साथी मेरे
गीत
हजारों सपनों ले कर भागती हुई
खयालो में खोकर नाचती हुई
तुम से मिलने पहले उत्साह से भरी हुई
किसमत से लड़ी हुई
जिने के लिए सोचा हो गा
साथी मेरे ऐसा होगा साथी मेरे वेसा होगा
तुमसे मिला तो जाना
तुम नहीं अलग जमाना
तुम भी तो वेसे हो अपने के जेसे हो
जजबातो से खेले केहते सराखो पे बेठा कर रखते हो
दिलों में सारी बातें दबा कर रखा होगा
तुमने भी तो समझा हो
दिल में जो तेरी है उल्फत फसानी सारी
उसकी उम्मीदें तो जाना हो गा
फिर तुम ऐसे कैसे हो
जमाने की जैसे हो
मुंह पे मीठे हो
फीट पीछे डसते हो2
फिदरत सारी जमानो की अपना के फसाने की
समझती होगी
टूटा दिल होगा जख्मों से भरा मन होगा
प्यार की उम्मीद जीने की चाहत में तुमसे मिली होगी
तुमसे समझदारी की बेफिक्र में
अपना दिल खोल कर रखा होगा
पर तुम कहां थे आलग अपनों से जरा सा भी
टूटे दिल को जख्म देते
जख्मी मन को नमक
तुम भी वैसे हो अपनों के जैसे हो
जज्बातों से खेलने कहते सराखों पे बैठा करते हो
तुम्हें ने भी गम से भरा दिल दिखा नही
तुम्हें ने भी भर्ती हुई आंखें दिखी नही
तुमने भी आंखें मुन के रखे
दिलों को जरा सा भी समझा नहीं
बेकुफी की निशानी जज़्बातों को समसा
समझा तुमने जीते जाते इंसान को खिला
जैसे तुम चाहो मोर दो जब जि चाहे तोड़ दो
जागीर तुम्हारी हाथों में है
ना वो कोई जागती दिल के निशानी
तुम भी तो वैसे हो जमाने की जैसे हो
अपनी होकर भी तुम मेरे अपनों की तरह अपनी ना हो
नाजुक दिल लेहराकर निकली होगी
हवाओं की तरह भागती होगी
तुमसे मिलने के लिए
सुंदर शादगी भरी रहा लीऐ
तरो ताजगी मन खुशियों भरी
नुर पर्कुती से चुरा कर चेहरे पे लाई होगी
जीने के लिए सोचा होगा
साथी मेरे ऐसा होगा साथी मेरी वैसा होगा
तुम से मिलना तो जाना
तुम नहीं अलग जमाना
तुम भी वेसे हो मेरे अपनों के जैसे हो
जज्बातों से खेले कहते सराखो पे बेठा कर रखते हो
जीनी के लिए सोचा होगा
साथी मेरी ऐसा होगा साथी मेरे वैसा होगा
हु। हु। हु। हु। हु हु। हु
साथी मेरे