Towards the Light – Memoirs in Hindi Moral Stories by Pranava Bharti books and stories PDF | उजाले की ओर –संस्मरण

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उजाले की ओर –संस्मरण

    स्नेहिल नमस्कार मित्रो

           जीवन बड़ा ही अद्भुत् है न ही पूर्ण रूप सै स्पष्ट, न ही अस्पष्ट! मनुष्य उसमें घूमता ही तो रह जाता है। हम एक स्थान से अनेक प्रयत्नों के बाद निकलते हैं तो पता भी नहीं चलता कब दूसरे अनजाने मोड़ पर जा अटकते हैं!यह हम सबने अवश्य अनुभव किया होगा कि  जीवन में एक द्वार बंद होता है तो ईश्वर हमारे लिए दूसरा द्वार खोल देते हैं। बस हमें अपनी पूरी ताकत से अपने प्रयास को करते रहना होता है।

आप सबके साथ एक घटना साझा करती हूँ।

जब जूलियो 10 साल का था तो उसका बस एक ही सपना था , अपने फेवरेट क्लब रियल मेड्रिड की ओर से फुटबाल खेलना ! वह दिन भर खेलता, प्रैक्टिस करता और धीरे-धीरे वह एक बहुत अच्छा गोलकीपर बन गया। 20 वर्ष  का होते-होते उसके बचपन का सपना हकीकत बनने के करीब पहुँच गया। उसे रियल मेड्रिड की तरफ से फुटबाल खेलने के लिए साइन कर लिया गया। खेल के धुरंधर जूलियो से बहुत प्रभावित थे और यह मान कर चल रहे थे कि बहुत जल्द वह स्पेन का नंबर 1 गोलकीपर बन जाएगा।

1963 की एक शाम , जूलियो और उसके दोस्त कार से कहीं घूमने निकले पर दुर्भाग्यवश उस कार का एक भयानक एक्सीडेंट हो गया और रियल मेड्रिड और स्पेन का नंबर 1 गोलकीपर बनने वाला जूलियो हॉस्पिटल में पड़ा हुआ था।उसके कमर के नीचे का हिस्सा पैरलाइज हो चुका था। डॉक्टर्स इस बात को लेकर भी आश्वस्त नहीं थे कि जूलियो फिर कभी चल पायेगा, फ़ुटबाल खेलना तो दूर की बात थी।

    वापस ठीक होना बहुत लम्बा और दर्दनाक अनुभव था। जूलियो बिलकुल निराश हो चुका था , वह बार-बार उस घटना को याद करता और क्रोध और मायूसी से भर जाता।अपना दर्द कम करने के लिए वह रात में गाने और कविताएँ लिखने लगा। धीरे-धीरे उसने गिटार पर भी अपना हाथ आज़माना भी शुरू किया और उसे बजाते हुए अपने लिखे गाने भी गाने लगा।

 

18 महीने तक बिस्तर पर रहने के बाद जूलियो की  ज़िन्दगी  फिर से सामान्य  होने की दिशा में अग्रसर होने लगी। एक्सीडेंट के पाँच साल बाद उसने एक सिंगिंग कम्पटीशन में भाग लिया और  'लाइफ गोज ओन द सेम' गाना गा कर फर्स्ट प्राइज जीता…।

हाँ, यह सही है कि वह फिर कभी फ़ुटबाल नहीं खेल पाया पर अपने हाथों में गिटार और होंठों पे गाने लिए जूलियो इग्लेसियस संगीत की दुनिया में टॉप टैन सिंगर्स में शुमार हुआ और अब तक उनके 30 करोड़ से अधिक एल्बम बिक चुके हैं.

    माना परिस्थिति कभी हमें बहुत कठिनाई भरे रास्ते पर लाकर खड़ा कर देती हैं लेकिन यदि हम स्वयं से प्रेम करते हैं तो अपने लिए युद्ध स्तर तक अंगद की भांति पाँव जमाए खड़े रहते हैं। मानव जीवन बड़ी मुश्किल से मिलता है, उसमें अड़चनें भी आती हैं किंतु हमें उसको बचाना है। इसके लिए हम प्रयत्न तभी करते हैं जब हम प्रेम करते हैं। सबके साथ स्वयं से भी!

  हमारा कर्तव्य है कि हम इस बहुमूल्य जीवन को किन्ही भी परिस्थितियों में बचाएं व आश्वस्त रहें कि हमें जीवन का किसी न किसी प्रकार सही उपयोग करना है।

आप सबकी मित्र

डॉ. प्रणव भारती