग-अंग से बहें पसीना

पग-पग से उठें ज्वार ,

सारे पंछी हुए मूर्छित

सर्वत्र त्राहि-त्राहि पुकारें..

करुणामय श्वासे चलें

मृदु ऋतु के सख्त सन्नाटे से

मुरझाए सृष्टि का यौवन....

देख सिकुड़-सिकुड़ कर ,

जल का बूंद-बूंद मिटें

धरा-व्योम आंसू बहाएं ।

-© शेखर खराड़ी
तिथि- ९/६/२०२२, मई

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

दिल से धन्यवाद 💐

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

विशेष आंकलन और प्रोत्साहित करने के लिए तहे-ए-दिल से शुक्रिया प्रेमिका जी...💐🙏

Pramila Kaushik 2 months ago

आपने तो ग्रीष्म ऋतु का ख़ूबसूरत मानवीयकरण करते हुए चित्रांकन कर दिया। उत्कृष्ट कोटि का काव्य👌👌

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

दिल से बहुत धन्यवाद 💐

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

दिल से धन्यवाद 💐

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

तहे-ए-दिल से शुक्रिया 💐

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

दिल से धन्यवाद 💐

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

दिल से धन्यवाद 💐

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

दिल से धन्यवाद 💐

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

हृदय तल से आभार प्रणव जी 💐

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

दिल से धन्यवाद 💐

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

दिल से बहुत धन्यवाद 💐

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

दिल से धन्यवाद 💐

shekhar kharadi Idriya 2 months ago

दिल से धन्यवाद 💐

S Sinha 2 months ago

अति सुंदर रचना

Falguni Dost 2 months ago

✍🏻👌🏻👌🏻 wah..

Ghanshyam Patel 2 months ago

वाह वाह ,,,,,,,,,,,👌👌👍👍

Pranava Bharti 2 months ago

वास्तविक चित्रण👌

Madhu prajapati 2 months ago

बहुत खूब sir 👌👌🙏🙏

Kajal Joshi 2 months ago

👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻👌🏻વાહહ

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