मैं और मेरे अह्सास
हौसलों की उड़ान
हौसलों की उड़ान से कामयाबी मिलती हैं l
जीवन की बगियान में कलियां खिलती हैं ll
कठिनाइयाँ और रास्ते की परेशानियों में l
मुकम्मल कोशिशों को तौफीक सिलती हैं ll
खिलखिला कर मुस्कराते आगे बढ़कर l
दौर ए हालात को बड़े सब्र से झिलती हैं ll
सखी
डॉ दर्शिता बाबूभाई शाह