मैं और मेरे अह्सास
नववर्ष में लेते है प्रतिज्ञा
नववर्ष में लेते है प्रतिज्ञा की कभी हार नहीं मानेंगे l
दूसरों की खुशी में खुद की खुशी मुकम्मल जानेंगे ll
परस्पर भाईचारा, एकता और अखंडता को
कायम कर l
शांति को प्रस्थापित कर चैन सुकून की नीद
पायेगे ll
"सखी"
डो. दर्शिता बाबूभाई शाह