Whisper in The Dark - 2 in Hindi Thriller by priyanka jha books and stories PDF | Whisper in The Dark - 2

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Whisper in The Dark - 2

प्रेजेंट डे,,,,
वेनिस, इटली।।।।
San celeste asylum & hospital.
Room no 5

कमरा में एक अजीब सी खामोशी थी, वहीं वो लड़की उसी कमरे में मौजूद एक चेयर पर बैठी थी,,ओर उसके सामने टेबल पर वहीं डायरी रखी हुई थी,वहीं उसके सामने करीब 28 साल एक आदमी बैठा हुआ था,जिसने वाइट कोट पहन रखा था,ओर एक ब्लैक फ्रेम का चश्मा पहन रखा था,, वहीं उसके चेहरे पर गंभीरता थी,, वहीं वो डॉक्टर जिनका नाम  डॉ,रिहान था उन्होंने आगे कहा ,,वैसे तुम्हारा नाम क्या है,,,
वहीं वो लड़की चुप हो गई,,और वहीं कमरे में बनी खिड़की से बाहर देखने लगी,,,



पुणे, महाराष्ट्र इंडिया 

वहीं कैफे से निकलकर उस लड़की ने कैब बुक की और सीधा अपने घर की तरफ निकल गई।।।
वहीं कार में।।
वो लड़की कार में खिड़की से सिर टीकाकार बैठी थी, वहीं धीरे धीरे उसकी आंखे बंद होने लगी,,
(पापा पापा  ,, पापा उठिए, चीखने की आवाज,, ,,,वहीं एक औरत ये सब देखकर बेहोश हो गई,,ओर वो बच्ची ये सब देखकर रो रही थी 
मैडम , मैडम, ड्राइवर की आवाज।।
ये सुनकर वो लड़की अपनी नींद से जागी,,
ड्राइवर ने कहा ,, मैडम आपका घर आ गया है,,में कितनी देर से आपको आवाज दे रहा हु,,,वहीं ये सुनकर 
उस लड़की ने हड़बड़ाते हुए कहा ,, सॉरी,भैया 


शांतिविहार कॉलोनी।

वहीं वो लड़की कैब से उतरी ,ओर अपने अपार्टमेंट के तरफ चली गई,,
वहीं अपने अपार्टमेंट के अंदर आकर वो लिविंग रूम के सोफे पर बैठ गई,,,
वहीं वो अपार्टमेंट ज्यादा बड़ा नहीं था,,एक छोटा सा लिविंग रूम एक बेडरूम ओर एक किचेन था,,पर जैसा भी था काफी सुंदर था,,
वहीं वो लड़की अभी बैठी ही थी कि तभी उसके गेट पर किसी ने नॉक किया,, ये सुनकर वो तुरंत अपने ख्यालों से बाहर आई,,वो तुरंत खड़ी हुई और अपने दरवाजे के पीप होल से बाहर की तरफ देखा,,वहीं कुछ पल रुककर उसने दरवाजा खोला
वहीं सामने एक महिला जो करीब 45 वर्ष की होगी खड़ी थी जिसने सिंपल सा सूट पहन रखा था,,वहीं उस महिला ने हल्की मुस्कान के साथ कहा,,
क्या में अंदर आ जाऊं,,नियति।।
वहीं उसकी बात सुनकर वो लड़की जिसका नाम नियति था,,उसने हल्की मुस्कान के साथ कहा ,, आप ऐसा क्यू कह रही हैं डॉक्टर, आंटी 
ये आप ही का घर है,,वहीं नियति की बात सुनकर वो महिला जिनका नाम डॉक्टर सुशीला था,,वो अंदर आई 
ओर सोफे पर जाकर बैठ गई, वहीं नियति भी उनके पास जाकर बैठ गई,

वहीं डॉ सुशीला ने प्यार से उसके सर पर हाथ फेरकर कहा,, कैसी हो नियति,,,अब तुम्हारी तबियत कैसी है,,
वहीं उनकी बात सुनकर नियति ने तुरंत कहा,, मैं ठीक हु आंटी,,मुझे क्या होगा,,
वहीं डॉ सुशीला ने उसके चेहरे को ध्यान से देखते हुए कहा,,बेटा झूठ मत बोलो,, तुम रो रही थी न,,तुम्हारे चेहरे से साफ पता चल रहा है,,
वहीं उनकी बात सुनकर नियति ने अपनी नजरें चुराते हुए कहा,, नहीं आंटी,ऐसा कुछ नहीं है 
मां की याद आ रही हैं,, डॉक्टर सुशीला ने कहा,,
वहीं उनकी ये बात सुनकर नियति जो अभी तक छू थी अचानक उसकी  आँखें नम हो गई,,
पर उसने तुरंत अपने आंखों को साफ कर लिया,, ओर सर हा में हिला दिया,,
वहीं डॉ सुशीला ने एक गहरी सांस लेते हुए कहा ,, नियति
मैं यहां तुमसे ये कहने आई हूं कि तुमने अपनी थेरेपी लेना क्यों बंद कर दिया है,,बेटा तुम्हे उसकी जरूरत है,,,
मैं जानती हु बेटा,, जो तुम्हारे साथ हुआ वो नहीं होना चाहिए था,,पर जिन यादों से तकलीफ हो उन्हें भूल जाना ही बेहतर है,,
इतना कहकर डॉ सुशीला चुप हो गई,,वहीं उनकी बाते नियति ध्यान से सुन रही थी,,