6 बच्चों के गरीब मां - बाप
दुनिया आपको सब कुछ देगी - प्यार, दुःख,दर्द
लेकिन अगर आप अपने आप को समझ गए तो फिर तो आपकी जिंदगी बन जाएगी।
शुरू से शुरू करते है।
ये कहानी है एक गरीब परिवार की ।
पिता टमटम चलाता था और मां गृहिणी दूसरे के घर झाड़ू बर्तन करती थी।
मां - बाप मिलकर बच्चों का अच्छे से परवरिश की। उन्हें पढ़ाया लिखाया।
अपने पैरों पर खड़ा किया। जिससे वो पैसा कमा सके और दुनियादारी सम्भाल सके। मां - बाप बुड्ढे हुए तो बच्चे कमाने योग्य हुए और पैसा कमाकर मां - बाप को अच्छे से देखने लगे । उसके बाद मां -बाप ने धीरे - धीरे सब बच्चों की शादी कर दी।
पहले बड़े बेटे की शादी हुई, दुल्हन घर में आई और अच्छे से सास ससुर की खान पान, सेवा करने लगी फिर दूसरे की शादी हुई । ऐसे करते करते 6 बच्चों की मां बाप ने शादी कर दी।
सब कुछ अच्छा चल रहा था। बाद में 6 साल बाद घर में लड़ाई होने लगी और उनकी पत्नियां बॉन लगी दिनभर काम मै करती हूं देवरानी आराम करती है। ऐसे ही सब 6 के 6 औरतें एक दुसर पे इल्जाम लगाने लगी। आय दिन झगड़ा, आय दिन खाना ना बनाना। हम मर्द कमाकर घर लौटते तो घर में झगड़ा। अगर कोई अपनी बीवी को एक हाथ मार दे तो पत्नियां मायके चली जाती थी। जिसकी वजह से उनके जीवनसाथी भी उनपे जल्दी हाथ नहीं उठाते थे। जिसकी की पत्नियां और भी ढीठ हॉट गई। और एक दिन ऐसा आया जब उन्हें कहा कि हम अपन पति के साथ अलग - अलग रहेंगे। मां - बाप ने कहा मेरे घर में सब कोई एक साथ ही रहेगा। तो इतने में एक छोटी बहु ने घर से झगड़ा करके मायके चली गई ।
सास ससुर ने सोचा, चलो गुस्सा में गई है फिर चली आएगी।
लेकिन इंतजार करते करते वो 2 महीना, 4 महीना करते करते 7 महीने हो गए। तब वो अपने पति को फोन करती है और बोलती है - जब आप मां बाप को छोड़कर अलग रहेंगे तब मैं आऊंगी नहीं तो नहीं आऊंगी। उस वक्त पति ने मना कर दिया। लेकिन बाद में वो भी हारकर पत्नी को बुलाया और मां बाप से बिन कहे अलग रहने लगा। ऐस ही देखते देखते 5 बच्चे की पत्नियां भी अपने पति से झगड़ा करने लगी। अंत में बुड्ढे मां बाप को छोड़कर सब बाहर चले गए तो कोई अलग अलग रहना लगा।
मां बाप को सिर्फ एक ही लड़का अपने में रखा था।
कुछ साल बीते सब वापस घर में आए और अपना अपना घर न हिस्सा मांगने लगे। मां बाप ने कहा अलग हिस्सा क्यों चाहिए । यही रहो लेकिन अलग हिस्सा मत लो। सब भाई मिलकर एक साथ रहो। लेकिन उनके बेटे और बहु नहीं माने। अंत में मां बाप न उन्हें हिस्सा द दिया। लेकिन जब जब मां बाप की तबियत खराब होती है तब सिर्फ एक ही बेटा और बहु अंक दुख में दवाई या सब कुछ सेवा करते थे। एक दिन जो लड़का मां बाप को देख रहा था उस लड़के का एक्सीडेंट हो गया। उसके बाद उसके मां बाप और उस लड़के की पत्नी ने उस जल्दी से हॉस्पिटल में एडमिट कराया और कर्ज लेकर उसक इलाज कराया। उस लड़क को ठीक होने में लगभग 8 महीने लग गए। तब तक उसकी अच्छी सी नौकरी भी जा चुकी थी। अब वो लड़ भी मजबूर हो गया पैसा के लिए। उस लड़के के बड़े भाई ने बहुत सपोर्ट किया। जब लड़क का एक्सीडेंट हुआ था तब उस लड़के को ब्लड की जरूरत थी जो कि उसके भाई ने ही ब्लड दिया और कुछ पैसों की मदद भी की। जब लड़का ठीक हुआ तो उसे अच्छा नौकरी नहीं मिल रही थी तो उसने कम पैसों वाला कोई काम पकड़ा। उसी से वो लड़का घर का खर्चा और अपने मां बाप को देखने लगा। ये एक कहानी नहीं है ये एक सच्चाई है। मां बाप 10 बच्चे को पाल सकते है मगर 10 बच्चे 1 मां बाप को नहीं पाल सकते। थू ऐसे औलादों पे जो शादी बाद अपनी बीवी का बात मानते है और जिसने उसे पैदा किया उसको बुढ़ापे में अकेला छोड़ देते है।
आपको कहानी कैसी लगी कमेंट में बताओ, और क्या आपको इससे रिलेटेड और भी कहानी चाहिए। चलिए मिलते है नेक्स्ट आर्टिकल में। धन्यवाद