जिंदगी की दसरे किनारा पार्ट 4
वही है अब आधी रात के समय
मेघाना बेचैन है एक हाथ सर पर रखते हुए
लगातार सोच में डूबी हुई है
छत की तरफ देखते हुए
सायद उसे
सदमा लगा है
उन अविश्वासी घटना का
उसने जो सड़कों पे देखा
उसका दिमाग वही अटक गया है
वह भरम में है उसे समझ में नहीं आ रहा है
कि वह क्या था इसीलिए
वो अब तिलक जाकर
अपने बिस्तर पे लेटे हुए
उसकी छोटी सी कैमरा
जिसमें कोई भी चीज़ अपनी जगह पर नहीं है
कपड़े यहां वहां
खाने की चीज यहां वहां
और यहां तक की काम की चीज यहां वहां पसरा हुआ है
और तभी वह पैनिंग करते हुए
अपने सर पर से अपना हाथ उठाते हुए
नीचे करते हुए
और बाएं हाथ की तरफ करवट लेती है
और अब तलक वह सोच में डूबी है
उसे समझ नहीं आ रहा है
कि वह बीमार है इसीलिए
उसे वहेम हुआ या वह सब कुछ और था
कुछ घंटे के बाद फाइनली
उसकी आंखें धीरे-धीरे लगने लगते हैं
और उसे ऐसा लगता है कि
उसकी पूरी बॉडी वेसुद पर रही है
और उसकी आंखें लगाते हुए
उसकी पूरी बॉडी हल्का होने लगता है
और वह गहरी नींद में जाने लगती है
धीरे-धीरे उसकी बॉडी पूरी तरह से रिलैक्स हो जाती है
और वह फाइनली गहरी नींद में चली जाती है
और वही कुछ घंटे के बाद
धुंधली सी फोटो के साथ देखते हैं
एक अस्पताल के अंदर के सीन
एक अस्पताल के अंदर अचानक
एक पेशेंट को स्ट्रेचर पर ले जाया जा रहा है
और वही बहुत सारे शोर हो रही है
और वही कोई चिल्ला रहा है डॉक्टर डॉक्टर
और वहीं कुछ नर्स दौड़ते हुए
उसे स्टेचर की तरफ आ रहे हैं
आते ही
उसे मरीज के स्टेचर पकढ़ते हुए
जल्दबाजी में स्टेचर
को दोहराते हुए जाने लगते हैं
और तभी डॉक्टर के कपड़े पहनकर वहां
एक आदमी आता है
और आते ही अचानक उस मरीज के सामने झुकते हुए
अपनी हाथ बढ़ाते हुए मरीज की स्टेचर पकढ़ते हुए
और स्टेचर के साथ-साथ अपनी कदम बढ़ाते हुए
उस मरीज को देखते हुए
और सभी नर्स उसे मरीज के स्टेचर जोर से खींचते हुए अस्पताल के अंदर ले जा रहा है
और वही वह डॉक्टर भी उसे मरीज को देखते हुए
दौड़ते हुए
उसे मरीज के साथ जा रहा है
और वही
डॉक्टर घबराते हुए
अपने दूसरी हाथ बरा कर मरीज के
गालों पर थोड़ा थपथपाते हुए तेज आवाज में कहता है
है
और
तभी वह मैरिज हल्के अपनी आंखें खोल कर
उस डॉक्टर की तरफ देखा है
और फिर अचानक सारे आवाज धूधले पर जाते हैं
और तेज अजीव से आवाज कानों में गूंज पड़ता है
सरसराहट से भरते हुए
और
तभी सोई हुई मेघना पसीने से लटपट
अपनी पूरी बॉडी को सीकोड़ कर
लंबी सांस ले रही है
उठने की कोशिश कर रही है
पर उसके सांसों से ऐसा लग रहा है
कि
उसकी बॉडी पूरी तरह से जाम हो चुकी है
और अचानक से बाहर से तीखी तेज आवाज आती है
ऐ लड़की
और तभी मेघना बाहर की आवाज सुनते ही
उसकी अचानक से आंखें खोल पड़ती है
और गहरी सांसों के साथ छत की तरफ देखते हुए
वो अचानक से घबराते हुए
उठते हुए बैठ जाती है और लंबी सांस लेने लगती है
और
वही बाहर से फिर से एक आधी उम्र की औरत आवाज लगते
तेज और तिख्खी लहजे में कहती है
ऐ लकड़ी दरवाजा खोल और बाहर
और वही मेघना बाहर की आवाज सुनतेहुए
और
लंबी सांस लेते हुए
और हफ्ते हुए
नजर उठा कर आगे दरवाजे की तरफ देखा है
और वही वह लेडी बार-बार दरवाजा को जोर-जोर से पीटते हुए
गुस्से में कहती है
पता नहीं इस लड़की को
रोज कहती हूं
यहां कचरा मत रख कर
समझ में ही नहीं आती
इस लड़की को
यह कहती हुई जोर-जोर से दरवाजा पीते हुए आगे कहती है
ऐ लड़की दरवाजे खोलो
और बाहर तुम्हारी रोज-रोज की नाटक से मोहल्ले वाले परेशान हो गए हैं
और
तभी मेघा अंदर अपने बिस्तर पर बैठते हुए
दरवाजे से नजरे घूम कर
लंबी सांस लेते हुए और हफ्ते हुए
अपने कापते हुए हाथ बराती है
अपने बिस्तर के पास
रखी हुई छोटी सी टेबल की तरफ
और पानी के गिलास अपने कापते हुए हाथों में उठती है
और उठाते हुए
और जोर से सांस लेते हुए
सीधी हो जाती है
और कप कपाते हुए हाथों से पानी के गिलास को
अपनी होठों से लगती है
और लंबी सांस के साथ
एक साथ में ही पूरे गिलास खत्म करते हैं
घबराते हुए
और फिर पानी पीकर
अपने होठों से गिलास को हटाते हुए
और अपनी गहरी आंखों से आगे की तरफ देखती है
और हल्के पीछे हाथ करते हुए
लड़खाराते हुए हाथों से गिलास को टेबल पर वैसे ही रखती है और गहरी सांस लेने लगती है
और वही वह लेडी अब भी तलाक बार-बार दरवाजा पीते हुए कहती है
बाहर आती है या नहीं
और फिर दरवाजा को पीटते हुए अचानक
अपने हाथ को नीचे कर लेती है
और हाथों को नीचे करते हुए
हाथों की उ उंगलियों को उस लड़की के दरवाजे की
तरफ पोईठ करते हुए गुस्से में कहती है
देख जादा लोड किया तो
मैं पार्टीशन फाइल कर दूंगी
तुम्हें इस मोहल्ले से निकलने के लिए
और तभी वही अंदर मेघना खुद को रिलैक्स करते हुए
बिस्तर से उड़ती है
और धीरे-धीरे अपनी कदम आगे दरवाजे की तरह बाराती है अपनी एक हाथ उठाकर आंखों पर रखकर
आंखों को मलते हुए
लड़खरते हुए कदम से आगे बढ़ते हैं
और तभी अचानक वह आगे रखी हुई कपड़े से भरी कुर्सी से
टकरा जाती है
और वह अचानक से ही लड़खरते हुए
कुर्सी के साथ जमीन पर गिर पड़ती
और तभी वह गिरते ही
उसके हाथ उसके आंखों से अपने आप नीचे हो जाती है
और वह पेट के बल गिरते ही
दर्द से कड़ाती है
आ
और वह कुछ कपड़े में उलझ जाती है गिरते ही
और फिर आंखें खोल कर
हल्के सर को उठती है
और नजरे घूम कर
कुर्सी और कपड़ों को देखते हुए
अचानक पलटती है
और पलट कर खुद से फरिश्टेट है कर
हल्के चिल्लाहट के साथ कहती है
अरे यार
और फिर खुद को कपड़े में लिप के पा कार
फरिश्टेट होकर
अपने दोनों हाथ बढ़ाकर जल्दबाजी में
अपनी बॉडी से कपड़े खींचते हुए
हटाने लगता है
और वही कुछ कपड़े है रहे हैं
तो कुछ कपड़े और आकर मेघना से लिपट जा रहे हैं
और यह देखते मेघना और फ्रस्ट्रेटेड होकर
जोर-जोर से अपने दोनों हाथ चलते हुए
अपने ऊपर आए हुए कपड़े को खींचने लगते हैं
और चिल्लाती है
आ
और तभी मेघना अपने हाथों को रोकते हुए
अचानक जमीन पर गिरते ही रिलैक्स हो जाती है
और चेहरे को सिकोड़ते हुए
अपनी अपनी दाएं हाथ जोड़ से
जमीन पर रखते हुए उठने की कोशिश
और वहीं दूसरी तरफ वह लेडी ऐसे ही चिल्लाते हुए
कहती है
देख तू बाहर आ रही है
या नहीं
और वही मेघना कमरे में उठती है
और हल्के सर झुकाते हैं
और सामने रखे हुए कुर्सी और अपने कपड़ों को देखते हैं
और फिर और ज्यादा फ्रस्ट्रेटेड होकर
गुस्से में अपने दोनों हाथ उठाते हुए
दोनों तरफ कमर पर रखती है
और अचानक सर उठाकर
हल्के ऊपर की तरफ देखती है
और फिर अचानक से गुस्से में चिल्लाते हुए
अपनी दाएं पांव बढ़कर जोर से कुर्ती को मारते हुए
चिल्लाती है
आ आ
और ऐसा करते ही मेघना को
उस कुर्सी से चोट पैरों में लगती है
और वेसे ही वह अचानक से अपने कमर पर रखे हुए
हाथों के नीचे कर लेती है
और अपने पैरों को कुर्सी से पीछे खींचते हुए चिल्लाते हुए आह भरली है
और फिर हल्के पैर को लैंगराते हुए
कुछ देर लैंगराते हुए खड़े रहते हैं
और वहीं दूसरी तरफ से फिर वह वाला दरवाजे को जोर-जोर से पीटते हुए गुस्से में कहती है
7:30 बज गई है
क्या आप तिलक उठी नहीं है
तु
और यह सुनते ही मेघना सर उठा कर दरवाजे की तरह दिखती है और
लैंगराते हुए कदम को जमीन पर रखती है
और वहीं दूसरी तरफ उस औरत की बातें सुनते ही
वहां से गुजरते हुए एक लड़की
उस औरत देखते हैं
हल्के मुस्कुराते भी कहती है
आंटी
और तभी यह सुनते ही वह आधी उम्र की लेडी दरवाजा को खटखटाते छोड़कर
अपने हाथ नीचे करते हुए
पलट कर उस लड़की की तरह दिखती है
और वही वह लड़की अपनी बातों को आगे बढ़ते हुए मुस्कुराकर कहती है
आपको। पता नहीं है
कि वह जॉब्लेस है
खाली बैठी है तो
सोई नहीं रहेगी तो क्या करेगी
औरतभी उस लड़की की यह कहते ही अचानक से
मेघना दरवाजा खोलते हुए
थकी चेहरे के साथ अपने हाथ बराकर दरवाजा पकढ़ते हुए बाहर की तरफ देखती है
और दरवाजा की आवाज सुनते ही
अचानक से
लड़की बोलते हुऐ चुप हो जाती है
और तभी दरवाजा की आवाज सुनते ही
वह आंटी भी पलट कर मेघना की तरफ देखती है
और वही मेघना अपने हाथ बढ़ते हुए
दरवाजे को ऊपर से पकढ़ते हुए
हाथों को टीका लेती है
और दरवाजे से लगाते हुए खड़ी हो जाती है
यह कहानी अगर अच्छी लगे तो आगे पढ़ते रहिए
मैं आपके प्रिय लेखक अभी नशा
❤️🦋💯