Shadyantra - 1 in Hindi Crime Stories by Ratna Pandey books and stories PDF | षड्यंत्र - भाग 1

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षड्यंत्र - भाग 1

" इंस्पेक्टर मैं सच कह रही हूँ। उस दिन मेरे घर पार्टी में लगभग 110 लोग आए थे। सभी मेरे दोस्त थे। खाने में चिकन करी, फिश करी और अंडा करी तीनों ही थीं। कुछ लोग चिकन नहीं खाते थे, उनके लिए फिश करी और कुछ लोग फिश भी नहीं खाते थे तो उनके लिए अंडा करी भी थी।

इंस्पेक्टर: "अच्छा, यह भी बता दो मिस...?"

"जी, बीना है मेरा नाम।"

इंस्पेक्टर दीक्षित ने कहा, "ठीक है, मिस बीना, आपकी पार्टी में नशे के लिए क्या-क्या व्यवस्था की गई थी? ज़रा वह भी बताइए ... क्या-क्या परोसा गया था?"

बीना ने सकुचाते हुए कहा, "जी बस, शराब ही थी, उसके अलावा और कुछ भी नहीं..."

"आप झूठ कह रही हैं। आपकी पार्टी में शराब के अलावा ड्रग्स का इंतज़ाम भी था। वे लड़के जिन्हें हमने पकड़ रखा है, उनके खून में ड्रग्स मिली है। इसलिए, आप सच ही कहें तो आपके लिए अच्छा होगा।"

बीना ने कहा, "मैं सच ही कह रही हूँ।"

इंस्पेक्टर दीक्षित बोली, "थाने चलने के बाद तुमसे सच उगलवाना मुश्किल नहीं होगा मेरे लिए। खैर, यह बताओ उस दिन जो कुछ भी हुआ, क्या तुम्हें पहले से ही उसकी जानकारी थी? क्या पूरी योजना पहले ही तैयार कर ली गई थी?"

बीना ने कहा, "नहीं, ऐसा कुछ नहीं था।"

इंस्पेक्टर ने फिर पूछा, "लोगों के जाने के बाद, जब कुछ ही लोग बचे थे, तब क्या हुआ था?"

"जी, मेरी उस लड़की रितु के साथ बहस हो गई थी।"

"हाँ, वही तो ... उस लड़की के साथ तुम्हारी तू-तू, मैं-मैं होने के बाद ही वह घटना घटी थी। मतलब, तुम्हारी पार्टी में तुम्हारा झगड़ा हुआ और उसके करीब आधे घंटे के बाद उस लड़की का बलात्कार हुआ। तो क्या जो कुछ भी हुआ वह सोची-समझी साज़िश के तहत हुआ था?"

बीना ने कहा, "आप यह क्या कह रही हैं?"

इंस्पेक्टर दीक्षित ने कहा, "मैं जो कुछ भी कह रही हूँ वह सबूतों के आधार पर ही कह रही हूँ। उस लड़की से झगड़ा होने के तुरंत बाद तुम उन पाँच लड़कों से बात कर रही थीं ... हाँ या ना?"

"जी हाँ। बात करने में क्या बुराई है? वे मेरे दोस्त हैं, मेरे घर में पार्टी में आए थे तो बात तो होगी न? आप मुझ पर शक क्यों कर रही हैं?"

"शक नहीं कर रही हूँ, मैडम; सी.सी.टी.वी. में जो देखकर आ रही हूँ, वही कह रही हूँ।"

बीना ने कहा, "क्या मतलब है आपका?"

"आप लोग ड्रग्स और शराब के नशे में इस हद तक चूर हो चुके थे कि गुनाह करने से पहले आप अपने घर का सी.सी.टी.वी. बंद करना भूल गई थीं। उस कैमरे ने आपके घर पर होने वाले हर पल की तस्वीर खींच ली है। आप ख़ुद एक स्त्री हैं; दूसरी स्त्री के साथ ऐसा कैसे कर सकती हैं? आपको ऐसा करते हुए ज़रा भी शर्म नहीं आई? दया की बात तो जाने ही दीजिए। उन पाँचों लड़कों से पूछताछ चल रही है; डंडे, सब कुछ कबूल करवा लेंगे।"

बीना ने पूछा, "आप लोग मेरे घर आए कैसे...? मतलब, आपको वह सब कैसे मालूम पड़ा?"

इंस्पेक्टर ने कहा, "तुम्हें क्या लगता है, उस पार्टी में वहाँ सभी तुम्हारे दोस्त थे? तुम्हारे उन्हीं साथियों में से किसी एक ने जिसमें यह बताने की हिम्मत थी, हमें फ़ोन लगाकर बताया था।"

बीना ने पूछा, "कौन था वह?"

"कौन था या कौन थी, यह सब हम तुम्हें नहीं बताएंगे। उसी फ़ोन के कारण तो हम यहाँ पहुँच गए थे; भला हो उस इंसान का जिसने हमें ख़बर दी, वरना तुम लोग तो उस लड़की को मार ही डालते। आख़िर ऐसी क्या दुश्मनी थी तुम्हारी उस लड़की से?"

बीना चुप रही, उसने कोई जवाब नहीं दिया।

✍️ रत्ना पांडे, वडोदरा (गुजरात)
स्वरचित और मौलिक
क्रमशः