Beyond the Pages - 2 in Hindi Fiction Stories by cat books and stories PDF | Beyond the Pages - 2

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Beyond the Pages - 2

अब आगे,

संयम ने गन चला दी। वहीं अनहिरा जिसकी आंखे बंद थी उसे कुछ फील नहीं हुआ। जिसे देख उसने फ़ौरन अपनी आंखे खोली तो सामने संयम खुद हैरान था। उसने गन चलाई थी। लेकिन उसमें बुलेट नहीं थी।

ये देख अनाहिरा ने चैन की सांस ली। लेकिन वहीं संयम ने हैरानी से कहा " इसमें बुलेट्स थी। कल ही तो मैने ...." कहते हुए वो रुक गया।

वहीं अनाहिरा ने उसकी बात को पूरा करते हुए कहा " कल ही तो तुमने शायरा के गोली लगते ही उस अंधेरे में खड़ी परछाई पर गन शॉट किया था। 

" हा मैने...." कहते हुए संयम रुक गया। उसकी आंखे इस वक्त हैरानी में बड़ी हो चुकी थी। जो भी कल हुआ ये अनहिरा को कैसे पता ।

तो वहीं अनाहिरा ने कहा " शायरा मरेगी...." वो आगे कुछ कह पाती उससे पहले ही संयम ने उसके आखरी शब्द सुन उसका गला पकड़ लिया।
और गुस्से में दांत पीसते हुए कहा " खबरदार उसका नाम भी अपने मुंह से लिया तो। वो जिंदा है और मैं उसे बचा लूंगा। समझी तुम...।

उसकी इस हरकत से अनाहिरा को दर्द होने लगा था। उसकी सांसे उखड़ने लगी थी और आंखे लाल हो चुकी थी। उसने कस कर संयम का हाथ पकड़ रखा था जिससे वो खुद को आजाद करने की कोशिश कर रही थी।

तो वहीं संयम ने उसे देख फौरन उसका गला छोड़ दिया जिसके साथ ही अनाहिरा गहरी गहरी सांस लेते हुए खांसने लगी। उसने अपना गला पकड़ रखा था जिसपर अब संयम की उंगलियों के निशान थे।

उसकी इस हरकत को देख अनाहिरा ने कहा " तुम...तुम मुझे मारना चाहते हो....अगर मैं मर गई तो तुम भी मर जाओगे...." कहते हुए उसने संयम को देखा। 

वहीं संयम जो पहले से ही बौखलाया हुआ था। अनहिरा की ऐसी ऊटपटांग बकवास बाते सुन वो और ज्यादा भड़क चुका था। उसे इतने गुस्से में देख अनाहिरा कि तो बोलती ही बंद हो गई थी। 
वहीं संयम ने अपने कदम अनाहिरा की।तरफ बढ़ा दिए। जिससे घबराते हुए अनाहिरा भी पीछे होने लगी । लेकिन आखिर में वो डेस्क से टकरा गई। 

संयम भी उसके बेहद करीब आ चुका था उसका डार्क औरा ओर चॉकलेट आईज देख उसकी सांस एक बार फिर अटक चुकी थी। जिसे देख संयम ने कहा " मेरा तो मुझे नहीं पता लेकिन अगर तुम चुप नहीं हुई तो मैं तुम्हे जरूर मार दूंगा।

ये बात सुन अनाहिरा ने कहा " देखो मेरे मरने से कुछ भी हासिल नहीं होगा बजाय इसके की तुम किसको मारोगे और किसको नहीं पहले ये सोचो तुम हो कहां , किसके पास हो , किसके साथ हो और तुम वापिस शायरा को कैसे बचाओगे ....।

संयम को उस पर गुस्सा तो आ रहा था लेकिन अनाहिरा जो कह रही थी वो सही था। बजाय इसके की वो गुस्से में कुछ करे । उसे सोचना चाहिए कि वो कैसे और कब यहां आ गया ।
वो ये सब सोच ही रहा था तो वहीं अनाहिरा ने उसे देख खुद से कहा " है भगवान ऐसा कार्टून लड़का बनाया मैने .... और वो भी स्टोरी का लीड इसे हैंडसम तो बनाया पर इसके अंदर दिमाग की कमी कर दी " कहते हुए वो बस अपनी आँखें टिमटिमा रही थी ।

तो वहीं संयम जो कुछ सोच रहा था एक दम से उठा और उसने अनाहिरा को घूरते हुए कहा " तुम्हे शायरा के बारे में कैसे पता...तुम्हे किसने बताया कि मैने उस परछाई पर गन शॉट किया था। " कहते हुए उसके शक की सुई अनाहिरा पर अटक गई।

वहीं ये सब सुन अनाहिरा ने  अफसोस में आंखे बंद करते हुए कहा " मर गई। इसे मैने क्यों बोला....हमेशा उल्टा ही काम करती हु। 
वहीं उसे जवाब न देता देख संयम ने फौरन डेस्क पर रखा पेपर कटर उठा लिया और उसे अनाहिरा के गले पर रखते हुए कहा " तुम कुछ बोलोगी ....या मैं तुम्हे सच में मार दूं।

उसकी बात सुन अनाहिरा की तो सांस एक बार फिर अटक गई। और उसने घबराते हुए कहा " तू...तुम पागल हो थोड़े सनकी हो क्या। मारने के अलावा कुछ सीखा है ?? 
उसकी बेहूदा बाते सुन संयम ने गुस्से में दांत पीस लिए। वहीं अनाहिरा ने कहा " बताती हु...। " पहले तुम दूर हो जाओ।

उसकी बात सुन संयम पीछे हट गया। वहीं अनाहिरा ने कहा " मैं सब कुछ जानती हूं। तुम कौन हो । क्या हो और कहां से हो तुम्हारे साथ अब तक जो कुछ हुआ है वो सब मुझे पता है ।

कैसे " संयम ने एकटूक पूछा।

" क्योंकि तुम्हे मैने लिखा है ...." अनाहिरा ने जवाब दिया।
वहीं उसकी बात सुन संयम की आंखे गहरी हो गई 

उसके एक्सप्रेशन देख अनाहिरा को लगा वो शॉक में है पर अगले ही पल उसकी चीख निकल गई। क्योंकि संयम ने वो पेपर कटर सीधा उसके ऊपर फेंका। जो कि उसके साइड से होता हुआ वॉल में अटक चुका था 

अनाहिरा अब भी सदमे में थी वहीं संयम ने कहा " तुम मेरे साथ मजाक कर रही हो ...." कहते हुए उसने टेबल पर रखा लैंप जोर से जमीन में दे मारा। 
जिसके टुकड़े हो गए। वहीं अनाहिरा बहुत घबरा चुकी थी। 

इधर संयम की आंखों में खून उतर आया था। उसने जैसे ही अनाहिरा की तरफ कदम बढ़ाए की तभी अनाहिरा ने कहा " नहीं रुको....मैं सच कह रही हु ....ये सब कुछ अजीब है लेकिन तुम वहां नहीं हो जहां से तुम आए हो ।

" वो बस उसे समझाने की कोशिश कर रही थी वहीं संयम उसके इन बचकानी बातों से तंग आ चुका था।
इससे पहले कि वो कुछ करता अनाहिरा ने फौरन अपनी टेबल से लैपटॉप उठाया और उसे देख संयम के सामने करते हुए कहा " ये देखो....

उस लैपटॉप को देख संयम की आंखे गहरी हो गई। वहीं अनाहिरा को लगा कि अब उसे यकीन हो जाएगा । लेकिन जल्द ही संयम की नजर वापिस उसकी तरफ मुड़ चुकी थी। जिनमें कोई भाव नहीं थे 

" क्या है ये...." कहते हुए संयम से उसे देखा 
वहीं उसकी बात सुन अनाहिरा ने वो लैपटॉप अपनी तरफ घुमाते हुए कहा " ये मैने लिखा है ....तुम मेरे बनाए कैरेक्टर हो....तभी तो । " कहते हुए उसने स्क्रीन देखी जहां से सब गायब हो चुका था।

उसका लिखा कुछ भी वहां नहीं था ये देख वो अब पूरी तरह हैरान हो चुकी थी। उसने फ़ौरन लैपटॉप डेस्क पर रखा और अपने चैप्टर्स ढूंढने लगी। 
उसने फोन चेक किया वहां भी कुछ नहीं था । न कोई कॉमेंट्स न कोई अपडेट और न चैप्टर ....ये सब देख अब वो घबरा चुकी थी 

ऐसा कुछ भी वहां नहीं था जिससे वो ये साबित कर सके कि संयम एक बनाया हुआ कैरेक्टर है । जो उसने खुद लिखा था।

वहीं संयम जिसका दिमाग अब पूरी तरह से घूम गया था। उसने साइड वॉल से उस पेपर कटर को निकलने के लिए जैसे ही हाथ आगे बढ़ाया।
अनाहिरा ने लैपटॉप को छोड़ दिया।
वहीं उसके कटर को पकड़ते ही अनाहिरा अपनी पूरी जान लगाकर दूर की तरफ भागी । जिसे देख संयम भी उसके पीछे भागा।

इधर अनाहिरा अपने बड़ी हुई सांसों को लिए घबराते हुए घर में भाग रही थी। उसे जल्द से जल्द एक जगह चाहिए थी जहां वो छिप सके । इधर संयम भी उसे ढूंढ रहा था। 
अनाहिरा फौरन किचेन में आई ओर फ्रिज के साइड में छिप गई उसकी धड़कने बढ़ी हुई थी  और वो गहरी सांस ले रही थी ।

इधर संयम ने चिल्लाते हुए कहा " तुम खुद बाहर आओगी या मैं तुम्हे बाहर लाऊ...अगर मुझे तुम मिली न तो....तुम्हे कोई नहीं बचाएगा " कहते हुए वो उसे इधर उधर ढूंढता हुआ किचेन में आ गया । 

तो वहीं अनाहिरा फ्रिज के पास डर से कांप रही थी। संयम उसे ढूंढ रहा था कि तभी उसकी नजर फ्रिज के किनारे से दिख रहे उसके हाथ पर गई। 
जिसे देख वो धीमे कदमों से उसके पास आया।
बढ़ती आहट सुन अनाहिरा समझ चुकी थी कि वो पकड़ी गई । इसीलिए संयम के करीब आते ही उसने उसे धक्का दे दिया जिससे वो कुछ कदम पीछे हो गया।

वहीं अनहिरा मौका देख बाहर चली गई। जिसे पीछे संयम भी भागा। और आखिर में भागते हुए अनाहिरा का पैर लड़खड़ा गया और वो जमीन पर गिर गई। उसके ठीक पीछे संयम खड़ा था जिसके हाथ में वो कटर था। 


क्या होगा अब क्या अनाहिरा बच पाएगी । और क्यों लैपटॉप से सब गायब था। क्या अनाहिरा संयम को समझा पाएगी जानने के लिए पढ़ते रहिए " Beyond The page