Kidney Gift - 2 in Hindi Fiction Stories by S Sinha books and stories PDF | किडनी का तोह्फ़ा - 2

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किडनी का तोह्फ़ा - 2

किडनी का तोह्फ़ा 2    Kidney Gift 2 


Note - पिछले भाग में आपने पढ़ा कि  रोमित और जूली अन्य दोस्तों के साथ शिमला टूर पर गए थे  . वहां एक होटल में अलग अलग कमरा नहीं मिलने से दोनों को एक ही कमरे में सोना पड़ा था , अब आगे पढ़ें  …. 


भाग 2  

भारत ने मैच जीता था  . सभी ख़ुशी ख़ुशी होटल लौटे  . एक अन्य दोस्त , जो अपनी के पत्नी के साथ था , बोला “ क्यों न अपने देश की जीत को हमलोग सेलिब्रेट करें ? “ 

वह दोस्त साथ में  शराब की बोतल ले कर लाया था  . वे दोनों पति पत्नी तो शराब पीते थे , उस  दोस्त ने चार गिलास बनाये  और कहा “ लेट अस स्टार्ट नाउ - चियर्स  . “

रोमित ने भी अपना गिलास हाथ में लिया और जूली को भी लेने के लिए कहा  . जूली ने पहले कभी शराब पिया नहीं था , वह नहीं पीना चाहती थी . इस पर बाकी तीनों ने कहा “ कम ऑन , जूली . आज ख़ुशी का दिन है और मौसम भी ठंडा हो चला है . थोड़ा पी लेने से कुछ बुरा नहीं होगा . हम में से कोई भी शराबी नहीं है आई मीन वी आर नॉट एडिक्ट  . बस कभी किसी खास मौके पर थोड़ा पी लेते हैं  . “ 

“ पीने वाले को पीने का बहाना चाहिए , बस  . “  जूली बोली 

फिर उसी ने आगे कहा “ पर एक बात कान खोल कर सुन लो तुम दोनों , रोमित और जूली  . तुम्हारी शादी में हम सभी दोस्त जी भर के पियेंगे  . “ 

“ अच्छा , तब की तब देखी जाएगी , चलो अब शुरू करते हैं  , चीयर्स  . “ 

बहुत नोंक झोंक के बाद रोमित ने अपने हाथ से जूली को  कुछ घूँटें  पिलाई  . जूली ने कहा “ छिः छिः , कितनी कड़वी है ? कैसे पीते हो  तुमलोग ? “

“ शुरू में कड़वी जरूर है पर कुछ पल बाद इसका मधुर अहसास होने लगेगा , देखना . “  दोस्त ने कहा 

फिर तो दोस्तों के बीच पेग पर पेग का सिलसिला चलता रहा जब तक कि बोतल खाली नहीं हुई हालांकि जूली और दूसरी लड़की ने बीच में ही उनका साथ छोड़ दिया था  .  शराब का असर सभी पर होने लगा था ख़ास कर दोनों लड़कियों पर , दोनों दोस्त तो फिर भी कंट्रोल में थे  . जूली लड़खड़ाती हुई खड़ी हुई और बोली “ देर रात हो चुकी है  , चलो अब तुमलोग दफा हो जाओ  . “ 

“ हम क्यों दफा होंगे , ये मेरा कमरा है  . “  शादीशुदा दोस्त ने कहा 

“ तुम होश में नहीं हो , ये हमारा कमरा है , मेरा और इसका  … “ टूटती हुई आवाज में जूली बोली 

रोमित ने अपने दोस्तों को समझा कर उनके कमरे में भेजा  . जब  तक वह लौट कर बेड के निकट पहुंचा जूली उसके  शर्ट का कालर पकड़ कर बोली “ गए  सा  ..सा . ले  . चलो अब हम भी सोते हैं  . “ इतना बोल कर रोमित की शर्ट खींचते हुए धड़ाम से दोनों बेड पर जा गिरे  . उसके बाद दोनों के संयम ने आत्मसमर्पण कर दिया और जो नहीं होना चाहिए था वह जाने अनजाने में हो ही गया  . 

सुबह पहले जब जूली की नींद खुली तो उसने दोनों को अस्त व्यस्त अवस्था में एक ही बेड पर देखा  . उसका सर अभी भी भारी लग रहा था , रात की खुमारी अभी तक सर पर मौजूद थी  . पहले उसने अपने को सहज किया फिर जोरों से रोमित को झकझोरते हुए उठाने लगी  . बहुत देर बात जब रोमित की नींद खुली तब वह बिगड़ते हुए बोला “ अरे क्यों तंग कर रहे हो , सोने दो न  . आखिर छुट्टियां मनाने ही तो यहाँ आये हैं  . “ 

“ तुमने  मेरे साथ ये सब क्यों किया ?  तुम रात मेरे बेड पर क्यों  आये  और कैसे आये ? “ 

“ मुझे नहीं पता  . तुम नशे में थी , तुम्हारे कदम लड़खड़ा रहे थे  . तुम ठीक से खड़ी  भी नहीं हो पा रही थी  .  मैं तो बस तुम्हें बेड तक छोड़ने आया था  . “   रोमित ने कहा 

“ बस , तुम सिर्फ मुझे छोड़ने आये थे तो फिर छोड़ कर चले जाते  . यहीं एक ही बेड पर सोना तो नहीं था  . हमारे बीच यही एग्रीमेंट भी हुआ था  . मुझे अपने आप पर शर्म आ रही है  . न तुमलोग मुझे जबरन पिलाते न यह नौबत आती  . “ 

रोमित को भी अपनी गलती का अहसास हुआ  . उसने दोनों कान पकड़ कर कहा “ आई ऍम डीपली सॉरी  . यह नहीं होना चाहिए था  . पर इतना भी बुरा पाप नहीं हुआ है  . बस चंद दिनों के बाद हमारी शादी होने ही वाली है न  . “ 

“ होने वाली है , हुई नहीं हैं न  . तुम्हें क्या लगता है जो हुआ सही था  ? “

“ नहीं , मैं पहले ही सॉरी कह चुका हूँ  . और क्या करना होगा मुझे , तुम ही बोलो ?  और वैसे भी क्या सारी गलती मेरी ही थी ?  “

“ तुमने अगर पीने के लिए मुझे फाॅर्स न किया होता तो ऐसा कुछ भी होने का प्रश्न ही नहीं था   . मैं तुमसे अब और बात नहीं करने वाली हूँ  .  मेरा सिर मत खाओ  .. “ बोलकर जूली पैर पटकते और कुछ बुदबुदाते हुए बाथरूम गयी  . 

अगले दिन सभी लोग डलहौज़ी के लिए रवाना हुए  . डलहौज़ी के रास्ते में एक स्थानीय   शक्तिपीठ  ‘ चामुंडा देवी ‘  का मंदिर पड़ता था  . नवविवाहित जोड़ी चामुंडा देवी का दर्शन करना चाहती थी  . उन्होंने जूली और रोमित को भी इसके लिए प्रेरित करते हुए कहा “ तुमलोग भी चलो  .  जल्द ही तुम्हारी शादी होने वाली है  . माता रानी से आशीर्वाद ले लेना  . वह मंदिर रास्ते में ही पड़ेगा  और इसके लिए अलग से कोई खास समय भी नहीं लगेगा  . “ 

रोमित ने कहा “ हाँ , यह ठीक रहेगा  . मैं इसके लिए तैयार हूँ  . ठीक है न जूली  . “  फिर आगे बढ़ कर उसके कान में कहा “ कल की गलती के लिए हमलोग माता से क्षमा  भी मांग लेंगे  . “ 

“ शट अप  . “  जूली ने जोर से कहा  

उसकी बातों पर बाकी लोगों को आश्चर्य हुआ  . तब जोड़ी ने कहा “ नो प्रॉब्लम  . तुम नहीं जाना चाहती तो कोई बात नहीं है  . “ 

जूली बोली “ नहीं , ऐसी बात नहीं है  . हम भी माता का दर्शन जरूर करेंगे  . मैं रोमित के किसी  और बात  पर नाराज  थी  . “ 

जब ये चार लोग  माता के दर्शन  के लिए तैयार हो गए तो बाकी सभी भी इसके लिए मान गए  . सभी ने  चामुंडा माता का दर्शन किया और आगे डलहौज़ी के लिए प्रस्थान किया  .  

डलहौज़ी में सभी ने  कालाटॉप वन्यजीव अभ्यारण, सतधारा  आदि दर्शनीय स्थलों का आनंद उठाया  . दो दिन डलहौज़ी में बिताने के बाद वे फिर अपने चार्टर्ड बस से दिल्ली लौटे  . दो दिन दिल्ली में रुकने के बाद जूली अपने घर आगरा आ गयी थी  . 

रोमित और जूली की शादी की तिथि में मात्र तीन दिन शेष बचे थे  .  रोमित के घर को सजाने का काम चल रहा था  . इसके लिए शहर के नामी डेकोरेटर के आदमी काम कर रहे थे  . रोमित की माँ डेकोरेटर के आदमियों को अपनी पसंद के अनुसार सलाह दे रही थी  .  दूसरी तरफ जूली के परिवार के लिए लिया गए  बंगला की सजावट का काम भी चल रहा था जिसकी निगरानी बीच बीच में स्वयं रोमित जा कर देख लेता था  . जूली के माता पिता आगरा से दिल्ली के लिए प्रस्थान कर चुके थे   .  रोमित के पिता किसी ऑफिसियल टूर पर जयपुर गए थे  . ऑफिसियल कामकाज समाप्त कर शादी के लिए वे शॉपिंग कर दिल्ली लौटने ही वाले थे  . दोनों परिवार के लोग अपने बच्चों की शादी को लेकर बहुत उत्साहित थे  . 

तभी अचानक उन्हें दिल्ली पुलिस का फ़ोन आया  .  पुलिस अफसर ने फोन पर कहा उसे सुनकर रोहित के होश उड़ गए मानो उनके पैरों के तले से धरती खिसक गयी हो  . वे वहीँ दूकान में रखे सोफे पर धड़ाम से लगभग गिर गए  . आसपास के लोगों ने उन्हें सहज करने की कोशिश की , वे कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थे  . उनके हाथ का फोन अभी भी ऑन था , उधर से पुलिस की जोर जोर से आवाज आ रही थी “ हेलो मिस्टर रोहित , आप सुन रहे हैं न  . मुझे बहुत दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि आपके बेटे रोमित की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गयी है  . रोमित ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था  . आप शीघ्र आ कर औपचारिकताएं पूरी कर बॉडी को अंतिम क्रिया के लिए ले जाएँ  . “ 

वहां मौजूद लोगों ने उन्हें सांत्वना दी  . कुछ देर बाद रोहित ने भी अपने को सहज किया  . इसके तुरंत बाद उन्होंने अपने डेकोरेटर को दोनों घरों की सजावट तत्काल बंद करने को कहा और साथ ही उन्हें पत्नी से कुछ भी कहने से मना कर दिया  . इसके बाद उन्होंने जूली के माता पिता को फोन पर इस दुखद घटना की सूचना दी और उन्हें भी पत्नी से आगे कुछ भी कहने से मना कर दिया  . 

क्रमशः