ॐ नमः शिवाय
खग्रास(ग्रस्तोदय) चंद्रग्रहण
03 मार्च 2026, मंगलवार
सूतक काल प्रात: 06:20 बजे से सायं 06:40 बजे तक
ग्रहण काल दोपहर 03:20 बजे से सायं 06:40 बजे तक
ग्रहण समाप्त सायं 06:40 बजे तक
यह ग्रहण फाल्गुनी पूर्णिमा 3 मार्च 2026 दिन मंगलवार को संपूर्ण भारत में ग्रस्तोदय रूप में दिखाई देगा। अर्थात भारत के किसी भी शहर में जब तक चन्द्रोदय होगा उस से पहले ही यह खग्रास चंद्रग्रहण प्रारंभ हो चुका होगा।भारत के किसी भी नगर में इस ग्रहण का प्रारंभ तथा ग्रहण मध्य नहीं देखा जा सकेगा।
भारत के केवल पूर्वी राज्यों में इस ग्रहण की खग्रास समाप्ति देखी जा सकेगी।
ग्रहण के सूतक तथा ग्रहणकाल में स्नान, दान, जप, पाठ, मंत्र, स्त्रोत–पाठ, मंत्र सिद्धि, तीर्थ स्नान, ध्यान, आदि शुभ कृत्य करना कल्याणकारी होता है।
सूतक एवं ग्रहण काल में मूर्ति स्पर्श करना, अनावश्यक खाना पीना, निद्रा, नाखून काटना, तैलाभ्यंग वर्जित है।
सूतक काल में वृद्ध, रोगी, बालक एवं गर्भवती महिलाओं को यथानुकुल भोजन या दवाई लेने में कोई दोष नहीं।
परंतु ग्रहण काल यानी दोपहर 03:20 बजे से 06:40 बजे तक कुछ भी खाना पीना नहीं चाहिए।
आपका अपना
आचार्य दीपक सिक्का
संस्थापक ग्रह चाल कंसल्टेंसी