और सालों बाद जब

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और सालों बाद जब हमारे रास्ते दोबारा टकराए, न जाने कितनी ही यादें ताज़ा हो गईं... उनका चेहरा सामने आ ही गया जैसे मानो आसमान में सैकड़ों तारे एक साथ जगमगा रहे हो, चेहरे पर सूर्य की आभा, उसके होंठ मानों छोटे बच्चों की किलकारी की तरह चमक रही हो,दमक रही हो, उसके नैन-नक्श तो वैसे ही थे जैसे उसने मुझे मेरे जीवन के दौरान मैंने उसे महसूस किया था। यह बात बहुत पहले की है जब मैं अपनी स्कूल की कक्षा को पूरी करें अपने कॉलेज की पढ़ाईपूरी करने दूसरे कॉलेज में दाखिला लिया।

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और सालों बाद जब (डरावनी प्रेम कहानी) भाग 1

और सालों बाद जब (डरावनी प्रेम कहानी) भाग-०१ _लेखक:- अभिषेक चतुर्वेदी 'अभि'_और सालों बाद जब हमारे रास्ते दोबारा टकराए, जाने कितनी ही यादें ताज़ा हो गईं...उनका चेहरा सामने आ ही गया जैसे मानो आसमान में सैकड़ों तारे एक साथ जगमगा रहे हो, चेहरे पर सूर्य की आभा, उसके होंठ मानों छोटे बच्चों की किलकारी की तरह चमक रही हो,दमक रही हो, उसके नैन-नक्श तो वैसे ही थे जैसे उसने मुझे मेरे जीवन के दौरान मैंने उसे महसूस किया था।यह बात बहुत पहले की है जब मैं अपनी स्कूल की कक्षा को पूरी करें अपने कॉलेज की पढ़ाईपूरी क ...Read More