इंसान सब कुछ सहते सहते
एक शायर बनता है,
ओर
दुनिया कहती है शायरी अच्छी
करते हो।
उन्हें क्या पता इसके पीछे कितने
दुःख सह रहा है जो अपनी
इन शायरों में सुनाता है।
“ हर टूटा हुआ इंसान इश्क
में नहीं टूटता जनाब
कई बार उसे घर के
तानों से भी घुटन होती है
वो रोता नहीं, बस अपनी
बाते लिख कर कहता है.......”
- shimbha Verma