Chapter 3
इश्क और इस्तीफा
काव्या ने धीरे से अपने कमरे का दरवाज़ा खोला। रात के दो बज रहे थे, लेकिन उसकी आँखों से नींद कोसों दूर थी। वह आलीशान बंगला, जिसे विराज 'घर' कहता था, उसे किसी सुनसान महल जैसा लग रहा था।
वह सीढ़ियों से उतरकर नीचे हॉल में आई। तभी उसकी नज़र गलियारे के आखिरी कोने में बने एक पुराने लकड़ी के दरवाज़े पर पड़ी। पूरे घर में आधुनिक कांच और स्टील का काम था, पर वह दरवाज़ा पुराना और भारी था। उस पर एक बड़ा सा पीतल का ताला लटका हुआ था।
"तुम यहाँ क्या कर रही हो?"
विराज की ठंडी आवाज़ सुनकर काव्या उछल पड़ी। वह अंधेरे में सोफे पर बैठा था, उसके हाथ में एक गिलास था और उसकी आँखें लाल थीं।
"मैं... मैं पानी पीने आई थी," काव्या ने हकलाते हुए कहा।
विराज खड़ा हुआ और धीमी चाल से उसकी ओर बढ़ा। वह इतना करीब आ गया कि काव्या को उसकी तेज़ धड़कनें सुनाई देने लगीं। उसने अपना हाथ उस पुराने दरवाज़े पर रखा।
"इस घर में हर जगह जाने की इजाज़त है तुम्हें, सिवाय इस कमरे के। अगर यहाँ दोबारा दिखीं, तो 15 दिन से पहले ही तुम्हें बाहर का रास्ता दिखा दूँगा।"
"आप डरते क्यों हैं सर?" काव्या ने हिम्मत जुटाकर पूछा। "अपनी ही यादों से, या उस तस्वीर से जिसे आपने धूल में छिपा कर रखा है?"
विराज का चेहरा गुस्से से तमतमा उठा। उसने काव्या का हाथ ज़ोर से पकड़ा और उसे दीवार से सटा दिया। "मेरी निजी ज़िंदगी तुम्हारी स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं है, काव्या। अपनी हद मत भूलो।"
"हद तो आप भूल रहे हैं, मिस्टर मल्होत्रा!" काव्या ने उसकी आँखों में आँखें डालकर कहा। "आप मुझे यहाँ अपनी कहानी लिखने के लिए लाए हैं, लेकिन आपकी असल कहानी तो इस बंद कमरे के पीछे है। और एक लेखक की नज़र से कुछ नहीं छुपता।"
विराज ने धीरे से उसकी कलाई छोड़ दी। उसकी नफरत भरी आँखों में एक पल के लिए लाचारी दिखी। वह बिना कुछ कहे अपने कमरे की ओर मुड़ गया।
काव्या वहीं खड़ी रह गई। उसने उस बंद कमरे के ताले को देखा। उसे यकीन था कि उस कमरे के अंदर विराज मल्होत्रा का वह सच छुपा है, जिसे दुनिया के सामने लाने से वह डरता है। पर उसे क्या पता था कि उस सच को ढूँढने की कोशिश उसे विराज के और करीब ले आएगी।
क्या काव्या उस बंद कमरे की चाबी ढूँढ पाएगी? और क्या विराज का गुस्सा सच में नफरत है, या किसी पुराने घाव की तड़प? जानने के लिए पढ़ते रहिये 'इश्क़ और इस्तीफ़ा'!"
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Author name. = Deepti Gurjar
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आशा है आपको मेरी कहानी पसंद आई होगी
Esa hi or kahani pane ka liye mera page ko follow kare 🙏
Pls support me 🙏
Apki apni deepti Gurjar
Byy
Good luck everyone
And happy all