अब आगे।।।।
वहीं डॉ रिहान ओर डॉ लुसियाना दोनों रूम से बाहर आ गए,, वो दोनों हॉस्पिटल के बाहर बने गार्डन में आ गए
वहीं डॉ रिहान ने कहा,,मिस एंडरसन,ये लड़की कौन हैं,,ओर ये ऐसी हरकते क्यों कर रही है, एंड अलसो शी इस इंडियन,,
वहीं उनके सवाल सुन मिस लुसियाना ने डॉ रिहान के तरफ देखते हुए कहा,, आई नो शी इस इंडियन,डॉ रिहान
एंड इसके अलावा में खुद भी नहीं जानती ये कौन हैं,
वहीं डॉ रिहान ने उन्हें असमंजस में देखते हुए कहा,,क्या,
आप नहीं जानती ये कौन है,,
हा,मैं नहीं जानती,मुझे तो इनका नाम तक नहीं पता,मुझे ये 4 महीने पहले मिली थी,जब में मिलान गई थी,इनकी हालत तब बहुत खराब थी।
कहते हुए मिस लुसियाना 4 महीने पहले की बात याद करने लगी,,,
4 महीने पहले,,,,
शाम 7 बजे
हेलो,हेलो आर्थर ,मिस लुसियाना ने फोन पर बात करते हुए कहा
वहीं आर्थर जो उनके पति थे ,उन्होंने कुछ कहा जिसे सुन मिस लुसियाना को गुस्सा आ गया,,
उन्होंने कहा,आर्थर तुम्हारे पास मेरे लिए तो कभी टाइम होता ही नहीं है,,कहकर उन्होंने गुस्से में फोन कट कर दिया।।
वो इस वक्त बीच पर मौजूद थी,,शाम हो चुकी थी,इसलिए वहां ज्यादा लोग नहीं थी,वहीं गुस्से में बड़बड़ाते हुए वो बीच पर चलते चलते काफी दूर आ गई थी,,वहीं कुछ देर बाद
उन्होंने खुद से कहा,,ओ गॉड,ये में कितनी दूर आ गई,ये सब न आर्थर की गलती है,,कहकर वो जाने को हुई थी कि तभी उनकी नजर वहीं पास ही एक चट्टान पर गई,,जिसके पीछे से एक लड़की का हाथ दिख रहा था,,
मिस लुसियाना ने कहा,,ये क्या है
वहीं वो उस चट्टान के तरफ गई,वहीं अपने सामने का नजारा देख कर वो चौंक गई,उनके सामने एक लड़की थी,,वहीं उसकी पीठ उनके तरफ थी
वहीं मिस लुसियाना तुरंत उसके पास गई,,उन्होंने तुरंत उसका चेहरा अपने तरफ गई,,ये लड़की ओर कोई नहीं बल्कि नियति थी,,
उसके पूरे कपड़े भीगे हुए थे,वहीं उसका पूरा चेहरा पीला पड़ गया था,उसके शरीर पर जगह जगह चोट के निशान थे,
है भगवान,,उन्होंने तुरंत उसे सीधा लेटाया,ओर उसकी सांसे चेक की,,
इसकी पल्स तो चल रही हैं,,कहकर उन्होंने उसे तुरंत cpr दिया,
वहीं कुछ देर बाद नियति को होश आया,,ओर वो खांसने लगी,,
वहीं नियति को होश में देख मिस लुसियाना ने उससे कहा, थैंक गॉड तुम ठीक हो,,हू आर यू,यू डोंट लुक इटालियन,,
वहीं नियति मिस लुसियाना को देख घबरा गई,,
उसने तुरंत उन्हें खुद से झटकते हुए कहा,स्टे अवे फ्रॉम मि,, प्लीज लीव मि,,
मुझे उसके पास मत लेकर जाओ,मुझे उसके पास नहीं जाना,,
कहकर वो रोने लगी,,
वहीं मिस लुसियाना को कुछ समझ नहीं आया,,उन्होंने उसे कहा,देखो मुझे नहीं पता कि तुम कौन हो और तुम्हारे साथ क्या हुआ है,पर प्लीज में तुम्हे किसी के पास नहीं लेकर जा रही,
ओर प्लीज अभी तुम मेरे साथ हॉस्पिटल चलो क्योंकि तुम्हारी हालत अभी ठीक नहीं है,,
नहीं मुझे कहीं नहीं जाना,,उसने रोते हुए कहा,
वहीं वो कुछ देर बाद फिर बेहोश हो गई,वहीं ये देख
मिस लुसियाना ने अपने ड्राइवर को कॉल किया,
ओर नियति को अपनी कार में बैठाकर वो वहां से उसे ले आई,,
प्रेजेंट,,
हॉस्पिटल में
बस तभी से में उन्हें जानती हु,,ओर वो जब से आई है,
बस यही कहे जा रही,मुझे मत छुओ,मुझे कहीं नहीं जाना,जहां बाकी सब पेशेंट्स बाहर सब से मिल लेते है,बात कर लेते है,,वहीं ये लड़की किसी से भी बात नहीं करती, यहां तक के अपने रूम से बाहर भी नहीं आती,, पूरी रात दिन बस उसी कमरे की चार दिवारी में कैद रहती है
वहीं डॉ रिहान उनकी बात सुनकर चौक गए,उन्होंने तुंरत कहा,मिस एंडरसन फिर आपने पुलिस में कंप्लेंट क्यों नहीं की,,ये हैरासमेंट का केस है,शायद इसके बॉयफ्रेंड ने ऐसा इसके साथ किया हो,,
डॉ रिहान, मैने करनी चाही,पर न जाने क्यों मुझे उस पर दया आ गई, वो बेचारी न जाने किस सिचुएशन से गुजरी है,,इसलिए मैने सोचा जब वो पूरी तरह से ठीक हो जाएगी,,तब में कुछ करूंगी,,
वहीं कुछ सोचकर डॉ रिहान ने कहा,,मिस एंडरसन क्या में उससे मिल सकता हु,, शायद मैं उसकी कुछ हेल्प कर सकूं,, डॉ लुसियाना ने कहा,,आप कैसे,,
रिहान ने कहा,, आई नो की मैं एक सर्जन हु,पर एक बार प्लीज,,
वहीं डॉ लुसियाना ने कुछ पल रुककर कहा,,ओके
वहीं अगले दिन,,
रिहान हॉस्पिटल आया,,आज वो नियति से मिलने वाला था,,
वहीं आज उसने ग्रे शर्ट विद पेंट एंड अपना वाइट कोट पहन रखा था,,
वो 4 फ्लोर पर गया,ओर रूम न 5 के सामने खड़ा हो गया,,उसने एक गहरी साँस ली,ओर डोर ओपन किया,,साथ ही उसके साथ एक नर्स भी थी,,जिसे डॉ लुसियाना ने उसके साथ भेजा था,
वहीं नियति जो रूम एक कोने में बैठी हुई थी,अपने रूम में किसी अंजान को देखकर घबरा गई,,ओर वहीं दीवार के पास सिकुड़ कर बैठ गई ओर अपना सर अपने घुटनों में छुपा लिया,ओर धीरे धीरे रोने लगी,,
वहीं उसकी ऐसी हालत देखकर रिहान को उसके लिए बुरा लग रहा था,,न जाने क्यों उसे नियति को इस तरह रोना पसंद नहीं आया।।।
उसने इशारे से नर्स को वहीं रखने को कहा,,ओर खुद नियति के पास जाकर घुटनों पर बैठ गया,,उसने उसके तरफ प्यार से देखते हुए कहा,,सुनो,कहकर उसने जैसे ही उसे टच करना चाहा,वैसे ही नियति ने उसका हाथ झटक दिया,और उसने चिल्लाते हुए कहा,दूर हट जाओ मुझ से,,
वहीं नियति के इस तरह धक्का देने से रिहान पीछे हो गया,
वहीं उसने तुरंत कहा,,अच्छा ठीक है, सारी,मैं तुम्हे टच नहीं करूंगा,,,
पर प्लीज मेरी बात सुनो,,मैं यहां तुम्हे चोट पहुंचाने नहीं आया हूं,मैं यहां तुम्हारी मदद करने आया हु,,प्लीज
वहीं उसकी बात सुन नियति ने अपनी नजरें ऊपर की वहीं उसकी आंसुओं से भरी आँखें देखकर रिहान को बहुत बुरा लग रहा था,,
उसने कहा,, प्लीज मैं यहां तुम्हारा ट्रीटमेंट करने आया हु,,
मैं चाहता हु कि तुम ठीक होकर जल्द से जल्द अपने परिवार के पास पाउच जाओ।।।
वहीं उसकी बात सुन नियति ने उसकी आंखों में देखकर दर्द भरी आवाज में कहा,, में अनाथ हु,,मेरा इस दुनिया में कोई नहीं है,,
वहीं उसकी बात सुनकर रिहान को अपने दिल में कुछ टूटता सा महसूस हुआ,,पर उसने अपनी भावनाओं को छिपाते हुए कहा,,मुझे माफ करना,,
क्या प्लीज थोड़ी सी देर के लिए तुम मेरे साथ कॉपरेट कर सकती हो,,
वहीं नियति ने उसे थोड़ी सी देर देखा,,ओर हा में सर हिला दिया,,,
वहीं रोज इसी तरह रिहान उसका सेशन लेता,,धीरे धीरे नियति में सुधार होने लगा,,पर वो फिर भी हॉस्पिटल से बाहर नहीं जाती थी,,रिहान ने कही बार उसे कहा,पर वो नहीं मानी,,
प्रेजेंट डे
वहीं रिहान ये सब बालकनी में बैठा सोच रहा था,,
वहीं वो अपने रूम में आया,,उसने नियति की फाइल उठाई,,ओर फाइल को खोलकर नियति की फोटो को देखने लगा,,
वहीं ये वो मेडिकल टेस्ट्स की रिपोर्ट् थी ,जो डॉ लुसियाना ने उसके कराए थे,,जिसमें साफ पता चल रहा था कि उसके साथ मॉलेस्टेशन हुआ है ओर उसे मेंटली टार्चर भी किया गया है,,
वहीं रिहान ने वो फाइल टेबल पर रख दी,,ओर जाकर अपने बेड पर लेट गया वहीं कुछ समय बाद उसे नींद आ गई।।
वहीं दूसरी तरफ,,
डार्क हेवेन मेंशन में,
रिवांश इस वक्त एक रूम में मौजूद था,जो पूरा ग्रे कलर से पेंट था,,वो इस वक्त एक सोफे पर बैठा था,और अपने सामने दीवार पर मौजूद तस्वीरों को देख रहा था,,जो नियति की थी,,जिसमें वो एक स्कूल यूनिफॉर्म में थी,,वहीं उसके साथ उसके कई ओर दोस्त भी मौजूद थी,,
वहीं दूसरी तस्वीर उनके स्कूल ट्रिप थी,जिसमें वो काफी खुश नजर आ रही थीं,वहीं उसकी ये सभी तस्वीरें दिखने में ऐसी लग रही थी,,जैसे इन्हें किसी ने चुपके से खींचा हो,,इन तस्वीरों में वो करीब 14 साल की लग रही थी,
वहीं रिवांश ने उसकी तस्वीरों को देखते हुए खुद से कहा,,10 साल,,पूरे 10 साल हो गए,नियति,पर आज भी तुम वैसी ही हो जैसी पहले थी,,
फिर खड़े होकर उसकी तस्वीर के पास जाकर उसने उसके चेहरे के तरफ देखते हुए कहा,,पर मेरे लिए नहीं,
तुम बचपन में तो मुझ से कितने प्यार से बात करती थी,,हमेशा मेरे साथ रहती थी,,
तुम्हे याद है तुमने मुझ से कहा था,कि तुम हमेशा मेरे साथ रहोगी,,तुमने वादा किया था
ओर अब देखो ,,तुमने भी अपना वादा तोड़ दिया,,
खैर छोड़ो ,पर मैं वादे नहीं तोड़ता,,में तो हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगा,,
वहीं ये सब कहते हुए वो किसी पागल से कम नहीं लग रहा था,,
वहीं दूसरी तरफ हॉस्पिटल में,,
नियति वहीं अपने रूम में खिड़की से बाहर देख रही थी,,ओर कुछ देर बाद वो वहीं बैठे बैठे सो गई।।।
वहीं अगली सुबह।।
रिहान अपने टाइम पर हॉस्पिटल आया,,ओर डॉ लुसियाना से मिलकर सीधे नियति के रूम के तरफ चला गया,,वहीं उसने दरवाजे पर नॉक किया,,नियति क्या में अंदर आ जाऊं।।
वहीं अंदर से आवाज आई,,जिसे सुन रिहान अंदर आया,,
वहीं नियति अपनी चेयर पर बैठी थी,उसने इस वक्त हॉस्पिटल गाउन पहन रखा ओर बालों का बन बना रखा था,,हमेशा की तरह उसके चेहरे पर कोई एक्सप्रेशन नहीं थे।।
वहीं रिहान उसके पास आया,ओर वहीं चेयर पर जाकर बैठ गया,,उसने अपनी फाइल वहीं टेबल पर रखी,,ओर अपने ग्लासेस भी वहीं रख दिए।।
रिहान ने कहा, कैसी हो नियति,
वहीं नियति ने उसके सवाल पर सर हिला दिया,,
वहीं रिहान ने आगे मुस्कुराते हुए कहा,,वेल में क्या सोच रहा था,की कल हम वेनिस घूमने चलते है,,तुम भी काफी समय से हॉस्पिटल से बाहर नहीं गई,,तो मैने सोचा कल का सेशन थोड़ा अलग रहे,,कहते हुए वो काफी एक्साइटेड लग रहा था,
वहीं नियति ने उसकी बात का जवाब देते हुए कहा,,मुझे कही नहीं जाना,,
ये सुनकर रिहान का मुंह बन गया,,
उसने कहा,,क्यों,मैने तो सुना है कि लड़कियों को घूमना काफी पसंद है,,ओर हम तो दोस्त है न,
वहीं दोस्त शब्द सुन नियति कहा,,इस दुनिया में कोई किसी का दोस्त नहीं होता,,
वहीं उसकी बात सुन रिहान ने कहा,,अच्छा ठीक है,,पर प्लीज अगर तुम चलती तो मुझे खुशी होती,,कहकर वो उसे अपनी पप्पी आईज देखने लगा,,
वहीं उसे ऐसी शकल बनाते देख नियति को वो किसी बच्चे से कम नहीं लग रहा था,,,
वहीं नियति जो अब तक रिहान का फ्रेंडली बिहेवियर देखकर उसके साथ कंफर्टेबल हो गई थी,,उसने कुछ सोचकर कहा,,ठीक है,,
वहीं उसकी बात सुन कर रिहान खुश हो गया,,
थैंक्स ,
वहीं रिहान ने आगे कहा , चलो आगे का सेशन करते है,,
सो मिस नियति,,आगे बताईए कि आप मुंबई से यहां इटली कैसे आई,,
वहीं उसकी बात सुन नियति ने कुछ नहीं कहा,,वो बस अपने हाथों को आपस में रगड़ने लगी,,
वहीं उसकी ये हरकत देख रिहान को फिर अजीब लगा,,उसने खुद से कहा,,आखिर किसी इंसान में इतनी सिमिलरिटी कैसे हो सकती है,,खैर उसने अपना सर झटका ओर नियति के तरफ देखते हुए कहा,,मिस नियति मैने आपसे कुछ पूछा है,,
मुझे इस बारे में बात नहीं करनी है,,नियति ने कहा,,
अच्छा ठीक है,,तो कल हमने जहां खत्म किया था वहीं से शुरुआत कीजिए,,
वहीं उसकी बात सुन नियति कुछ सोचने लगी,,
फ्लैशबैक