Shaadi, Saazish aur Teen Dil - 3 in Hindi Love Stories by InkImagination books and stories PDF | Shaadi, Saazish aur Teen Dil - 3

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Shaadi, Saazish aur Teen Dil - 3

💎 Shaadi, Saazish aur Teen Dil
Part 3 – Rival Ka Naam aur Deal Ka Shuruaat

हॉल अब लगभग खाली हो चुका था।
बाहर मीडिया की भीड़ अभी भी चिल्ला रही थी, लेकिन अंदर सिर्फ माल्होत्रा फैमिली के लोग बचे थे – विक्रम माल्होत्रा, प्रिया माल्होत्रा, राजेश माल्होत्रा (चाचा), राघव, और अब… मीरा।
आरव अभी भी मीरा के ठीक सामने खड़े थे, उनकी आँखें उस पुरानी फोटो पर टिकी हुई थीं जो मीरा ने फोन में दिखाई थी।
फोटो में एक मुस्कुराता हुआ आदमी था – मध्यम उम्र का, साधारण कुर्ता-पायजामा में, बगल में एक ८-९ साल की छोटी लड़की जिसके बाल दो चोटियों में थे। लड़की मीरा थी। आदमी उसके पिता।
आरव ने धीरे से पूछा,
“तुम्हारे पिता का नाम?”
मीरा ने बिना झिझक के जवाब दिया,
“अजय शर्मा।”
विक्रम माल्होत्रा का चेहरा एक झटके से बदल गया।
उन्होंने कुर्सी पर से उठने की कोशिश की, लेकिन पैर काँप गए।
“अजय शर्मा…? वो… वो शर्मा जो… १० साल पहले…”
मीरा ने सिर हिलाया।
“हाँ। वही।
जिनकी मौत एक बिजनेस स्कैम में हुई थी।
जिन्हें सबने धोखेबाज कहा था।
जिनकी कंपनी को जब्त कर लिया गया था।
जिनकी वजह से मेरी माँ को घर छोड़ना पड़ा, और मैं स्कॉलरशिप पर पढ़ रही हूँ।”
प्रिया माल्होत्रा ने हाथ जोड़ लिए।
“बेटी… हमने कभी नहीं सोचा था कि…”
मीरा ने उन्हें रोका।
“मैं रोने-धोने नहीं आई हूँ।
मैं सिर्फ सच बताने आई हूँ।
और सच ये है कि आज जो स्कैंडल हुआ… वो मेरे पिता की मौत से जुड़ा हुआ है।
किसी ने जानबूझकर माल्होत्रा फैमिली को बदनाम किया है।
और वो कोई बाहर का नहीं… अंदर का है।”
राजेश माल्होत्रा (चाचा) ने गुस्से से कहा,
“ये क्या बकवास है?
तुम एक कैटरिंग वाली हो… और अब हमें लैक्चर दे रही हो?
आरव, इसे बाहर करवा दो!”
आरव ने चाचा की तरफ देखा – एक ऐसी नज़र जो राजेश को चुप करा गई।
फिर आरव ने मीरा से कहा,
“बैठ जाओ।
और बताओ… पूरा सच।
क्योंकि अगर तुम झूठ बोल रही हो… तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा।”
मीरा ने कुर्सी खींची और बैठ गई।
उसकी आवाज़ में अब कोई डर नहीं था।
“मैं झूठ नहीं बोल रही।
मैं आज यहाँ कैटरिंग के बहाने आई थी क्योंकि मुझे पता था कि आज कुछ बड़ा होने वाला है।
मुझे एक मैसेज आया था – अननाम नंबर से।
मैसेज में लिखा था – ‘अगर तुम्हें अपने पिता की मौत का सच जानना है, तो आज माल्होत्रा वेडिंग में जाओ। कैटरिंग जॉइन करो। और देखो क्या होता है।’
मैं गई।
और देखा – नताशा का स्कैंडल।
फिर बाहर वो आदमी… जिसने मेरा नाम लिया।
मुझे लगता है… वो मुझे अगले स्टेप में इस्तेमाल करना चाहता है।
शायद… मुझे आपके खिलाफ खड़ा करना चाहता है।”
राघव अब तक चुप था।
अब उसने पहली बार मीरा से बात की।
उसकी आवाज़ में गुस्सा और दर्द दोनों थे।
“तो तुम कह रही हो कि मेरी शादी का मज़ाक… मेरी जिंदगी का तमाशा… ये सब मेरे चाचा या किसी और ने प्लान किया?
क्यों?
किस लिए?”
मीरा ने कहा,
“क्योंकि माल्होत्रा एम्पायर बहुत बड़ा है।
और बड़े पेड़ों को हिलाने के लिए तूफान चाहिए।
आज का तूफान… नताशा का स्कैंडल था।
अगला तूफान… शायद मैं बनूँ।”
विक्रम ने पूछा,
“तुम्हें क्या चाहिए?
पैसे?
नौकरी?
या… बदला?”
मीरा ने सीधे आरव की आँखों में देखा।
“मुझे सच चाहिए।
मेरे पिता निर्दोष थे।
उन्हें फंसाया गया था।
और उस स्कैम में… माल्होत्रा का नाम भी आया था।
लेकिन मैं जानती हूँ… असली गुनहगार कोई और था।
मुझे बस वो नाम चाहिए।
और उसके लिए… मैं कुछ भी करने को तैयार हूँ।”
आरव ने एक लंबी साँस ली।
फिर बोले,
“ठीक है।
अगर तुम सच बोल रही हो… तो एक डील।
तुम मेरे साथ रहोगी।
माल्होत्रा हाउस में।
मेरी… पत्नी बनकर।”
पूरा कमरा सन्न रह गया।
राघव ने चौंककर कहा,
“क्या?!
भाई… तू पागल हो गया है?!”
प्रिया माल्होत्रा ने हाथ जोड़े,
“आरव… ये क्या बोल रहे हो?”
आरव ने किसी की तरफ नहीं देखा।
सीधे मीरा से बोले,
“हमारी फैमिली की इज्ज़त बचानी है।
आज रात का स्कैंडल बहुत बड़ा है।
अगर हम चुप रहे… तो कल सुबह तक स्टॉक क्रैश हो जाएगा, पार्टनर्स छोड़ देंगे, मीडिया हमें बर्बाद कर देगा।
एक ही तरीका है – जल्दी से एक नई शादी।
सिर्फ नाम की।
मंडप अभी तैयार है।
पंडित अभी बाहर हैं।
हम उसी मंडप में शादी कर लेंगे।
ताकि दुनिया कहे – ‘हाँ, राघव की शादी टूटी… लेकिन आरव ने फैमिली की इज्ज़त बचाई।’
और तुम… तुम्हें भी फायदा।
तुम्हें घर, सुरक्षा, और मेरी मदद मिलेगी… अपने पिता के केस को दोबारा खोलने में।”
मीरा ने कुछ सेकंड सोचा।
फिर बोली,
“और अगर मैं मना कर दूँ?”
आरव ने मुस्कुराकर कहा,
“तुम मना नहीं करोगी।
क्योंकि तुम्हें पता है… बाहर वो आदमी अभी भी इंतज़ार कर रहा है।
और अगर तुम अकेली रहीं… तो वो तुम्हें इस्तेमाल करेगा… या खत्म कर देगा।
मेरे साथ रहोगी… तो कम से कम एक शील्ड तो होगी।”
मीरा की आँखें सिकुड़ गईं।
“तो ये डील है?
शादी की डील?”
आरव ने सिर हिलाया।
“हाँ।
शादी की डील।
६ महीने।
उसके बाद… अगर तुम चाहो… तलाक।
कोई सवाल नहीं।
लेकिन इन ६ महीनों में… तुम मेरी पत्नी की तरह रहोगी।
बाहर दुनिया के सामने।
अंदर… सिर्फ डील।
कोई इमोशन नहीं।
कोई टच नहीं।
जब तक तुम खुद न चाहो।”
मीरा ने गहरी साँस ली।
उसके मन में हजार सवाल थे।
उसके पिता की मौत, वो पुराना स्कैम, आज का स्कैंडल… सब एक धागे से जुड़े लग रहे थे।
और वो धागा… अब आरव माल्होत्रा के हाथ में था।
उसने धीरे से कहा,
“ठीक है।
मैं मान जाती हूँ।
लेकिन मेरी एक कंडीशन।
ये सिर्फ डील होगी।
तुम मुझे कभी जबरदस्ती नहीं करोगे।
और मेरे पिता के केस में… तुम पूरी मदद करोगे।
सच्चाई तक पहुँचने में।
वरना… मैं खुद सब कुछ बर्बाद कर दूँगी।”
आरव ने हाथ आगे बढ़ाया।
“डील।”
मीरा ने हाथ मिलाया।
उसके हाथ ठंडे थे।
आरव के हाथ गर्म।
दोनों की आँखें मिलीं।
एक सेकंड के लिए… कुछ ऐसा हुआ जैसे बिजली कड़की हो।
लेकिन दोनों ने नज़र हटा ली।
विक्रम ने कहा,
“तो अब क्या?
पंडित को बुलाएँ?”
आरव ने सिर हिलाया।
“हाँ।
लेकिन पहले… मीडिया को हैंडल करना होगा।
मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस करूँगा।
और बताऊँगा कि… राघव की शादी टूट गई… लेकिन फैमिली ने फैसला लिया है।
आरव माल्होत्रा आज ही शादी कर रहे हैं।
दुल्हन… मीरा शर्मा।
एक साधारण लेकिन बहादुर लड़की जो आज रात इस हादसे में हमारे साथ खड़ी रही।”
राघव ने सिर पकड़ लिया।
“ये सब… इतनी जल्दी…”
आरव ने भाई की तरफ देखा।
“जल्दी इसलिए… क्योंकि दुश्मन रुकने वाला नहीं।
और हमें तैयार रहना है।”
मीरा खड़ी हो गई।
“मुझे अपनी माँ को बताना होगा।
वो… बहुत डर जाएँगी।”
आरव ने कहा,
“मैं खुद बात करूँगा।
तुम्हारी माँ की जॉब… उनका घर… सब सुरक्षित रहेगा।
ये मेरा वादा।”
मीरा ने कुछ नहीं कहा।
बस बाहर की तरफ देखा।
जहाँ मीडिया अभी भी इंतज़ार कर रहा था।
तभी आरव ने उसके कंधे पर हल्का सा हाथ रखा – पहली बार टच।
मीरा चौंक गई।
आरव ने धीरे से कहा,
“डर मत।
अब तुम अकेली नहीं हो।
लेकिन याद रखना…
डील तुमने की है…
रूल्स… मैं बनाऊँगा।”
मीरा ने उसकी तरफ देखा।
उसकी आँखों में अब डर नहीं… चुनौती थी।
“देखते हैं… कौन कितने रूल्स तोड़ता है।”
और बाहर… मीडिया को पहली झलक मिली –
आरव माल्होत्रा और एक अनजान लड़की… हाथ में हाथ डाले… मंडप की तरफ बढ़ते हुए।
हेडलाइन तैयार थी –
“स्कैंडल के बाद माल्होत्रा फैमिली का सरप्राइज मूव – आरव की अचानक शादी!”

पार्ट ३ खत्म।
दोस्तों… अब शादी हो रही है! 🔥
आरव-मीरा की डील कैसी लगी?
मीरा की कंडीशन और आरव का वो आखिरी लाइन?
क्या लगता है – ये डील टिकेगी या टूटेगी?
कमेंट में बताओ:
“पार्ट ४ में शादी का सीन चाहिए!”
या “अगला ट्विस्ट क्या होगा?”
लाइक + शेयर ज़रूर करना।
अगले पार्ट में – मंडप पर फेरा, मीरा की माँ का फोन, राघव का गुस्सा, और पहली रात माल्होत्रा हाउस में।
(धीरे-धीरे रोमांस की शुरुआत भी!)


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