Hindi Quote in Poem by AbhiNisha

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

पछतावा क्यों नहीं पता

कविता




निराशा में डूबी हुई मन
धीरे-धीरे पछतावा में जा रहा है




निराशा किस लिए है पता है
पछतावा क्यों है नहीं पता



और यह मुझे बेचैन कर रही है
और गहरी पिरा महसूस करने पर मजबूर कर रही है


पर वह पीरा क्या है
वह दर्द किसकी है
मुझे नहीं समझ में आ रहा
बस है अंदर दुख


और दुख में डूबे हुए एक धड़कन
जो ठहरना चाहता है
जैसे यह बेचैनी बर्दाश्त नहीं हो रही
जिसे यह घबराहट बरदास नहीं हो रही



या तो ऐ रुक जाना चाहता है
या तो ऐ चाहता है कि मैं कुछ करूं
जिसके वजह से उसे थोड़ी राहत मिले


उस पछतावे को जानू
जो निराशा की वजह से आया है
उस दर्द को पहचानो जो मैं महसूस कर रही हूं


और सच कहूं तो
मुझे समझ में नहीं आ रहा
क्यों और क्या


मुझे नहीं समझ में आ रहा है
कि क्यों पछतावा हो रहा है
मैं मुझे नहीं समझ में आ रहा है
कि मेरा जो दर्द है
वह क्या है


वह पछतावे की दर्द
मेरे खुद की बेकार जिंदगी बिता देने की बात की है
या किसी और की दर्दों को महसूस करके मुझे
पछतावा हो रहा है


सच कहूं तो मुझे नहीं पता
मैंने उम्र भर खुद के लिए क्या किया
और दूसरों के लिए क्या नहीं किया


मुझे नहीं पता इस तरफ इस बेचैनी
इस बहते हुए आंखों
और इस पछतावे की असली मतलब

मुझे नहीं पता

Hindi Poem by AbhiNisha : 112029251
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now