Gujarati Quote in Poem by Bharat Rabari

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વાતનું વતેસર

આખા ઘરને એ કોપભવન બનાવી બેઠાં છે,
એક નાનકડી વાતનું વતેસર બનાવી બેઠાં છે.
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સવારથી એક ખૂણામાં ભરાઇને બેઠાં છે,
હાલત એ પોતાની દુર્ગા બનાવી બેઠાં છે.
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અડકતાંજ કરંટ લાગે જાણે કોઈ ઇસ્ત્રીને,
ગરમી એટલી પોતાનામાં સમાવી બેઠાં છે.
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ત્રીજા વિશ્વયુદ્ધનો બોમ્બમારો થયો હોય જાણે,
ઘરની હાલત કંઈ એવી અત્યારે બનાવી બેઠાં છે.
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ચોકલેટ, આઈસ્ક્રીમ થી શરૂ કરીને સાડી સુધીની ઓફર કરી,
લાગે છે આજે ના બોલવાનું મક્કમ મન બનાવીને બેઠાં છે.
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વાત જો વધશેે હજુ આગળ તો થશે બૂરું,
રસોડામાં અે મોટું તાળું લગાવીને બેઠાં છે.
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સમય રહેતાં મનાવી લઈશું અમે પણ રુદિયાના રાણીને,
આ સમયની સાથે હોડ અમે પણ લગાવી બેઠા છે.
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તા.03/04/2020 -© ભરત રબારી
વાર :- શુક્રવાર (માંગરોળ, જી. જુનાગઢ)
#રાણી

Gujarati Poem by Bharat Rabari : 111384385
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गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर
गांव की ज़िंदगी – सुकून का असली घर

सुबह की पहली किरण जैसे ही खेतों पर पड़ती, पूरा गांव सुनहरी रोशनी से जगमगा उठता। पक्षियों की मधुर चहचहाहट, मंदिर की घंटियों की आवाज़ और ठंडी हवा मन को एक अलग ही शांति देती थी।

शहर में रहने वाली अनन्या कई साल बाद अपने दादा-दादी के गांव आई थी। शहर की भागदौड़, ट्रैफिक और मोबाइल की दुनिया में वह खुद को थका हुआ महसूस करती थी। गांव पहुंचते ही उसने देखा—हर चेहरे पर मुस्कान थी, हर घर का दरवाज़ा खुला था और हर इंसान एक-दूसरे का हाल पूछ रहा था।

एक सुबह दादाजी उसे खेतों में ले गए। हरी-भरी फसलें हवा के साथ झूम रही थीं। किसान मेहनत कर रहे थे, लेकिन उनके चेहरों पर संतोष साफ दिखाई दे रहा था।

अनन्या ने पूछा, "दादाजी, यहां लोगों के पास शहर जैसी सुविधाएं तो नहीं हैं, फिर भी ये इतने खुश कैसे हैं?"

दादाजी मुस्कुराए और बोले, "बेटी, खुशी बड़ी-बड़ी इमारतों में नहीं, बल्कि संतोष, अपनापन और प्रकृति के साथ जीने में होती है।"

उस दिन अनन्या ने बच्चों के साथ मिट्टी में खेला, पेड़ों की छांव में बैठकर कहानियां सुनीं, तालाब किनारे सूर्यास्त देखा और रात को खुले आसमान में अनगिनत तारों को निहारा।

जब वापस शहर लौटने का समय आया, तो उसके दिल में एक नई सोच जन्म ले चुकी थी। उसने समझ लिया कि जीवन का असली सुख केवल पैसा कमाने में नहीं, बल्कि अपनों के साथ बिताए गए पलों और प्रकृति के करीब रहने में है।

उसने तय किया कि चाहे वह शहर में रहे, लेकिन गांव की सादगी, प्रेम और शांति को हमेशा अपने जीवन का हिस्सा बनाए रखेगी।

सीख:
"सच्ची खुशी वहीं मिलती है, जहां मन को शांति, रिश्तों में अपनापन और प्रकृति का साथ मिलता है। गांव की सादगी ही जीवन की सबसे बड़ी दौलत है।" 🌿🌾

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