शब्द और सत्य - भाग 2 Shivraj Bhokare द्वारा Poems में हिंदी पीडीएफ

Shabd aur Satya by Shivraj Bhokare in Hindi Novels
1.प्रेम या व्यापार?

जिसे तुम प्रेम कहते हो, ज़रा उसकी तह में जाकर देखो,
क्या वो रूह का मिलन है, या बस एक गहरा समझौता?
तुमने जिसे अपना कहा, क्या उ...