शहर की सबसे पॉश कॉलोनी 'गोल्डन हाइट्स' के आखिरी छोर पर खड़ा वह महलनुमा बंगला आज किसी कब्रिस्तान की तरह खामोश था। बाहर से देखने पर वह आलीशान घर खुशहाली की मिसाल लगता था, लेकिन उन ऊंची दीवारों के पीछे एक दिन से एक चीख दबी हुई थी। शहर के मशहूर बिजनेसमैन मिस्टर रोनी का 18 साल का इकलौता बेटा, लापता था। घर के अंदर का माहौल भारी था। रोनी, जो कभी अपनी बुलंद आवाज़ के लिए जाने जाते थे, आज सोफे के कोने में सिमटे बैठे थे। उनके चेहरे पर थकान साफ दिख रही थी। हर आहट पर उनका दिल धक से रह जाता, इस उम्म
Run Or Hide? - 1
शहर की सबसे पॉश कॉलोनी 'गोल्डन हाइट्स' के आखिरी छोर पर खड़ा वह महलनुमा बंगला आज किसी कब्रिस्तान की खामोश था। बाहर से देखने पर वह आलीशान घर खुशहाली की मिसाल लगता था, लेकिन उन ऊंची दीवारों के पीछे एक दिन से एक चीख दबी हुई थी। शहर के मशहूर बिजनेसमैन मिस्टर रोनी का 18 साल का इकलौता बेटा, लापता था।घर के अंदर का माहौल भारी था। रोनी, जो कभी अपनी बुलंद आवाज़ के लिए जाने जाते थे, आज सोफे के कोने में सिमटे बैठे थे। उनके चेहरे पर थकान साफ दिख रही थी। हर आहट पर उनका दिल ...Read More
Run Or Hide? - 2
रोनी की बात सुनकर बाकी लड़के एक-दूसरे को देख कर हंसने लगे। क्लास में हो रहे इस शोर और के बीच तभी टीचर अंदर आए। टीचर के आते ही सब शांत होकर अपनी सीटों पर बैठ गए, लेकिन उन हंसी के तीरों ने विक्रम के दिल को छलनी कर दिया था।दोपहर के लंच की घंटी बजी। कैंटीन की तरफ भागते बच्चों के शोर के बीच विक्रम अपनी बेंच पर ही बैठा रहा। उसने अपना टिफिन खोला, लेकिन फिर उसे बंद कर दिया। उसके मन में एक कड़वा विचार आया— "अगर मैं ज्यादा खाऊँगा, तो और लंबा-चौड़ा हो जाऊँगा... फिर ...Read More
Run Or Hide? - 3
कुछ समय बाद, सबसे पहले कबीर की आँखें खुलीं।"आह... मेरा सिर... हम यहाँ कैसे?" वह लड़खड़ाते हुए खड़ा हुआ।धीरे-धीरे बच्चे भी होश में आने लगे। समीर,कांपने लगा। "मुझे घर जाना है... कबीर, यह कौन सी जगह है?"तभी रिद्धि, ने डर के मारे चिल्लाते हुए कहा, "हे भगवान! कहीं यह कोई बुरा सपना तो नहीं? हाँ, पक्का! मैं सपना देख रही हूँ।" ऐसा कहते हुए उसने अपने गाल पर ज़ोर से चिमटी काटी और फिर अंजलि को भी। "आह! दर्द हुआ... इसका मतलब... यह सच है?"अंजलि, ने उसे टोकते हुए कहा, "रिद्धि, सीरियस हो जाओ! यह कोई सपना नहीं है। ...Read More
Run Or Hide? - 4
"कहने को तो विक्की समीर के बुआ का बेटा था, पर उनके बीच का रिश्ता खून की बंदिशों से ऊपर था... वो उसके सगे भाई से बढ़कर था।""भागते भागते समीर की नजर एक गुफा पर पड़ी" गुफा का मुँह अंधेरे में डूबा हुआ था।यह जगह प्रकृति के एक शापित कोने जैसी लग रही थी। गुफा का द्वार जो किसी राक्षस के खुले हुए मुँह जैसा भयानक लग रहा था। गुफा के ठीक मुँह पर एक विशाल, भारी और खुरदुरा पत्थर टिका हुआ था। वह पत्थर शायद सालों पहले पहाड़ी से टूटकर गिरा था और अब इस तरह ढलान पर ...Read More