Devil, You Are Mine - 11 in Hindi Love Stories by Miss Anonymous books and stories PDF | Devil, You Are Mine - 11

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Devil, You Are Mine - 11

आगे...!

कपूर हाउस,
राशी का कमारा,
      अपने तकिए को गले लगाए राशि की आंखें बंद थी। उसके गाल कुछ सोच-सोचकर गुलाबी हो रहे थे। दरअसल श्रुति ने उसे कहा था कि कल रात उसने ड्रिंक कर ली थी और उसने अद्वैत को काफी परेशान किया। अद्वैत ही उसे घर छोड़कर गया था कल रात।

मगर जैसे ही राशि ने उसकी बात सुनी वो शर्म के मारे मर जाना चाहती थी क्योंकि उसे याद आया कि उसने उसे कल गाल पर किस कर आई लव यू कहा था। सुबह जब उसे ये सब याद आया था तब उसने सोचा था कि ये सब उसका सपना है मगर सच जानकर उसकी सांसें अटकी हुई थी।।

उसकी दिल सोच-सोच कर उछल रहा था कि उसकी बात सुनकर अद्वैत उसके बारे में क्या सोच रहा होगा। वो सोचते हुए बोली- वो पक्का हमपे बहुत ज्यादा भड़के होंगे। उन्हें तो वैसे ही हम पसंद नहीं है। ऊपर से हम..? हमने तो सिधा उन्हें..... सोचते हुए उसका चेहरा लाल हो गया।

राशि आप एक नंबर की गधी,उल्लु, पागल हैं।क्या जरूरत थी उल्टी- सिधी ड्रिंक पिने की? और अगर पी भी लिया तो क्या जरूरत थी अपना मुंह खोलने की। पता नहीं वो हमारे बारे में क्या सोचते होंगे!!😔😔

राशि में सब सोच ही रही की उसके कमरे का डोर नॉक हुआ। उसने पिल्लों साइड में रखा और जाकर दरवाजा खोला तो वहां उसकी मां खड़ी थी। देखने से लग रहा था मानों वो कहीं जाले वाली थी।

सरस्वती जी उसे देखकर बोली- मैं मल्लिक हाउस जा रही हूं। क्या तुम चलना चाहोगी?

राशि ने जल्दी से ना में गर्दन हिलाती है और बोली- No mumma. You go, I'm not coming.

सरस्वती जी- हो सकता है मुझे लेट हो जाए तो अपना ध्यान रखना। मैंने खाना फ्रिज में रख दिया है। गर्म करके खा लेना।  आर्यन, आयुष्मान को बाहर लेकर गया। वो दोनों शायद ही घर लौटेंगे। तो तुम अपना ख्याल रखना।

कहकर उसके सर को सहलाया और निचे जाने लगी फिर रूककर बोली- तुम निचे चलकर दरवाजा बंद कर लो क्योंकि सर्वेंट्स को मैंने छुट्टी दे दी है। तो अभी घर पर सिर्फ़ तुम हो। क्या अब भी यहीं रहना चाहोगी?

राशि मुंह फुलाकर- हमें कहीं नहीं जाना है। 

सरस्वती जी निचे जाते हुए- तो चलो चलकर गेट लगा लो और किसी भी अनजान के लिए दरवाजा मत खोलना। राशि उनकी बात में हां मिलाते हुए उनके साथ निचे आ गई।

उनके जाने के बाद उसने गेट बंद किया और जाकर हॉल में टीवी के सामने बैठ गई और गाने वाला चैनल लगाकर डांस करने लगी ताकि उसका ध्यान पिछली रात के ख्यालों से हट सके।।

बनारस,
      रात के करीब नौ बजे श्रुति अंगड़ाई लेते हुए उठी। उसने टेबल पर रखे फ़ोन पर टाइम देखा और उठकर वॉशरूम में जाकर फ्रेश होकर बाहर आई। उसने अपने बालों को समेटकर रबरबैंड लगाया फिर अपने लिए कॉफी ओर्डर किया और अपने बैग से एक स्केच बुक और पेंसिल निकाल कर उसपर कुछ स्केच बनाने लगी।

कुछ देर बाद उसके डोर पर नॉक सुनाई दी। उसने एक पेंसिल अपने बालों में फंसाया और अपने हाथ में पकड़ी पेंसिलस को साइड में रखकर डोर खोलने चली गई।।

उसने डोर खोला तो सामने एक लड़की अपने हाथ में एक ट्रे के साथ खड़ी थी। उसने बिना ध्यान दिए एक कॉफी कप उठाया और डोर को सटाकर वापस अपने कमरे में चली गई।

उसके जाने के बाद सामने वाल कमरे काेे डोर  खुला और इशान ने उस लड़की को देखा फिर कॉफी का दूसरा कप उठाकर उसे थैंक यू बोला। उसके सर में दर्द हो रहा था जिसके चलते उसने एक स्ट्रोंग ब्लैक कॉफी मंगाई थी। उसने फोन में देखते हुए एक सिप लिया और मुश्किल से उसे गले से उतारते हुए एक नज़र कप में रखे कॉफी को देखा फिर उस कप को ट्रे में वापस रखकर उस वेट्रेस से बोला- ये मेरा ओर्डर नहीं। मैंने तो स्ट्रोंग ब्लैक कॉफी मंगाई थी।।

वो लड़की कुछ कहती उससे पहले ही श्रुति ने वापस से अपने रूम का दरवाजा खोला और उस लड़की की ट्रे में वो कप रखकर दूसरा वाला उठाकर बोली- ये इस कॉफी का कलर ब्लैक है। ये मेरा ओर्डर नहीं है।

(दूसरे कप को ट्रे से उठाकर) ये क्रिम वाली मेरी है कहते हुए उसने एक सिप लिया और उस लड़की से बोली- वाव! ये बहुत अच्छा है। थैंक यू, कहकर अपने कमरे में चली गई। इस बिच उसने इशान को एक बार देखने तक की जहमत नहीं उठाई जिसका चेहरा इस वक़्त देखने लायक था।🤣

वो लड़की भी स्पीचलेस थी। उसे ये कहने तक का मौका नहीं मिला की वो कॉफी जूठी थी। उसने इशान को देखा जो अब भी हैरानी से श्रुति के रूम केे बंद डोर की तरफ देख रहा था।

वो उसके तरफ कॉफी कप बढ़ाते हुए बोली- सर हेयर इज योर कॉफी.... उसके इस सेंटेंस ने माहौल को और ऑक्वर्ड कर दिया था। ईशान उसे ऐसे देख रहा था मानों कह रहा हो- क्या चाहती हो उसने जैसे बिना जाने- समझे मेरी जूठी कॉफी पी ली... मैं भी वही चिज़ जानबुझकर दौहराऊं?

उस लड़की ने उसकी बात समझते हुए कहा- सर, मैंम ने कॉफी जूठी नहीं की...क्या आपने सुना नहीं? उन्होंने क्या कहा कॉफी के बारे में...?

ईशान ने उसके शब्दों को याद किया फिर कप को अच्छे से चेक करके उसे उठा लिया। दरअसल वो लिपस्टिक का निशान देख रहा था । पूरी तरह से चिस्नत हो जाने के बाद वो कॉफी का एक सिप लेते हुए दरवाजा बंद कर लिया।

वो वेट्रेस जाने लगी तभी वापस से दरवाजा खोलकर श्रुति बोली- सुनो ना...एक्टुअली वो मैंने कभी वो वाली कॉफी पी नहीं थी, इसलिए मैंने उसे टेस्ट किया था और कसम से बहुत कड़वा था। फिर अपने होंठ थोड़ा काटते हुए- तो वो जूठी कॉफी किसी को मत देना... कहकर जल्दी से डोर बंद कर दिया...उसे डर था की वो लड़की उसके बार-बार की गड़बड़ी से उसपर भड़क ना जाए।

वहीं वो लड़की श्रुति की बात सुनते ही सर पर पैर रखकर भागी। वरना अगर गलती से इशान को ये पता चल जाता और उसके मैनेजर तक अगर बात पहुंच जाती तो उसकी नौकरी चली जाती।

वहीं बेचारा ईशान इस भ्रम में था की अगर श्रुति ने कप जूठी की होती तो उसके लिपस्टिक का मार्क जरूर होता, या वो बता तो देती ही।

दूसरी तरफ,
कपूर हाउस,
                   रात के दस बज रहे थे। टीवी देखते-देखते पता ही नहीं चला कब राशि की आंख लग गई थी। डोर बेल की आवाज़ सुनकर वो हड़बड़ा कर उठ बैठी। उसने टाइम देखा और सोचा- मम्मी को इतना लेट हो गया और ये निंद....😖

वो अपनी आंख मसलते हुए उठी और जाकर दरवाजा खोलते हुए बोली- आप इस वक्त आ रहे हो आपको पता है क्या टा.....बोलते हुए उसने अचानक सामने देखा तो उसकी बोलती बंद हो गई ।

To be continued.......