मैं और मेरे अह्सास
रिश्तों की सबसे प्यारी पहचान
रिश्तों की सबसे प्यारी पहचान जरूरत के समय पर होती हैं l
अपने अपनों के बीच प्यार और ममता के बीज को बोती हैं ll
बात कोई भी हो चाहे जितनी भी नाराजगी
हो पर जब अपने l
मदद के लिए हाथ बढ़ाकर रिश्ता मजबूती से संजोती हैं ll
सखी
डॉ दर्शिता बाबूभाई शाह