Hero - 7 in Hindi Adventure Stories by Ram Make books and stories PDF | Hero - 7

Featured Books
Categories
Share

Hero - 7

और उसके दोनों ब्लेड पीले और संतरी रंग के थे। वह हथियार देखने में बहुत डरावना लग रहे थे। जतिन के एक हाथ मे lime sword और दूसरे हाथ में jackal dual blade fire axe होती है। तभी जतिन चिल्लाते हुए कहता है। "तुम्हारा ही इंतजार कर रहा हूं।" फिर जतिन एक हाथ से lime sword और एक हाथ से jackal dual blade fire axe चलाते हुए। उनको हमले को रोक रहा था। और कभी कबार उन पर हमला कर रहा था। उनके हमले जतिन पर कुछ भी असर नहीं हो रहा थे। इसे देखकर सब सियार जोर से howling करते हैं। और लाल आग से जलने लग जाते हैं। जो उनकी fire flame होती है। फिर विनय कहता है। "अब यह stage-2 के level 1 के जानवर के है जितने ताकतवर हो गए हैं। अब इस पूरे झुंड को हराना नामुमकिन है। 

हमें उनसे बचने के लिए उन्होंने अपने से दूर रखना होगा।" तभी अरुण विनय से पूछता है। "यह कैसे किया जाए विनय।" तभी विनय कहता हैं। "यहाँ हमें अपनी flame को चलाना होगा। और अपने विंड फ्लो को बढ़ाना होगा। जिससे ये हम से थोड़ी देर के लिए दूर रहे। और हम जीवित रह सके।" विनय की बात सुनकर अरुण अपनी green flame यानी wind flame मे जलने लग जाता है। तभी विनय भी wind flame में जलने लग जाता हैं। और दोनों अपने विंड फ्लो को बढ़ा देते हैं। फिर जतिन भी अपनी फायर फ्लेम को जलने लग जाता है। जिसमें उसकी jackal dual blade fire axe भी जलने लगती है। और उसकी lime sword ब्राउन flame से जलने लग जाती है। 

फिर जतिन उन पर अपनी full strength हमला करना शुरू कर देता है। फिर सियार भी अपने मुंह से आग और आग के गोले जतिन की तरफ़ भगाना शुरू कर देते हैं। फिर जतिन अपनी तलवार से उनके हमलों को रोकता है। और dual blade axe से एक-एक करके सियार को काटना शुरु कर देता है। जिससे जतिन का कवच खून के रंग में रंग जाता है। जैसे जैसे जतिन सियारों को मार रहा था। उसके दिमाग में अनाउंसमेंट प्ले हो रही थी। लेकिन जतिन उन पर गौर नहीं कर रहा था। तभी एक सियार जतिन पर एक आग का गोला मार देता है। जैसे ही वह आग का गोला जतिन को लगता है। जतिन एक पेड़ से टकरा जाता है। जिस सियार ने जतिन पर हमला किया था। वह सियार और सियारों से बड़ा था। वह एक stage-2 के level-2 का सियार था। उस सियार के हमले से जतिन के कवच पर एक बड़ा काला निशान बन गया था। तभी जतिन अपना हेलमेट उतार देता है। और खून की उल्टी करने लग जाता है


। जतिन को लग रहा था। कि उसकी छाती की हड्डियां टूट चुकी है। जतिन का तलवार पकड़ा हुआ हाथ भी काप रहा था। उस हाथ से जतिन तलवार भी नहीं उठा पा रहा था। अब जतिन को लग रहा था। कि उसका अंत आ चुका है। फिर वह सियार धीरे-धीरे जतिन को और बढ़ना शुरू कर देता है। जतिन अपनी मौत को स्वीकार करते हुए अपनी आंखें बंद करता है। तभी जतिन को अपने पापा की बात याद आ गई। तुम्हें अपने परदादा जी की तरह महान बनना है। फिर जतिन को याद आता है कि उसके पापा ने उसे किताब दी थी। जिसका जतिन ने सिर्फ एक ही पेज पड़ा था। जिस पर एक body bust नाम की skill थी। फिर वह सियार जतिन के पास आ जाता है।

और अब जतिन के सिर को अपने मुंह से उखाड़ने के लिए अपना मुंह खोलता है। जतिन अपने अंदर उस skill को दोबारा से पढ़ रहा था। तभी जतिन अपने हाथ से मुक्का बनाता है। उसकी मुट्ठी एक काली फ्लेम के साथ जलने लग जाती है। फिर जैसे सियार का मुंह जतिन के मुंह के पास होता तभी जतिन अपनी आंखें खोलता है। और अपनी काली आग वाली मुट्ठी को उसकी गर्दन पर मार देता है। और चिल्लाता है। "body bust" जतिन के इतना कहते के साथ सियार का शरीर काला पड़ने लग जाता है। और 2 सेकंड बाद उसका पूरा शरीर काला पड़ कर फट जाता है। उस सियार का मास हवा में उड़ जाता है। पूरी जगह में खून फैल जाता है। जतिन के शरीर सियार के पास होने के कारण जतिन का पूरा शरीर सियार के खून से मैं रंग जाता है। जतिन के हेलमेट ना पहनने के कारण जतिन के काले बाल में से लाल खून टपक रहा था। जतिन का मुह भी सियार के खून से लाल था। सियार के फेफड़े, आते आसपास की जगह पर फैल जाते हैं। इस तरह के दृश्य को देखकर दूसरे सियार जतिन से डर जाते हैं। और वे पहाड़ी के अंदर भागने लग जाते हैं। 


जिससे अरुण और विनय के आसपास के सियार भी भाग जाते हैं। फिर जैसे ही विनय और अरुण अपने विंड फ्लैम से बाहर आते हैं। वह जमीन पर गिर जाते हैं। उनके शरीर से उनकी लगभग पूरी ऊर्जा खत्म हो चुकी थी। लेकिन उनमें इतनी ताकत थी। कि वे आराम से चल सके। इसके दूसरी तरफ जतिन सियार को मारने के बाद खून की उल्टी करना शुरू कर देता है। विनय और अरुण जतिन के पास आते हैं। और जतिन से पूछते हैं। "जतिन क्या तुम ठीक हो।" जिस पर जतिन अपनी कापती आवाज में कहता है। "मैंने अपनी ताकत का 70% इस्तेमाल कर लिया है। हमें यहां से जल्द से जल्द emperor shelter पहुंचना होगा।" फिर अरुण कहता हैं। "जतिन क्या तुम अपने आप चल सकते हो।" जिसपे जतिन कहता है। "मेरे पैरों में इतनी जान है। कि मैं खुद इस जैकल माउंटेन को पार कर सकूं।" फिर जतिन लड़खड़ाते हुए खड़ा होता है। फिर विनय जतिन को सहारा देने के लिए उसके पास आता है। जिस पर जतिन कहता है। "विनय रहने दो मैं अपने आप चल सकता हूं।" थोड़ी दूर चलने के बाद उसके सामने कोई आ जाता है। और कहता है। "अब बचकर कैसे जाओगे।" उसे देख कर तीनों का चेहरा पीला पड़ जाता है। 

जिसे देखकर तीनों डर गए थे। वह और कोई नहीं वह रेड आई बीयर था। उन तीनों को देखकर रेड आई बीयर कहता है। "मैं सियारों को शुक्रिया करता हूं कि उन्होंने मेरे भोजन को कुछ नहीं किया।" रेड आई बीयर की बात सुनकर विनय कहता है। "क्या तुमने हमारी और सियारो के बीच लड़ाई देखी हैं।" रेड आई बीयर कहता है। "मैं उस समय आपने आपको जंगली घासों से छुड़ाने मे व्यस्त था।" लेकिन तुम उन  सियारों के झुंड से बच गई। यह तुम्हारे लिए तो बहुत बड़ी बात है। लेकिन तुम्हारी किस्मत खराब थी कि तुम मुझसे दोबारा मिल गए।" रेड आई बीयर की बात सुनकर अरुण कहता हैं। 


"तुम हमसे जब लड़ने आए जब हमारी शक्ति लगभग खत्म हो चुकी है। और तुम अपने आप को ताकतवर कहते हो।" अरुण की बात सुनकर रेड आई बीयर कहता है। "मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता मुझे तो बस तुम्हारी अकड़ तोड़नी है और तुम्हें मार कर खाना है।" जिस पर विनय कहता है। "तुम अपने आप को मैजिकल बीस्ट कहते हो और तुम उसे मारना चाहते हो जिसके पास उसकी सारी शक्तियां खत्म हो चुकी हैं। तुमने मैजिकल बीस्ट का नाम डुबो दिया है।


" तभी जतिन अपनी कांपती हुई आवाज में कहता है। "इसे मारने के लिए ताकत की जरूरत नहीं है।" जिस पर वे रेड आई बीयर कहता है। "इतना घमंड वैसे भी मुझे घमंड तोड़ने में बड़ा मजा आता है। और तुम्हारा घमंड तोड़ना तो मेरा एक सपना बन गया है अब इसलिए आज तुम्हारे घमंड को तोड़कर मैं अपने सपने को पूरा करूंगा।" फिर जतिन कहता है। "सपने सपने में पूरे हो सकते हैं। हकीकत में तो लक्ष्य ही पूरे हो सकते हैं।" जिस पर वह रेड आई बीयर कहता है। "तो बताओ मुझे तुम मुझे बिना शक्तियों के कैसे हराओ गे।" फिर जतिन हँसता है। और अपने धीमी आवाज में कहता है। "anger wolf" जतिन को इतना कहने के बाद पूरा मौसम बदल जाता है। चारों तरफ गहरे काले बादल छा जाते हैं और बादलों के बीच एक चांद दिखाई देता है। उस चांद के ऊपर एक भेड़िया बैठा हुआ होता है। वह बेड़िया जैसे ही चांद पर से कूदता है। तभी जतिन के पीछे एक lime colour की बिजली गिरती हैं। जैसे ही बिजली की चमक गायब होती है। तो जतिन के बगल मे एक भेड़िया बैठा हुआ मिलता है। जो की lime colour का होता हैं।


तभी जतिन उस बेड़िये से कहता हैं। "lime फ्लेम अटैक" जतिन की बात सुनकर वह बेड़िया अपना मुंह खोलता है। और अपने मुंह से lime कलर की flame को भालू की तरफ़ भगा देता है। अपनी तरफ भड़ते हुए हमले को देखकर भालू की अपनी blue flame मे जलने लग जाता है। फ़िर वह भालू भी उसी दिशा में अपनी ब्लू फ्लैम भगा देता है। जिससे दोनों फ्लैम आपस में टकरा कर खत्म हो जाती हैं। फिर जतिन कहता है। "super speed claw" अटैक। तभी वह बढ़िया अपने तेज रफ्तार से उस भालू की तरफ बढ़ता है। और उस भालू के ऊपर अपने तेज पंजो से वार करना शुरू कर देता है। लेकिन उस भालू की चमड़ी बहुत मोटी होती है जिस कारण उसको इस हमले से ज्यादा परेशानी नहीं हो रही थी। तभी वह भालू उस भेड़िये को अपने मुंह से पकड़ कर भगा देता है। तभी भालू जतिन की तरफ देखते हुए कहता है। "क्या कुछ और है तुम्हारे पास।" जिस पर जतिन कहता है "अभी तो शुरुआत हुई है। और अब समय आ गया है। तुम्हें रूबरू कराने का मेरे एक और नए पालतू जानवर से चलो killer eagle अपना जलवा दिखाओ।" तभी आसमान में से एक बाज के चिल्लाने की आवाज आती है। नीचे से देखने में वह बाज़ बहुत छोटा लग रहा था। लेकिन जैसे ही वह जतिन के बगल में आकर खड़ा हुआ। वह बात बहुत बड़ा लग रहा था। वह बाज़ तकरीबन 12 फुट तक लंबा था। और जब वह अपने पंख फैला ता था तो उसके पंख लगभग 3 से 3.50 मीटर तक फलते थे। अपने भेड़िए को भी बुला लेता है। और कहता 

"anger wolf power blast killer eagle मार डालो इसे।" जतिन के कहता के साथ वह भेड़िया अपने मुंह में शक्तियों को बढ़ाने लग गया और वह शक्ति आ एक बॉल में बदल गई। तभी वह बेड़ियाँ अपने मुंह की बोल को उस भालू की तरफ भगा देता है। जैसे ही भालू को वह बोल लगती है। वहां पर एक 4 मीटर गहरा गड्ढा बन जाता है। जिसमें वह भालू अभी भी खड़ा था। लेकिन तभी एक बाज़ भालू के ऊपर अपने पंजों से उस पर वार करता है। और उसे अपने पंजों से पकड़ कर हवा में उड़ा ले जाता है। काफी ऊंचाई पर पहुंच जाने के बाद वह बाज़ उस भालू को छोड़ देता है। जिससे वह भालू तेजी से जमीन पर उसी गड्ढे मे गिरता है। इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद उस भालू की पैरों की हड्डियां टूट जाती हैं। फिर वह बाज़ उस गड्ढे के ऊपर तीन बार गोलाकार रूप में घूमता है। फ़िर भालू के सिर मे अपनी चोच को मारता है। जिस कारण उस भालू के सिर में से खून निकलने लग जाता है। 


फिर वह बाज़ उस भालू के बगल में जाकर खड़ा हो जाता है। वह भालू अपने ऊपर हुए हमलों के कारण दर्द में करा रहा होता है। लेकिन वह बाज़ बिना किसी दया के उस भालू को जिंदा खाने लग जाता है। इस तरह का दृश्य देखकर विनय और अरुण को उल्टी पड़ जाती है। विनय और उनके इस तरह की स्थिति को देखकर जतिन बाज और भेड़िए को वापस बुला लेता है। फिर जतिन उस गड्ढे के पास जा कर देखता है। तो वह देखता है कि उस बाज़ ने उस भालू के सिर को खा लिया था। और उसका शरीर ऐसे ही वहां पर पड़ा हुआ था। जतिन कहता है। मैंने कहा था सपने सिर्फ सपने में ही पूरे हो सकते हैं।

Magical beast red eye bear killed

sky flame - 8.9%

element ball प्राप्त करे

power - super strength & protection

अपनी अनाउंसमेंट को सुनने के बाद जतिन अपने जेब से एक चाकू निकलता है और अपनी कलाई को काटने की कोशिश करता लेकिन उसकी कलाई उस चाकू से नहीं कटती है। जिसे देखकर जतिन बहुत खुश हो जाता है। और फिर अपने जेब से मैजिक pearl निकालता है। और उसे उस भालू के शरीर पर फेंक देता है। वह मैजिक pearl जैसे ही उस भालू के शरीर पर गिरता है। तो वह उसकी शक्तियों को अपने अंदर समाहित करने लग जाता है। जिस कारण वह तेज नीली रोशनी में चमकने लग जाता है। फिर विनय जतिन से पूछता है


। "जतिन तुम क्या करने की सोच रहे हो।" फिर जतिन कहता है। "मैं इस भालू की शक्तियों को absorb करके अपनी ख़तम हुई शक्तियों को दोबारा बनाने की कोशिश कर रहा हूं।" जिस पर विनय कहता हैं। "जतिन इसमें बहुत खतरा है। तुम्हारा शरीर अभी इतना ताकतवर नहीं है। जो तुम इस मैजिकल बीस्ट की शक्तियों को संभाल सको। और इसमें तुम्हारी जान भी जा सकती है।" विनय की बात सुनकर अरुण कहता है। "हा जतिन कुछ ऐसा मत करना जिससे तुम्हारी जान को खतरा हो।" अरुण और विनय की बात सुनकर जतिन कहता है। "

मुझ पर विश्वास रखो मुझे कुछ नहीं होगा।" और तभी जतिन उस मैजिकल pearl को अपने हाथ में लेकर अपनी मुट्ठी बीच लेता है। फिर तभी उस मैजिकल pearl में से वह शक्ति जतिन के शरीर में जाना शुरु कर देती है। वह शक्ति जतिन को शरीर में जैसे-जैसे बढ़ती है। तो जतिन उसकी उर्जा को सहन नहीं कर पाता जिस कारण जतिन चिल्ला देता है। जतिन इतनी जोर से चिल्लाता है। कि पूरी पहाड़ी में जतिन की आवाज गूंज जाती है। अरुण और विनय जतिन को इतना दर्द में देखकर चिलाकर कहते हैं। "जतिन उस मैजिकल pearl को फेंक दो।" लेकिन तभी जतिन के शरीर से एक रोशनी निकलती है। और वह पूरे क्षेत्र में फैल जाती है। तभी विनय जोर से चिल्ला कर कहता है "नहीं।"




तभी जतिन के शरीर से एक रोशनी निकलती है। और वह पूरे क्षेत्र में फैल जाती है। तभी विनय जोर से चिल्ला कर कहता है "नहीं।" अरुण विनय से जल्दी में पूछता हैं। "विनय क्या हुआ? " जिस पर विनय कहता है। "वही हुआ जिसका डर था। " फिर अरुण पूछता हैं। "ऐसा क्या हुआ? " जिस पर विनय कहता है। "जतिन के शरीर में बिल्कुल भी ताकत नहीं थी। और वह अपने शरीर के अंदर मैजिकल बीस्ट की शक्ति के जरिए अपने शरीर को ठीक कर रहा था। और उस मैजिकल बीस्ट की शक्तियों में विस्फोट हो गया। जिस कारण शायद जतिन की मौत हो गई है। जिस पर अरुण कहता है। "नहीं विनय नहीं यह नहीं हो सकता कह दो यह झूठ है।" जिस पर विनय कहता हैं। "काश मे यह कह सकता" विनय के कहते के साथ वह रोशनी ऐसे गायब हो गई। 


जैसे तेज़ बारिश अचानक रुक जाए। तभी विनय और अरुण जतिन की तरफ़ दोड़ना शुरु कर देते है। जब वे वहा पर जाकर देखते है। तो उन्हे जतिन वहा जमीन पर गिरा मिलता है। अरुण जल्दी से जाकर जतिन को उठाने की कोशिश करता है। लेकिन जतिन उससे नहीं उठता है। फिर अरुण जतिन से पूछता है। "जतिन क्या तुम ठीक हो?" जिस पर जतिन कहता हैं। "हाँ में ठीक हूँ। तुम चिंता मत करो।" इतना कहते के साथ जतिन के नाक और मुहं से खून निकलने लगता हैं। फिर जतिन को सास लेने में दिक़्क़त हो रही थी। जिससे जतिन अपना मुह खोलकर सास लेने लगता है। जिस कारण जतिन और ज्यादा खून की उल्टी करने लग जाता है। अरुण और विनय जतिन को इस हाल में देखकर चिंतित हो जाते हैं।


जतिन की आंखें धीरे धीरे बंद होना शुरू हो जाती हैं। अरुण यह देख कर डर जाता है। वह जल्दी से जतिन के हाथ को पकड़कर या देखता है कि जतिन की नब्ज कैसे चल रही है। जैसे ही मैं जतिन के हाथ को हाथ लगाता है। तो उसे बर्फ को छूने के जैसा एहसास होता है। और फिर अरुण जतिन कि नब्ज को देखता है। जतिन की नब्ज धीरे-धीरे कम हो रही थी। तभी अरुण की आंखें भर आती है। और वह जल्दी से जतिन के हाथ को अपने दोनों हाथों के बीच में रखकर मसलने लग जाता है। अरुण को इस तरह का व्यवहार करते देखकर विनय अरुण से जल्दबाजी मे पूछता है। "अरुण जतिन को क्या हुआ?"

फिर जैसे ही अरुण विनय की तरफ देखता तो उसकी आंखों में से आंसू गिर जाते हैं। और विनय से कहता है। "जतिन का पूरा शरीर ठंडा पड़ रहा है। और इसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है।"


अरुण की बात सुनकर विनय जहां खड़ा हुआ होता है। वहीं पर ही अपने घुटनों के बल गिर जाता है। लेकिन जैसे तैसे कर के विनय आपने होश समालता है। और जतिन के पास जाकर उसके हाथ और पैर मसलने लग जाता है। और फिर जतिन से कहता है। "जतिन तुम चिंता मत करो मैं तुम्हें कुछ नहीं होने दूंगा।" विनय की बात सुनकर जतिन अपनी अध मरी हालत में कहता है। "अरुण, विनय रोओ मत। मुझे कुछ नहीं हुआ।" इतना कह तेरे साथ जतिन की आंखें बंद हो जाती है और उसकी गर्दन दम तोड़ देती है। जतिन की इस हालत को देखकर अरुण अपनी दुख भरी आवाज में कहता है। 



"जतिन जतिन अपनी आंखे खोलो अपनी आँखें खोलो जतिन तुम हमें इस तरह ऐसे छोड़कर नहीं जा सकते अपनी आँखें खोलो जतिन ऐसे मजाक मत करो मुझे पता है तुम मजाक कर रहे हो अपनी आंखें खोल जतिन जतिन अपनी आंखें खोलो।" अरुण के इस तरह के व्यवहार को देखकर विनय अरुण के पास जाता है और कहता है। "अरुण अपने आप को संभालो जतिन अब हमारे बीच में नहीं रहा इस सच को स्वीकार करो।" इतना कहकर विनय भी रोने लग जाता है। विनय की बात सुनकर अरुण कहता है। "जतिन उठो देखो विनय क्या कह रहा है। इसको उठकर यह बताओ कि जो कह रहा हूं वह सब झूठ है। जतिन उठो ना।"

फिर विनय अरुण के कंधे पर हाथ रखकर कहता है। "अरुण अपने आप को संभालो।" फ़िर जतिन का पूरा शरीर एक पानी के गुब्बारे में परिवर्तित होने लग जाता है। फिर जब जतिन का पूरा शरीर एक पानी के गुब्बारे में परिवर्तित हो जाता है। तो जतिन को शरीर फट जाता है। जतिन के शरीर को फटता हुआ देखकर अरुण चिल्ला कर जतिन का नाम लेता है। फिर अरुण और विनय दोनों रोने लग जाते हैं। जतिन के शरीर के फटने के बाद में वह पानी अब दुबारा से इकट्ठा होना शुरू हो जाता है। ।।।


अरुण और विनय यह सब होते हुए रोते रोते देख रहे थे। थोड़ी देर के बाद वे सभी पानी की बूंदे दोबारा से इकट्ठा हो जाती हैं। पानी की बूंद एक इंसान की आकृति को बनाते हैं। और वह आकृति पूरा होने के बाद वह पानी गायब हो जाता और वहां पर एक इंसान खड़ा हुआ होता है। उस इंसान को देखकर अरुण और विनय दोनों ही चौक जाते हैं। क्योंकि वह इंसान और कोई नहीं खुद जतिन था। फ़िर जतिन कहता है। "अरुण कुछ ज्यादा ही प्यार करते हो अपने दोस्त से" इतना कहकर जतिन हँसने लग जाता है। जतिन को सही सलामत पाकर दोनों खुश जाते हैं। और फिर दोनों जतिन से जाकर गले लगते हैं। उन तीनों को देखकर ऐसा लग रहा था। जैसे बचपन के दोस्त कई सालों बाद जाकर मिले हो। जतिन कहता है। ।।।"अरे बस बस अब क्या जान से मारने की planning है क्या।" जतिन की बात सुनकर दोनों जतिन को छोड़ देते है। और अपने आंसू पूछ कर हँसने लग जाते हैं। और फिर अरुण जतिन से पूछता है। "जतिन अब कैसा महसूस कर रहे हो।" इसके जवाब में जतिन कहता है। "अब मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। और मेरी सारी शक्तियां भी वापस आ चुकी है। और सबसे बड़ी खुशी में level up भी कर चुका हूं।

जिसे सुनकर विनय हैरानी में पूछता है। "मतलब जतिन अब तुम level-2 के हो चुके हो।" इसके जवाब में जतिन अपनी गर्दन को सिर्फ हाँ मे हिलाता है। तभी विनय हैरानी से जतिन से पूछता है। "तुमने इतने बड़े पावर ब्लास्ट को कैसे झेल लिया।"

जिसके उत्तर में जतिन कहता है। " मैं जब उस रेड आई बीयर की शक्तियों को absorb करके अपने आप को ठीक कर रहा था। रेड आई बीयर की शक्ति बहुत ताकतवर थी। और मेरा शरीर उस समय बहुत कमजोर था। जिस कारण फिर मैंने अपने पांचों तत्वों की शक्ति को मिला दिया।  और फिर मेरे पास तो तत्वों की शक्ति उस शक्ति को मिलकर दबा रहे थे। 


जिस कारण वह विस्फोट हुआ। मेरी शक्तियों के बढ़ने के कारण मेरी वह हालत हुई थी। इसी कारण मेरे शरीर ने अपने आप ही मेरी water flame का इस्तेमाल कर मेरे शरीर की सभी चोटों को ठीक कर दिया।" जतिन की बात सुनकर अरुण कहता है। "जतिन तुमने तो हमें बिल्कुल डरा ही दिया भाई" अरुण की बात सुनकर विनय भी कहता हैं। "हा emperor अरुण बिल्कुल सही कह रहा है।" फिर जतिन कहता है। "मैने तुमसे कहा था तुम चिंता मत करो लेकिन तुम कहा मेरी मानने वाले थे।


" फिर अरुण कहता हैं। "हा तो क्या हुआ आगे से तेरा बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखूँगा।" फिर जतिन हँसते हुए अरुण से कहता हैं। "सालों मेरी जान हो तुम" जिससे तीनों फ़िर आपस मे गले लगते है। फिर जतिन दोनों की कमर के ऊपर हाथ रख कर दोनों के शरीर में शक्ति बेच देता है। जिससे उनकी ख़त्म हुई शक्ति वापस आ जाती है। दोनों से जतिन को शुक्रिया कहते हैं। फिर जतिन कहता है। "मैं अपना अधूरा काम पूरा कर लेता हूं।" जिसपे विनय और अरुण दोनों पूछते हैं। "कौन सा काम?"

अरुण और विनय के सवाल का जवाब देते हुए जतिन कहता है। "मेरे पीछे आओ।" जिसके बाद दोनों जतिन के पीछे चलना शुरू कर देते हैं। फिर जतिन सियारों की लाश के पास जाकर रुक जाता है। और फिर उन्हें इकट्ठा करना शुरू कर देता है। जिस पर विनय पूछता है। "जतिन यह क्या कर रहे हो।" फ़िर जतिन कहता हैं। "इन्हें इकट्ठा करने में मेरी मदद करो फिर बताता हूं।" जिस पर अरुण और विनय दोनों जतिन की बात सुनकर सियारों की लाश को एक जगह पर इकट्ठा करना शुरू कर देते हैं। वे सभी लाशें कम से कम 20 या 22 थी। और उन सभी लाशों के एक जगह पर इकट्ठा होने के बाद। जतिन उनके ऊपर अपने मैजिकल pearl भगा देता है। जिससे उन सभी की शक्तियां मैजिकल pearl में समाना शुरू हो जाती हैं। थोड़ी देर बाद वह मैजिकल पर्ल अपने अंदर सभी की शक्तियों को absorb कर लेता है। फिर जतिन उस मैजिकल पर्ल को उठाकर अपनी मुट्ठी में लेता भीच लेता है। फ़िर वह मैजिकल पर्ल एक लाल रोशनी को जतिन के माथे पर छोड़ता है। जिससे वह रोशनी जतिन के माथे से होकर पूरे शरीर में फैल जाती है। अब जतिन को अपने शरीर में गर्मी महसूस हो रही थी। जैसे-जैसे समय बीतता गया जतिन का शरीर गर्म होता गया। तकरीबन 10 मिनट बाद वह मैजिकल पर्ल रुक जाता है। फिर जतिन का शरीर लाल रोशनी से जलने लग जाता है। फिर जतिन के सिर में एक अनाउंसमेंट प्ले होती है।

stage 1 - lime wolf flame

level 2 - super human

(super human to ultra human - 3%) 

Fire flame - 37.4%

अपनी फायर फ्लेम में 4% की बढ़ोतरी देखकर जतिन बहुत खुश होता है। फिर वह अपनी फायर फ्लेम को अपनी हथेली पर बुलाता और अपने सामने एक एक पेड़ के ऊपर अपनी 5% शक्ति से हमला कर देता है देता है। लेकिन जैसे ही वे फ्लैम उस पेड़ से टकराती है। तो वह पेड़ टूटकर जमीन पर गिर जाता हैं। और उसमें आग लग जाती है। जतिन अपनी इस तरह की शक्ति को देखकर बहुत खुश हो जाता है। फिर जतिन विनय और अरुण से कहता है। "तुम दोनों अपनी पावर स्टेट्स स्क्रीन को show करो। मैं तुम दोनों को एक तोहफा देना चाहता हूं।" जिस पर विनय पूछता है। "किस तरह का तोहफा।" जिस पर जतिन कहता है। "हर बात पर question क्यों पूछते हो तुम दोनों।" जिस पर अरुण कहता है। "मैंने कुछ नहीं पूछा।" फिर जतिन कहता है। "जो मैंने कहा वह करोगे।" जतिन के बाद सुनकर दोनों अपनी पावर स्टेटस स्क्रीन को show करते हैं। दोनों की स्क्रीन देखकर फिर जतिन अपनी पावर स्टेटस स्क्रीन को शो करता है। और फिर उसमें से एक - एक jackal dual blade fire axe दोनों की स्क्रीन में शेयर कर देता है। फिर दोनों की स्क्रीन में वह हथियार add हो जाता है। जिसे देखकर विनय और अरुण दोनों कहते हैं। 


"वाह क्या हथियार हैं।" फिर अरुण जतिन से पूछता है। "जतिन यह हथियार तो फायर फ्लेम है। और हमारे पास विंड फ्लैम है। तो क्या में इस हथियार का इस्तेमाल कर सकते हूँ।" जिस पर जतिन कहता है। "इसका उत्तर तो तुम्हें विनय ही दे सकता है। मैं तो हर तरह के हथियार इस्तेमाल कर सकता हूं।" जतिन को इतना कहने के बाद अरुण विनय की तरफ देखता है। और अरुण को देखकर विनय कहता है। "हम इस हथियार का इस्तेमाल तो कर सकते हैं। लेकिन हम इसकी फायर फ्लेम को एक्टिव नहीं कर सकते। इसी कारण हम इसके 60% शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। और अगर हम अपनी विंड फ्लैम को एक्टिव करके इसका इस्तेमाल करते हैं। तो शायद कम से कम हम 70% इसकी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।" फिर अरुण उस हथियार को बुलाकर पास के एक चट्टान के ऊपर मार देता है।


उस डुअल ब्लेड एक्स के हमले से वह चट्टान दो भागों में बट जाती है। जिसे देखकर अरुण हैरान रह जाता और कहता है। "इसकी 40% शक्ति इतनी मोटी चट्टान को आराम से काट सकती है। जैसे कोई मक्खन हो।" अरुण की बात सुनकर विनय कहता है। "यह dual blade axe बहुत ही कम लोगों के पास होगी।" तभी अरुण विनय से पूछता है। "ऐसा क्यों।" जिसके जवाब में विनय कहता है। "ऐसा इसलिए है क्योंकि यह सियार हमेशा झुंड में होते हैं। और कोई भी stage-1 का बंदा यहां पर आकर अपनी जान को जोखिम में नहीं डालना चाहता। और stage-2 वाले सोचते हैं। इस से मिलने वाला हथियार बहुत कमजोर होगा। इसी कारण वे इसका शिकार नहीं करते और आज तक मैं भी यही सोचता था। 


लेकिन आज इसके इस तरह के प्रदर्शन को देखकर मैं यह आसानी से कह सकता हूं कि एक stage-2 के level 1 के इंसान को आसानी से धुल चटा सकता है। हां लेकिन यह उसको मारना पाए। लेकिन इससे हम उसको एक कड़ी टक्कर दे सकता है।" विनय की बहुत सुनकर जतिन कहता है। "अगर हम इन्हें बेचे तो यह कितने में बिक सकते हैं।" जिस पर विनय कहता है। "इसे हम कम से कम 1.5 से 2 लाख के बीच में भेज सकते हैं।" विनय की बात सुनकर जतिन कहता है। "यह मेरे पास अब 18 हैं। अगर मे इन्हे बेचू तो।" जतिन की बात सुनकर विनय कहता है। "emperor इनमें से आठ तो मैं ही खरीद लूंगा। क्योंकि यह हमारे emperor shelter के लिए बहुत काम आएंगे।" जिस पर जतिन कहता है।





"नहीं अगर हम उन्हें खरीद कर देंगे तो हमें किसी भी प्रकार का कोई लाभ नहीं होगा। हमें किसी ऐसे तरीके से उनको ये हथियार बेचने होगें जिससे हमें भी लाभ हो।" जिस पर विनय पूछता है। "ऐसा कौन सा तरीका हो सकता है।" फिर जतिन पूछता है। "अगर हम एक जोड़ी dual blade axe को बेचे तो कितने मे बिक जाएगी।" जिस पर विनय कहता हैं। "


कम से भी कम 4 लाख मे तो बिक ही जाएगे।" विनय की बात सुनकर जतिन कहता है । एक जोड़ी dual blade axe को हम emperor shelter मे बेचेंगे 3 लाख में और बाहर बेचेगे 3 लाख 75 हजार में लेकिन उसके लिए हमें इसे इस तरह से बेचना होगा। ताकि किसी को पता ना चले कि यह कौन बेच रहा है।" जिस पर विनय कहता हैं। "emperor इसकी जिम्मेदारी तुम मुझ पर छोड़ दो।" जिस पर जतिन कहता है। "ठीक है।" "विनय लेकिन यह काम थोड़ा संभलकर करना।" जिस पर vinay कहता है। "emperor तुम चिंता मत करो।


" तभी अरुण कहता है। "जतिन अब वापिस चलें।" जिस पर जतिन कहता हैं। "अभी कहां जिस काम के लिए आए हैं वह काम तो कर ले पहले।" जतिन की बात सुनकर अरुण कहता है। "मतलब तुम अब भी काले कोवो का शिकार करने की सोच रहे हो।" जिस पर जतिन अपनी गर्दन को हाँ मे हिलाता है। फिर जतिन कहता है। "काले कोवो का शिकार करने के बाद हमें एक और काम करना है।" जिस प र विनय और अरुण दोनों पूछते हैं। "कौन सा काम?" जिस पर जतिन कहता हैं। "यहां से जाने के बाद बताता हूं।"

जतिन अरुण की बात सुनकर कहता हैं। "काले कोवो का शिकार करने के बाद हमें एक और काम करना है।" जिस पर विनय और अरुण दोनों पूछते हैं। "कौन सा काम?" जिस पर जतिन कहता हैं। "यहां से जाने के बाद बताता हूं।" जिस पर विनय कहता है। "तो चलो काले कौवा को भी अभी लपेट देते हैं।" जिस पर जतिन कहता हैं। "जल्दी का काम हैवान का होता है।" जिस पर अरुण कहता है। "जतिन हैवान का नहीं शैतान का।" अरुण की बात सुनकर जतिन अपनी आइब्रो को ऊपर करते हुए कहता हैं। "वह तो मुझे मालूम है। वह तो मैं ऐसे ही कह रहा था।" जतिन की बात सुनकर अरुण कहता हैं। "ओह... हैवान साहब अभी ये बता दो कि आज की रात हम कहां रुकेंगे।" जिस पर जतिन कहता है। "इसी जंगल में।" जतिन की बात सुनकर विनय कहता है।


"emperor क्या तुम पागल हो गए हो। हम इस जंगल में आज रात यहाँ रुकेंगे। क्या वे जंगली सियार हमें जिंदा छोड़ देंगे। हम पर दोबारा हमरो नहीं करेंगे। क्या तुम्हें यह लगता है यह जगह हमारे लिए सुरक्षित है। यह जगह सिर्फ जंगली सियारों के लिए बनी है। और हमें उन्हें कम नहीं आंकना चाहिए। वह कभी भी कहीं से भी हमला कर सकते हैं और कैसे भी। मुझे नहीं लगता यह जगह हमारे लिए सुरक्षित है।" जिस पर जतिन मजाक करते हुए कहता हैं। "ओह... प्रभूदेव बोले भाई। हम भी सोचे की हमारे प्रभु देव अब तक शांत कैसे हैं। क्योंकि इनको अपनी सारी भड़ास एक साथ ही निकालनी थी। और निकालो और निकालो।" जिस पर विनय कहता हैं। "जतिन मेरा मजाक मत उड़ाओ।" जिस पर जतिन कहता हैं। "मैने कहां तुम्हारा मजाक उड़ाया है। मैंने तो तुम्हारा मजाक बनाया है


।" जिस पर विनय कहता है। "अच्छा जतिन मजाक बहुत हो गया। अब तुम यह बताओ कि हम रुकेंगे कहा।" जिस पर जतिन अपनी आवाज में गंभीरता लाते हुए कहता है। "मैंने तुम्हें पहले बताया था और अब भी बता रहा हूं। हम इसी पहाड़ी यानि jackal माउंटेन पर ही रुकेंगे।" जतिन की बात सुनकर अरुण कहता हैं। "ठीक है। जतिन हम यहाँ रुक जाएंगे। लेकिन हम फिर सोएंगे कहां?" अरुण के बात सुनकर जतिन कहता है। "वह तो मैंने सोचा ही नहीं।" जिस पर अरुण कहता है। "तो हमें अब वापस जाना होगा। वैसे भी हमारे पास इतने हथियार तो हैं ही जिससे तुम्हारा कर्जा उतर जाएगा। और तुम्हारा सूट अपग्रेड हो जाएगा।" जिस पर जतिन कहता हैं। "चलो अब तुम्हें बता ही देता हूं। कि मैं क्या सोच रहा हूं।" जिस पर विनय और अरुण दोनों उत्सुकता से पूछते हैं। "हां बताओ जल्दी बताओ।


" जिस पर जतिन कहता है। "हां बता तो रहा हूं। लेकिन  ऐसे लार तो मत गिराओ।" जिसे सुनकर दोनों अपनी उत्सुकता को कम करते हैं। फिर जतिन कहता हैं। "मैं ब्लॉक माउंटेन पर एक शेल्टर बनाना चाहता हूं।" जतिन की बात सुनकर विनय का मुंह चोड़ा खुल जाता है। और कहता है। "क्या? लगता है। अब तुम्हें सच मे डॉक्टर के पास लेकर जाना पड़ेगा।" जिस पर जतिन पूछता है। "अच्छा ऐसा क्यों?" जिस पर विनय कहता है। "वहां पर पहले से ही एक शेल्टर है। और वह शेल्टर उत्तर दिशा में है। और हम जा रहे हैं काले कोवो का शिकार करने के लिए दक्षिण दिशा में। और उस शेल्टर का पूरे ब्लैक माउंटेन पर कंट्रोल है।


वहां के हर जानवर भी उस शेल्टर की बात मानता हैं। क्योंकि वह शेल्टर नहीं है। वह एक spirit temple है। मतलब वहां पर एक stage-2 के इंसान ने अपना कब्जा कर रखा है।" जिस पर जतिन पूछता है। "अगर वह spirit temple है। तो उस पर इंसान ने कब्जा कैसे कर रखा है।" जिस पर विनय कहता है। "जतिन अभी हम stage 1 पर हैं। तो हम human, super human, ultra human, के लेवल तक है। लेकिन जैसे ही हम stage-2 पर पहुंच जाएंगे। तो हम spirits के लेवल में आ जाएंगे। spirit के लेवल में हमें एक मंदिर मिलता हैं। जो कि हमारा स्पिरिट टेंपल होता है।" विनय की बात सुनकर जतिन कहता है।


"लेकिन सभी की फ्लैम तो हमेशा अलग रहती है। तो लेवल सबके एक क्यों रहते हैं?" जिसके जवाब में विनय कहता है। "जितना मुझे पता है। उस हिसाब से हमारे stage-2 तक सभी के लेवल एक रहते हैं। लेकिन हमेशा फ्लेम अलग रहती है। जिस कारण सभी को एक spirit temple जरूर मिलता है। और कोई भी stage-2 की स्पिरिट स्पिरिट मोड में भी जा सकती है। जिस कारण हम उन्हें मार नहीं सकते।" जिस पर जतिन कहता है। "इन्हें मारने का कोई तो उपाय होगा।"


जिस पर विनय कहता हैं। "हाँ एक उपाय है।" तभी जतिन कहता है। "तो बताओ।" जिस पर विनय कहता है। "देखो उपाय जानने की कितनी तलब लगी हुई है।" जिस पर जतिन कहता है। "विनय प्लीज़।" जिस पर विनय कहता हैं। "अच्छा तो सुनो। हमें उस स्पिरिट को मारने के लिए। उसके साथ - साथ हमें उसके स्पिरिट टेंपल को भी खत्म करना होगा।" विनय की बात सुनकर जतिन कहता है। "क्यों ना हम उसके स्पिरिट टेंपल को पहले तबाह कर दे। और फिर उसको मार दे।" जिस पर विनय कहता है। "हमें दोनों काम एक साथ करने होंगे।" विनय की बात सुनकर जतिन कहता है। "दोनों को एक साथ। यह करना तो लगभग असंभव है।" जतिन की बात सुनकर विनय कहता है। "सही कहा उनको मारना असंभव है। 


क्योंकि वह एक चलती फिरती आत्मा है। और आत्मा को कोई भी नहीं मार सकता।" जिस पर जतिन अपना मुक्का पेड़ पर मारते हुए कहता है। "क्या और कोई तरीका नहीं हो सकता इन को मारने का।" तभी जतिन की नजर उस पेड़ पर गई। जिसको जतिन ने अभी-अभी मुक्का मारा था। उस पेड़ पर जतिन ने किसी भी तरह की कोई भी शक्ति का प्रयोग नहीं किया था। लेकिन उस पेड़ को देखकर जतिन की आंखें चमक गई। और उस पेड़ को देखते हुए विनय से कहता है। "शायद एक तरीका हो सकता है उन्हें मारने का।" जिस पर विनय और अरुण दोनों पूछते हैं। "जतिन ऐसा कौन सा तरीका हो सकता है उन्हें मारने का?" जिस पर जतिन कहता है। "बताता नहीं हूं। सीधा करके ही दिखाता हूं।"


जतिन की बात सुनकर अरुण कहता है। "आज से नहीं नहीं बल्कि अभी से हम तुमसे कभी भी किसी भी तरह का कोई भी प्रश्न नहीं पूछेंगे। क्योंकि तुम हमें किसी भी प्रश्न का उत्तर ही नहीं देते।" जिस पर जतिन कुछ कहता नहीं सिर्फ हंसता है। जतिन कि इस तरह की हंसी को देखकर विनय कहता है। "जतिन जो कुछ भी करो सोच समझ कर करना।" फिर जतिन विनय की तरफ देखते हैं और हंसता हुए कहता है। "विनय क्या तुमने मैं अभी भी उतना ही पागल लगा लिया जितना मैं पहले लगता था।" तभी विनय कहता है। "उसमें लगाना क्या है।" और इतना कहकर विनय हँसने ने लग जाता है। विनय को इस तरह हंसते देखकर जतिन भी हँसने लग जाता हैं। और विनय और अरुण से कहता है। "तुम दोनों यहां पर तंबू लगाओ। तब तक मैं खाने का इंतजाम करता हूं।" फिर दोनों जतिन की तरफ देखते हुए कहते हैं। "हमारे पास तंबू पे लगाने के लिए कपड़ा नहीं है।" जिस पर जतिन कहता है।


"मुझे पता था। इस तरह की कोई मुसीबत आएगी। उसके लिए मैंने पहले से ही इंतजाम कर रखा था।" फिर जतिन अपना बैग खोलता है। और उसमें से एक फुट का लंबा और बड़ा बक्सा निकालता है। और अरुण को देते हुए कहता है। "इसमें तुम्हें एक कपड़ा मिल जाएगा जो कि बहुत बड़ा है। और मैं अब खाने का इंतजाम करने जा रहा हूं।" दोनों जतिन की बात सुनकर हाँ मे सिर हिलाते हैं। और तंबू लगाने के लिए बड़ी-बड़ी लकड़ी ढूंढने चले जाते हैं। उनको जाते हुए देखकर जतिन भी मरे हुए सियारों के झुंड की तरफ जाता है। और सियारों को देखते हुए कहता है। 


"वैसे तो मैं शाकाहारी हूं। लेकिन वो कहते हैं ना मुसीबत के समय गधे को भी बाप बनाना पड़ता है। इस पहाड़ी पर अब मैं गिया, लौकी, तोरी ढूंढने जाऊंगा तो मुझे वह तो मिलेंगे नहीं। लेकिन तुम्हारे जैसे और मिल जाएंगे। लेकिन तुमसे अलग क्योंकि वह जिंदा होंगे ना। और अगर मुझको वो ही मार कर खाने हैं। तो तुम पहले से ही मरे हुए हो। तो क्यों मैं अपना समय बर्बाद करू।" फिर जतिन वहां आसपास पढ़ी हुई छोटी छोटी लकड़ियों को  इकट्ठा करना शुरू कर देता है। और उन लकड़ियों को इकट्ठा करने के बाद। जतिन एक सियार को अपने कंधे पे लाता है। और फिर जतिन उसका बड़ी सफाई से मांस निकाल देता है। और फिर जतिन अपना बैग खोलकर कहता है। "मुझे आज अपने आप पर बहुत गर्व है।


" और फिर जतिन अपने बैग से एक पोर्टेबल कढ़ाई निकालता है। और फ़िर कुछ सोचने लग जाता है। और कहता है। "मेरे पास लकड़ी हो गई। कढ़ाई हो गई। ईट तो है ही नहीं यार।" फिर जतिन जल्दी से कहीं ना कहीं से 7 - 8 ईटों का जुगाड़ करता है। और फिर कहता है। "चलो ईटों का तो जुगाड़ हो गया।" तभी जतिन के कानों में एक झरने की आवाज आती है। जिस दिशा से जतिन को वह आवाज आ रही थी। उस दिशा में देखते हुए जतिन कहता है। "वाह ईटों के साथ-साथ पानी का भी जुगाड़ हो गया।" फिर जतिन सभी समान को इकट्ठा करता है। और एक चूल्हा लगाता है। और फिर उसमें उस सियार के मांस को पकाता है। और कहता है। "हमारे लिए स्वादिष्ट,  लजीज, हर्बल मास तैयार है।" विनय और अरुण दोनों तंबू में सोने के लिए बिस्तर लगा रहे थे। जतिन की बात सुनकर दोनों बार

आते हैं। और कहते हैं। "हर्बल मास यह कैसा मास है।" जिस पर जतिन कहता है। "पहली बात मैं कोई प्रोफेशनल कुक तो हूं नहीं। और दूसरी बात मेरे पास मसाले ही नहीं थे यार। इसी कारण आज खाओ तुम्हारे भाई के हाथ के बना हुआ हर्बल मास।" फ़िर जतिन वह मास दोनों को परोसता है। और कहता है। "खाकर बताओ कैसे बना है।" जिस पर दोनों अपने मुंह में एक एक मांस का टुकडा रखते हैं। वह टुकड़ा उनके मुंह में रखते के साथ पिघल जाता है। तभी जतिन दोनों से पूछता है। "कैसा बना है।" जिस पर दोनों कहते हैं।" खुद ही खा कर देख लो।" जतिन उनकी बातें सुनकर सोचता है। "कहीं खराब तो नहीं बना है।" जतिन को इस तरह सोचते हुए देखकर दोनों कहते हैं। "जतिन ज्यादा मत सोचो खा कर तो देखो।" 


फिर जतिन एक मास के टुकड़े को उठाता है। और अपने मुंह की तरफ करता है। और अपनी आंखें बंद कर कर उसे अपने मुंह में रख लेता है। और उसे खाकर कहता है। "यार यह मास किसने बनाया है। उसके तो मैं हाथ ही चूम लूं।" जिस पर अरुण और विनय कहते हैं। "तुम ही ने बनाया है।" जिस पर जतिन कहता हैं। "हा वह तो मुझे याद ही नहीं था।" फिर विनय जतिन से पूछता है। "emperor तुम तो कह रहे थे। तुम्हारे पास कोई मसाला नहीं है। तो मांस इतना स्वादिष्ट कैसे बना।" जिस पर जतिन कहता है। "मुझे नहीं पता। और वैसे भी तुम्हें गुठलिया खानी है या आम गिनने है।" जिस पर अरुण कहता है। "आम खाने है या गुठलीया गिन्नी है।


" जिस पर जतिन कहता हैं। "अच्छा ठीक है यार।" बार-बार ठीक मत किया करो। जिस पर अरुण और विनय हंसने लग जाते हैं। और पेट भर कर मांस खाने के बाद कहते है। "मास बहुत स्वादिष्ट था।" जिस पर जतिन कहता है। *शुक्रिया।" जतिन से इतना कहकर दोनों तंबू में सोने के लिए चले जाते हैं। फ़िर जतिन भी अपने हिस्से का मांस खाकर तंबू मे सोने के लिए चले जाता हैं। लेकिन जैसे ही आधी रात होती है। जतिन अपनी आंखें खोलता है। और उठता है। और तंबू से बाहर आकर कहता है। "अब समय आ गया।"