एक गांव में एक बरगद के पेड़ नीचे बैठकर रामसर्वेश्वर एक बार एक पीली पड़ चुकी चिट्ठी थामे बैठा था जो उसकी पत्नी सीमा ने आज से 20 साल पहले लिखी थी जब वे घर से दूर शहर में मजदूरी करने के लिए गए थे उन्होंने वादा किया था कि वह 2 साल बाद घर लौट कर आयेंगे लेकिन राम सर्वेश्वर को शहर कि भाग दौड़ और पैसे की भुखमरी के लिए दो साल कब बीस साल मे बदल गए उन्हें पता ही नहीं ___________________
जब राम सर्वेश्वर बीस साल बाद गांव लौटकर आए थे तब उन्होंने देखा कि सीमा अब इस दुनिया में नहीं रही और उसके बच्चे बड़े हो गए और अपने परिवार में व्यस्त हो गए राम सर्वेश्वर उस गांव के बरगद के पेड़ नीचे बैठकर आंसुओं से भरी चिट्ठी को पढ़ने लगें में बाद में रामसर्वेश्वर ने सोचा "अगर मैनै समय रहते गीता का संदेश समझा होता " तो जाना जाता है कि जीवन काउद्देश्य धन कमाना नहीं बल्कि प्रेम और भक्ति में जिना है
वह चिट्ठी उसके हाथ में तो थी पर अब उसने अपने मन में कृष्णा को एक नई चिट्ठी लिख दी
हे प्रभु अब तो समय बचा है वह मैं आपके भक्ति और सेवा में लगऊंगा ,,,, तथा बरगद के पेड़ के नीचे बैठा वह व्यक्ति पहली बार सच्ची शांति महसूस कर रहा है
वहीं चिट्ठी जैसे उसे कह रही थी
"तुम्हें सब मिला लेकिन अपना नहीं "
✨ संदेश
कभी कभी दौलत और कामयाबी के पीछे भागते हुए हम अपने अपनेपन को खो देते हैं असली खुशी रिश्तो में छुपी होती है
निर्देशक बिंदु
•धन और दोलत नश्वर है पर रिश्ते और भक्ति अमर है
• श्रीमद्भगवद्गीता हमें सिखाती है कि जीवन का प्रेम उद्देश्य भगवान कि सेवा और प्रेम है
•समय रहते परिवार और प्रभु दोनोंके साथ संबंध मजुबत करना ही सच्चा सुख है
• पैसा जीवन का साधन है लेकिन जीवन का लक्ष्य नहीं
•रिश्तो को जितना जल्दी निभाया जाए उतना अच्छा है क्योंकि समय लौटकर नहीं आता है
•वादों की अहमियत समझनी नहीं चाहिए वरना पछतावा ही शेष रहता है
सरल भाषा में इसका अर्थ
कहानी हमें सिखाती है कि जीवन में काम और पैसों के बीच संतुलन बनाना चाहिए
वरना हम अपने प्यार रिश्ते को खो देंगे
शिक्षा __________
हमें हमेशा कामयाबी के पीछे नहीं भागना चहिए हमें हमेशा परिवार रिश्तो को भी समय देनाचहिए रिश्ते हमारे लिए अमूल्य होते हैं हमें कामयाबी भी हासिल करने चहिए और रिश्ता से दूर भी नहीं रहना चहिए हमेशा अपने व्यवहार और अपने पत्नी और बच्चों से भी प्रेम करना चाहिए अच्छा व्यवहार रखना चाहिए इमानदारी रखनी चाहिए खुशमिजाज रहनाचहिए तथा हमेशा स्वस्थ और हसी मजाक से रहना चाहिए यह कहानी में तो सम्मिलित नहीं है लेकिन अपने जीवन का अलग पाठ है जिसे हमें अच्छी तरह से निभानाचहिए जिस तरह राम सर्वेश्वर कामयाबी के पीछे पैसों के पीछे भागता रहा उसने अपने परिवार और अपनी पत्नी बच्चों को भी को दिया और अपने अच्छे रिश्तों को भी खो दिया वह अपना जीवन अमूल्य नहीं समझा तथा रिश्तो को भी अमूल्य नहीं समझा 🥰🥰🥰🥰
धन्यवाद
मैं आशा करता हूं कि यह कहानी सबको पसंद आए
Writer jakhar
_हमें हमेशा अच्छा व्यवहार और प्रेम रखना चाहिए________