Free Hindi Poem Quotes by Darshita Babubhai Shah | 111805106

मैं और मेरे अह्सास

जिंदगी जीने का मार्ग दिखलाया है l
किस तरह जिये ये सिखलाया है ll

फूल के साथ हमेशा काटे होते हैं l
दुख में भी मुस्कुराना समझाया है ll

सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह

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