एक दिन मैं लिख रहा था कि 'मोहब्बत सभी को मिलती है', तभी अचानक मेरी कलम की नोक (निब) टूट गई। वह मुझसे कहने लगी— "तुम अभी नादान हो। जितनी मोहब्बत सुनने में अच्छी लगती है, हकीकत में वैसी नहीं होती। अगर मोहब्बत की सच्चाई देखनी है, तो एक बार आशिकों की उस भीड़ में बैठकर देखना जहाँ जवान बेटे कफ़न में लिपटे होते हैं और उनके बूढ़े माँ-बाप आँखों में आँसू लिए उन्हें कंधा दे रहे होते हैं।"
ऐसे ही क्यों होता हैं? - 1
लेखक: एसटीडी मौर्य️,कटनी मध्य प्रदेशमोबाइल नंबर -7648959825एक दिन मैं लिख रहा था कि 'मोहब्बत सभी को मिलती है', तभी मेरी कलम की नोक (निब) टूट गई। वह मुझसे कहने लगी— तुम अभी नादान हो। जितनी मोहब्बत सुनने में अच्छी लगती है, हकीकत में वैसी नहीं होती। अगर मोहब्बत की सच्चाई देखनी है, तो एक बार आशिकों की उस भीड़ में बैठकर देखना जहाँ जवान बेटे कफ़न में लिपटे होते हैं और उनके बूढ़े माँ-बाप आँखों में आँसू लिए उन्हें कंधा दे रहे होते हैं। आजकल लोग सिर्फ पैसे और शक्ल से मोहब्बत करते हैं। अगर तुम ईमानदारी दिखाओगे, तो शायद ...Read More
ऐसे ही क्यों होता हैं? - 2
लेखक -एसटीडी मौर्यदूरभाष -9176489598252 मार्च 2026यह कुछ ही दिन पुरानी बात है। मैं अक्सर सोशल मीडिया पर दो-चार लाइनें पोस्ट किया करता हूँ, जो लोगों को काफी पसंद आती हैं। एक दिन मेरी पोस्ट पर एक लड़की आई, जिसे मेरी बातें अच्छी लगीं। इसके बाद वह मेरी हर पोस्ट पर लाइक और कमेंट करने लगी।एक बार मेरी तस्वीर पर उसने 'Nice Looking' कमेंट किया, तो मैंने जवाब में उस पर एक मजाकिया पोस्ट लिख दी। उसने वह पोस्ट देखी और 'अच्छा लिखा है' कहकर चली गई। अगले ही दिन वह मेरे इनबॉक्स में आई और कहने लगी कि उसे ...Read More