सृष्टि

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वैसे तो मै एक साधारण और सादगीभरी जिंदगी पसंद करती हुँ लेकिन जरूरी तो नहीं है कि कोई शांति से जीने दे। ऐसे ही मेरी लाइफ में भी है जो मुझे शांति से जीने नहीं देते। ऐसा ही मेरा छोटा भाई है वो 12 साल का है उसे ऐसा लगता है कि उसे हमेशा मेरी रक्षा करनी होंगी वरना मैं कैसे रह पाऊँगी इस पापी दुनिया मे। उसे मै कैसे समझाऊ कि मैं 20 साल कि हुँ मुझे उसकी रक्षा कि बिल्कुल जरुरत नहीं है |

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सृष्टि - 1

वैसे तो मै एक साधारण और सादगीभरी जिंदगी पसंद करती हुँ लेकिन जरूरी तो नहीं है कि कोई शांति जीने दे। ऐसे ही मेरी लाइफ में भीहै जो मुझे शांति से जीने नहीं देते। ऐसा ही मेरा छोटा भाई है वो 12 साल का है उसे ऐसा लगता है कि उसे हमेशा मेरी रक्षा करनी होंगी वरना मैं कैसे रह पाऊँगी इस पापी दुनिया मे। उसे मै कैसे समझाऊ कि मैं 20 साल कि हुँ मुझे उसकी रक्षा कि बिल्कुल जरुरत नहीं है सुबह कि हल्की हल्की धुप परदे से छीन कर मेरे बिस्तर पर कम्बल कि तरह मुझे ...Read More

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सृष्टि - 2

सृष्टि साधारण सी लड़की है जो अपने भाई के साथ शहर मे एक रेंट के घर मे रहती है वो अपनी पढ़ाई कम्पलीट कर सके। उसके माता पिता छोटे से गांव मे रहते है वो कॉलेज के साथ साथ पार्ट टाइम जॉब करके अपना गुजारा करती हैआज उसकी मुलाक़ात मंदिर परिसर मे एक अजनबी से हुई इसके बाद वो अपने घर गयी और बाद मे कॉलेज से सीधा अपने काम कि जगह निकल गयी। सृष्टि एक रेस्टोरेंट मे कॉलेज के बाद वेटर कि जॉब करती है वहां उसे काम करते करते कुछ दिन ही हुए है वहां का मालिक ...Read More

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सृष्टि - 3

सृष्टि ज़ब वेद से मिलती है तब उनका सामना बिल्कुल अच्छा नहीं था लेकिन उनके दोस्तों से मिलकर लगा ये इतने बुरे भी नही है सृष्टि उस दिन का ख़तम कर अपने घर चली जाती है मध्य रात्रि मे हल्की हल्की चाँद कि रोशनी फैली हुइ थी जिसमे हल्का हल्का उजाला हो रखा था यहां सृष्टि अपने छत वाले रूम कि बालकनी मे बैठी बैठी चाँद को निहार रही थी उसके हाथ मे एक लॉकेट था जो तारें कि आकृति का था उसे निहारती और चाँद कि और देखती, वो उसके किसी खास व्यक्ति ...Read More

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सृष्टि - 4

अभी तक हमने देखा कि सृष्टि ने ध्रुव को पहचान लिया था लेकिन सामने नहीं गयी ओर होटल चली वहां वेद ने अपना काम उसे करने को कहा, ये ही नहीं अनजाने मे ध्रुव भी उसी होटल मे आ गया। वेद ने ज़ब उसका आर्डर लेने को कहा तब वो घबरा गयी कि वो उसे पहचान ना ले वो अपने कदम उसकी ओर बढ़ा ही रही थी तब उसे याद आया कि ज़ब वो मंदिर मे पहली बार मिले थे तब भी उसकी आवाज़ नहीं पहचानी थी उस समय उसे हल्का हल्का जुकाम हो रहा था जिसकी वजह से ...Read More